राज्यवार यूसीसी को लेकर सलमान खुर्शीद का तंज, बोले- इसे ‘स्टेट सिविल कोड’ कहा जाना चाहिए

गुजरात के समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी मिलने के बाद कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने भाजपा और उसके सहयोगी दलों द्वारा शासित राज्यों में अलग-अलग तरीके से यूसीसी लागू किए जाने को लेकर तंज कसा। उन्होंने कहा कि इसे ‘यूनिफॉर्म सिविल कोड’ के बजाय ‘स्टेट सिविल कोड’ कहा जाना चाहिए।;

Update: 2026-10-02 17:15 GMT

गुवाहाटी। गुजरात के समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी मिलने के बाद कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने भाजपा और उसके सहयोगी दलों द्वारा शासित राज्यों में अलग-अलग तरीके से यूसीसी लागू किए जाने को लेकर तंज कसा। उन्होंने कहा कि इसे ‘यूनिफॉर्म सिविल कोड’ के बजाय ‘स्टेट सिविल कोड’ कहा जाना चाहिए।

गुजरात विधानसभा ने मार्च में यूसीसी विधेयक पारित किया था। इसका उद्देश्य धर्म की परवाह किए बिना विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, विरासत और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे व्यक्तिगत नागरिक मामलों के लिए एक समान कानूनी ढांचा स्थापित करना है।

गुवाहाटी में आईएएनएस से बातचीत में सलमान खुर्शीद ने कहा, "यूनिफॉर्म सिविल कोड कहां है? हर राज्य का अलग यूसीसी है, तो इसे यूसीसी क्यों कहा जाए? इसे ‘स्टेट सिविल कोड’ कहा जाना चाहिए।"

उन्होंने कहा, "असम में जो लागू किया जा रहा है, वह दूसरे (भाजपा/एनडीए शासित) राज्य में लागू नहीं है। वहां जो लागू किया जा रहा है, वह गुजरात में लागू नहीं है। हर जगह अलग-अलग कोड बनाए जा रहे हैं और उन्हें यूसीसी कहा जा रहा है। अलग-अलग कोड को एक ही नाम कैसे दिया जा सकता है?"

उत्तराखंड में यूसीसी लागू किए जाने के खिलाफ नैनीताल हाईकोर्ट में दाखिल कई रिट याचिकाओं और जनहित याचिकाओं (पीआईएल) का जिक्र करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि इस मामले में हाईकोर्ट का फैसला क्या होता है, यह देखना होगा।

वहीं, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के नेता इंद्रेश कुमार ने यूसीसी को धार्मिक सौहार्द कायम करने के लिए महत्वपूर्ण बताया। आईएएनएस से बातचीत में उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता ऐसा कानून है, जो हर धर्म की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करता है।

उन्होंने कहा, "मान लीजिए दो धर्मों या उनके संप्रदायों के बीच किसी तरह का तनाव है, जैसे मुस्लिमों में शिया और सुन्नी के बीच। कानून यह सुनिश्चित करता है कि दोनों संप्रदाय एक-दूसरे पर अत्याचार न करें, बल्कि मिल-जुलकर रहें।"

उन्होंने कहा कि इसी तरह का संरक्षण और सम्मान सनातन धर्म या किसी अन्य धर्म के भीतर किसी भी तरह के तनाव की स्थिति में भी यूसीसी सुनिश्चित करता है।

यूसीसी के आलोचकों को संबोधित करते हुए इंद्रेश कुमार ने कहा कि यह सभी धर्मों और उनके संप्रदायों को सुरक्षा और सम्मान देता है, ताकि कोई किसी दूसरे के साथ अत्याचार या अन्याय न कर सके। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को अपने धर्म का पालन करना चाहिए, दूसरे के धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए और साथ ही सभी धर्मों का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यही यूसीसी का उद्देश्य है।

Tags:    

Similar News