बालको चिमनी हादसे में 41 नहीं 56 श्रमिकों की हुई थी मौत?

बालको में 8 साल पहले हुए चिमनी हादसे की आज बरसी पर श्रमिक यूनियन ऐक्टू के दावे ने बालको प्रबंधन और श्रमिक संघों सहित कामगारों में हड़कम्प मचा दी है

Update: 2017-09-25 12:21 GMT

कोरबा। बालको में 8 साल पहले हुए चिमनी हादसे की आज बरसी पर श्रमिक यूनियन ऐक्टू के दावे ने बालको प्रबंधन और श्रमिक संघों सहित कामगारों में हड़कम्प मचा दी है। ऐक्टू के अध्यक्ष ने दावा किया है कि हादसे में मृतकों की संख्या 41 नहीं बल्कि  56 थी। रेस्क्यू टीम ने छप्पन मृतकों की सूची कलेक्टर को सौंपी थी,  लेकिन उन्होंने केवल 41 लोगों की मौत की घोषणा की थी। 

बालको के निर्माणाधीन 1200 मेगाावाट क्षमता वाले विद्युत संयंत्र में 23 सितम्बर 2009 को हुए चिमनी हादसा के मामले में यह खुलासा क्या और कितना रंग लाएगा, यह तो वक्त की बात है परंतु इसमें सच्चाई हुई तो यह एक बड़ा मुद्दा होगा। बालको ऐक्टू के अध्यक्ष बी.एल.नेताम ने दावा किया है कि हादसे के बाद रेस्क्यू के दौरान 56 श्रमिकों के शव मलवे से बरामद किये गये थे। मृतकों की गिनती उन्होंने स्वयं की थी और कलेक्टर को लिस्ट सौंपी थी। श्री नेताम ने इतने वर्षों तक मृतकों की संख्या को लेकर खामोशी का कारण बताया कि वे समय-समय पर इस बात को पहले भी कहते रहे हैं।

उन्होंने बताया कि 2009 में दुर्घटना के बाद उन्हें बताया गया था कि मृतकों की संख्या को कम घोषित करना होगा अन्यथा फैक्ट्री एक्ट के तहत बालको संयंत्र को बंद किया जा सकता है। इसी वजह से उन्होंने मृतक संख्या पर कोई सवाल खड़ा नहीं किया। उन्होंने कहा कि यह विषय गंभीर है और इसकी जांच की जानी चाहिए। ऐक्टू नेता के इस दावे के बाद जांच पर प्रश्न चिन्ह लग गया है। हादसे की जांच न्यायाधीश संदीप बख्शी आयोग ने भी की थी और सभी स्तर पर मृतक संख्या 41 ही बतायी गयी है। बख्शी आयोग की जांच रिपोर्ट में बालको प्रबंधन को दुर्घटना के लिए दोषी बताया गया था। दुर्घटना का कारण गुणवत्ताहीन सामाग्री का उपयोग किया जाना था। जांच आयोग की रिपोर्ट को विधानसभा में भी रखा गया मगर प्रबंधन के खिलाफ अब तक राज्य शासन ने कोई कार्रवाही नहीं  की है। 

आठ वर्ष बाद क्यों याद आई: रंजन

इस संबंध में बालको के कंपनी संवाद प्रमुख आशीष रंजन से संपर्क करने पर उन्होंने कहा कि  प्रबंधन, प्रशासन और शासन को अच्छी तरह से पता है कि चिमनी दुर्घटना में कितनी मौत हुई थी। इस संबंध में उन्हें कुछ नहीं कहना है लेकिन आठ वर्ष बाद ऐक्टू नेता को मृतकों की संख्या क्यों याद आई, जरूर जानना चाहेंगे। 

चिमनी हादसे के शहीदों को दी श्रद्धांजलि 

बालको चिमनी हादसे के शहीदों की याद में आजाद चौक परसाभाठा में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। एटक के कामरेड लालमन सिंह, धर्मेंद्र सिंह, धर्मेंद्र तिवारी, पी के वर्मा प्रकाश दास, सुनील सिंह, अनूप सिंह, अमित मंडल, ताराचंद कश्यप, रामायण यादव, सैय्यद निजामुद्दीन, चंद्रकुमार, मिथुन, राजेश तिवारी,आदित्य कुमार द्विवेदी, धर्मेंद्र यादव, कोमल नामदेव, नरेंद्र कुमार देवांगन, वाय नरेश पंचानन, रामदेव, कुमार साहू ,लीलाधर बरेठ, देवनारायण, पीला दास, कृष्ण सोनी, प्रभु राम गेंदले, चंदन कुमार, दिलीप यादव, फुलेन्दर पासवान, अविनाश सिंह, तवरेज अहमद, वकील राम, संतोष, शिवरतन सिंह, इंद्राणी, राम सिंह, बबली बरेठ, राजकुमारी सतनामी, भूरीबाई, अजय दास, एचएमएस से लखनलाल सहीस, मांधाता मिश्रा, बीएमएस से वाई के वर्मा, वीके तिवारी, अनिल दुबे, सुरेंद्र शर्मा, बालको कर्मचारी एकता मंच से विश्वजीत मंडल, छत्तीसगढ़ श्रमिक एकता संघ से पवन शर्मा, बालको आउटसोर्स ठेका मजदूर यूनियन से सुशील निर्मलकर सहित सैकड़ों की तादात में महिला-पुरुष उपस्थित हुए। सभी ने चीमनी हादसे में शहीद हुए मजदूरों को श्रद्धा सुमन अर्पित कर व मोमबत्ती जलाकर श्रद्धांजलि दी।

Tags:    

Similar News