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5 नर्सों के भरोसे 414 बिस्तर का मेडिकल कॉलेज

अम्बिकापुर ! बहुत से लोग सोचते हैं कि स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति डॉक्टर होता है, लेकिन यह पूरी तरह सच नहीं है।

5 नर्सों के भरोसे 414 बिस्तर का मेडिकल कॉलेज
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दीपक सराठे

आज नर्सिंग डे पर विशेष
अम्बिकापुर ! बहुत से लोग सोचते हैं कि स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति डॉक्टर होता है, लेकिन यह पूरी तरह सच नहीं है। वो नर्स है जो हमारे सभी चिकित्सा संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं और जो मरीजों के सुरक्षा और देखभाल के लिये जिम्मेदार होती हैं। नर्से किसी भी बीमारी से पीडि़त रोगियों को उचित सेवाएं और सुविधाएं प्रदान करने के लिये तैयार होती हैं। नर्सें मरीजों के बारे में हर जानकारी इकट्टा कर रोगी की उनकी शारीरिक स्थिति के अनुसार इलाज करती हैं। ऐसे में अगर कहीं 414 बिस्तर वाले अस्पताल में मात्र 5 नर्सें हो तो समझा जा सकता है कि वे नर्स किस तरह से अपनी जिम्मेदारियों का वहन करती होंगी। हम बात कर रहे हैं अम्बिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल की। जहां रात के समय पूरे अस्पताल में महज पांच नर्सों द्वारा मरीजों की देखभाल की जाती है। पूरे अस्पताल में नर्सों की वर्तमान संख्या 54 है। जबकि 414 बिस्तर के अस्पताल में लगभग नर्सों की संख्या 170 के करीब होनी चाहिये।
दिन के समय में भी स्टाफ की कमी होने के बावजूद अनी तत्परता व तन्मयता के साथ मरीजों का ख्याल रखने वाली नर्सें ही होती हैं। वहीं रात के समय महज पांच नर्स पूरे वार्डों में दाखिल मरीजों की देख-रेख करती हैं। इस परिस्थितियों में कभी गंभीर मरीज आ जायें तो भी उस मरीज का पूरा ख्याल नर्सों द्वारा ही रखा जाता है।
कहा जा सकता है कि साधन व सुविधा के अभाव में मेडिकल कॉलेज अस्पताल अम्बिकापुर की नर्सें अपनी जिम्मेदारी का वहन पूरे धैर्य व क्षमता के साथ कर रही हैं।
लगते रहे हैं कई आरोप
स्टाफ की कमी के कारण मौजूदा नर्सों की संख्या से अकसर सही समय पर नर्सें मरीज तक नहीं पहुंच पाती। इससे न सिर्फ नर्सों को मरीज के परिजनों की खरी-खोटी सुननी पड़ती है, बल्कि उन पर लापरवाही के भी कई आरोप लगते रहते हैं। ऐसे में भी नर्सें अपने काम को बखूबी सेवा भाव से निभा रही हैं।
आज होगा सेलीब्रेशन
अंतर्राष्ट्रीय नर्सिंग डे पर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में नर्सों की इसी सेवा भाव को देखते हुये अस्पताल के हॉल में सेलीब्रेशन का कार्यक्रम रखा गया है। दोपहर 1 बजे से 3 बजे के बीच नर्सें नर्सिंग-डे पर खुशियां मनायेंगी। इसके साथ ही स्वेच्छिक रक्तदान के विषय में भी नर्सें विचार कर रही हैं। संभवतरू उनके द्वारा रक्तदान भी किया जा सकेगा।
आज नर्सिंग डे पर विशेष


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