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शराब नीति को फिर दी जाएगी हाईकोर्ट में चुनौती

बिलासपुर ! नई आबकारी नीति को लेकर समाजसेवी ममता शर्मा ने फिर से सरकार पर सवाल उठाया और कहा कि मुख्य सचिव तथा आयुक्त को कैसे आबकारी नीति का पालन कराने जवाबदारी दे दी गई।

शराब नीति को फिर दी जाएगी हाईकोर्ट में चुनौती
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समाजसेवी ममता शर्मा सहित अनेक वक्ताओं ने सरकार को जमकर कोसा
सर्वदलीय मंच का नेहरु चौक में धरना प्रदर्शन

बिलासपुर ! नई आबकारी नीति को लेकर समाजसेवी ममता शर्मा ने फिर से सरकार पर सवाल उठाया और कहा कि मुख्य सचिव तथा आयुक्त को कैसे आबकारी नीति का पालन कराने जवाबदारी दे दी गई। सरकार जिस ढंग से शहर व गांवों में शराब दुकान खोलने की तैयारी कर रही है इसे फिर से हाईकोर्ट में चुनौती देंगे।
प्रदेश में पूर्ण शराब बंदी को लेकर आज सर्वदलीय मंच ने नेहरु चौक पर धरना दिया। तथा रैली निकालकर राष्ट्रपति के नाम प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। धरने में प्रमुख रुप से ममता शर्मा, जोगी कांग्रेस से शहजादी कुरैशी, संतोष दुबे, विकास, पूर्ण शराब बंदी मंच के संयोजक राधेश्याम शर्मा, जसबीर सिंह, संतोष कौशिक, श्याममूरत कौशिक, मोतीलाल, सुधीर सिसोदिया आदि ने आबकारी नीति पर सवाल उठाए तथा प्रदेश में पूर्ण शराब बंदी अब तक देश में आबकारी एक्ट के तहत् ठेकेदारों को लाईसेंस जारी कर शराब बिक्री की जाती थी।
सरकार को करोड़ों का राजस्व प्राप्त होता था लेकिन यहां तो प्रदेश की भाजपा सरकार ने आबकारी एक्ट को ताक में रखकर दुकान बनाना शुरू कर दी है। एक मार्च को राजपत्र में सरकार ने नए नियम जारी किए लेकिन राजपत्र में प्रकाशन के पहले ही सरकार ने सभी पंचायतों, नगर निकाय, नगर पालिका को पत्र भेजकर किन नियमों के तहत शराब दुकान के लिए भवन बनाने के निर्देश सरकार ने दिए हैं। मुख्य सचिव व आईएएस आईपीएस अफसरों को शराब बेचने की छूअ दे दी। अब शिकायत करने जनता किसके पास जाएगी। क्या अफसर अपने खिलाफ शिकायत की जांच करेंगे? ममता शर्मा ने आरोप लगाया कि अवैध रुप से गांव-गांव में शराब दुकानों के लिए भवन तैयार किया जा रहा है। दुकानों के लाइसेंस किन नियमों के तहत जारी किए जाएंगे। आज नेहरु चौक पर आंदोलन में पहुंंची ममता ाश्र्मा ने कहा कि अब वे फिर से शराब नीति के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका लगाएंगी। प्रदेश में हालात बिगड़ रहे हैं। गांव-गांव में शराब नीति का विरोध हो रहा है। वहीं दूसरी ओर धरना सभा में जोगी कांग्रेस की शहजादी कुरैशी ने कहा कि प्रदेश में जिन हाथों में सरकार ने राशनकार्ड दिए थे अब वहीं महिलाएं डंडा लेकर सडक़ों पर निकल रही है। प्रदेश में पुरजोर विरोध हो रहा है। प्रदेश भर में शराब बंदी को लेकर लगातार आंदोलन जारी रहेगा। आज के धरना आंदोलन में ईश्वर चंदेल, सुधीर सिसोदिया, रफीक सिद्धिकी विजय शर्मा, विद्यानंद कुशवाहा, मोतीलाल माखिजा, राजकुमार विश्वकर्मा, मणीशंकर पाण्डेय, दीपक राजपूत, विकास दुबे, विक्रांत तिवारी, राधा श्रीवास, कमलेश यादव, विनीता सिंह,मुरारी सिंह, त्रिभुवन साहू, हेमंत धु्रव, आशुतोष द्विवेदी, अशोक गभेल, नरेन्द्र चौबे समेत अनेक महिलाएं धरने पर बैठी तथा रमन सरकार को जमकर कोसा।
घनी आबादी के बीच शराब दुकान
देवरीखुर्द ग्राम पंचायत में प्रशासन द्वारा चेकडेम के पास घनी आबादी के बीच शराब दुकान के लिए भवन का निर्माण किए जाने पर ग्राम पंचायत तथा ग्रामीणों ने विरोध जताया है। गांव की सरपंच श्रीमती भारती पर्ते तथा उपसरपंच ब्रम्हदेव समेेत सभी पंचों ने आज कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर दुकान के निर्माण पर रोक लगाने की मांग की है। गांव की सरपंच श्रीमती भारती परते एवं ब्रम्हदेव ठाकुर ने कहा है कि 30 हजार की आबादी वाले देवरीखुर्द ग्राम पंचायत में पूर्व में भी शराब बंदी की मांग की गई थी। पहले भी शराब भ_ी का गांव वालों ने विरोध किया था किसी भी हालत में शराब दुकान नहीं खुलना चाहिए। सरपंच, उपसरपंच के अलावा गांव के पंच बैसाखूराम कोल, सुमित्रा देवी, फरीदा बेगम, दुर्गा देवी, गोपी, जानी भाई, विवेक, नीतेश समेत अनेक ग्रामीणों ने कहा है कि शराब दुकान गांव से दूर होना चाहिए। आबादी के बीच दुकान का निर्माण किया जाना उचित नहीं है। आंदोलन की चेतावनी दी है।
राष्ट्रपति से सरकार पर कार्रवाई की मांग
पूर्ण शराब बंदी मंच के संयोजक शहर के राधेश्याम शर्मा ने राष्ट्रपति को पत्र भेजा है। कलेक्टर के माध्यम से भेज पत्र में राधेश्याम ने कहा कि संविधान का परिपालन करने हेतु देश में पूर्ण रुप से शराबबंदी होना चाहिए तथा मादक पदार्थों की बिक्री को प्रतिबंधित किया जाए। उन्होंने संविधान की धारा 47 के तहत राज्य के नीति निर्देशक तत्व में नागरिकों की जीवन स्तर को सही बनाने के लिए पोषाहार के लिए मादक पदार्थों का औषधि प्रयोजन में उपयोग किया जाना सुनिश्चित किया जाए तथा राज्य व केन्द्र सरकार व्यापार को रोकें। प्रदेश में पूर्ण शराब बंदी के साथ ही राज्यों में नियमों का पालन नहीं करने वाले सरकार पर भी कार्रवाई की मांग की है। मुख्य न्यायाधीश प्रधानमंत्री लोकसभा अध्यक्ष, राज्यपाल एवं सभी राज्यों के मुख्यमंत्री, हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश समेत राज्यपाल व विधायकों को पत्र भेजा है।


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