चूक गए अखिलेश, विपक्ष को दिया मुद्दा
लखनऊ ! विधानसभा चुनाव में चल रही अच्छी खासी लड़ाई को समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो अखिलेश यादव के बयान ने कुछ ऐसे उलझा दिया कि उनकी ही पार्टी उसमें फंसती नजर आ रही है।

लखनऊ ! विधानसभा चुनाव में चल रही अच्छी खासी लड़ाई को समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो अखिलेश यादव के बयान ने कुछ ऐसे उलझा दिया कि उनकी ही पार्टी उसमें फंसती नजर आ रही है। तीसरे चरण के बीच मतदान मुख्यमंत्री के बयान को विपक्ष ने आग का गोला बनाते हुए सपा पर ही फेंकना शुरू कर दिया है और सपा नेताओं को बचाव के औजार नहीं मिल रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तो भाजपा की आज की रैली में इस बयान को केंद्र में रखकर ऐसा शंखनाद किया कि लोगों का ध्यान इसी गुणा-गणित पर केंद्रित होता जा रहा है और तो और बसपा नेता भी अखिलेश के इस बयान पर हमलावर हैं। सियासी पंडित इसे अखिलेश की बड़ी चूक बताने में जुट गए हैं और यह भविष्यवाणी करने से भी नहीं मान रहे कि हमलों के जवाब में उनके पास कहने को शायद कुछ नहीं है। अखिलेश यादव ने बुंदेलखंड में यह कह दिया कि इस चुनाव में समाजवादी पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरेगी। उनके इस बयान पर इतना बतंगड़ बना कि माहौल जंगल में आग की तरह हो गया। रविवार की दोपहर विजय शंखनाद रैली को संबोधित करने फतेहपुर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अखिलेश यादव के बयान का ऐसा पोस्टमार्टम करना शुरू किया कि उसे सुनकर रैली में तालियों की गडग़ड़़ाहट गगनभेदी बनती दिखी। मोदी ने कहा कि चुनाव की शुरुआत में अखिलेश यादव ने कहा कि हम किसी से समझौता नहीं करेंगे, सपा अकेले सरकार बनाने में सक्षम है। अचानक ऐसा क्या हो गया कि बीच चुनाव उन्होंने अपना एक साथी बना लिया। फिर कहने लगे कि अब उनके साथ सपा और मजबूत हो गई है। चुनाव के दो चरण बीतने के बाद उनका आत्म विश्वास इस कदर डगमगाया कि परिणाम आने से पहले ही हार मान ली और आज यह कह दिया कि सपा सबसे बड़ी पार्टी होगी। प्रधानमंत्री के इस भाषण का जबर्दस्त असर रैली में ही देखने को मिला, जब वहां आई भीड़ ने इस पर गगनभेदी तालियां बजाईं। भाजपा कार्यकर्ताओं ने तीसरे चरण के मतदान के बीच ही लोगों के बीच यह बात पहुंचाने की कोशिश की कि समाजवादी पार्टी ने अभी से हार मान ली है। वह मतदान करने जा रहे लोगों को अखिलेश यादव का वह बयान बताने में लगे रहे। कुछ ने तो मोबाइल पर मतदाताओं को उसे दिखाया भी। कहा जाता है कि इसका मतदान पर असर पडऩा तय है। अब जो भी हो, लेकिन शाम को भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के प्रभारी ओम माथुर ने भी प्रधानमंत्री की बात दोहराई।
कहा, कि सपा तो अपने गढ़ में ही हार गई। माथुर ने इसी के साथ अपना बयान बदलते हुए लगे हाथ यह भी कह दिया कि सपा ने अपनी हार मान ही ली है। अब उनका मुकाबला बसपा से होगा। उधर बसपा नेताओं ने भी मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के बयान की खिल्ली उड़ाई और कहा कि हम तो पहले ही कह रहे थे कि हम सपा के गुंडाराज का खात्मा करके दम लेंगे। दूसरी ओर, सपा प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने भी अपनी प्रेस कांफ्रेंस में मोदी और अमित शाह पर विवादित बयान दे दिया। कहा कि मोदी और अमित शाह आतंकवादी हैं। ये दोनों ही लोकतंत्र में दहशत पैदा कर रहे हैं। लोकतंत्र को दूषित कर रहे हैं। यूपी की जनता इसका बदला लेगी और इनका यहां बिहार से बुरा हाल होगा। इस बयान की भी लोगों के बीच प्रतिक्रिया हो रही है। बयान को लेकर भाजपा उपाध्यक्ष ओम माथुर ने कहा भी हम नहीं, जनता इसका जवाब दे रही है।
गायत्री प्रजापति के लिए वोट मांगेंगे मुलायम-अखिलेश
अमेठी। सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद भले ही भाजपा और बसपा के निशाने पर समाजवादी पार्टी (सपा) की सरकार आ गई हो लेकिन सपा गायत्री प्रसाद के बचाव में खुलकर सामने आ गई है। अमेठी सीट से सपा उम्मीदवार के समर्थन में राज्य के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ ही सपा के संरक्षक मुलायम सिंह यादव भी प्रचार के लिए अमेठी पहुंचेंगे। सपा जिलाध्यक्ष छोटेलाल यादव ने बताया, मुख्यमंत्री की पहली जनसभा 20 फरवरी को गौरीगंज विधानसभा के नंदमहर में होगी। साथ ही अखिलेश अमेठी के गायत्री प्रजापति के लिए रामलीला मैदान अमेठी में जनसभा को संबोधित करेंगे और समर्थन मांगेंगे।
इसके बाद 23 फरवरी को अमेठी के रामलीला मैदान में सपा के संरक्षक मुलायम सिंह यादव भी गायत्री प्रसाद को जीताने की अपील करेंगे। मुलायम सिंह यादव ने अभी तक सिर्फ सपा प्रत्याशी गायत्री प्रसाद प्रजापति के लिए वोट मांगेंगे। गौरतलब है कि सपा प्रत्याशी गायत्री को लेकर मुलायम काफी चर्चा में रहे। माना जा रहा है कि मुलायम अमेठी के साथ ही गौरीगंज प्रत्याशी राकेश प्रताप सिंह के लिए समर्थन जुटाएंगे।


