बदुरिया हिंसा मामले में अहलूवालिया ने प्रशासनिक ढिलाई की निंदा की
दार्जिलिंग लोकसभा सीट से सांसद अहलूवालिया ने बदुरिया में हुई हिंसा को काबू में करने के लिए प्रशासनिक ढिलाई पर रोष जताते हुए कहा कि राज्य सरकार दार्जिलिंग में सैन्य कार्रवाई के आदेश देने में तत्पर थी
नयी दिल्ली। पश्चिम बंगाल की दार्जिलिंग लोकसभा सीट से सांसद एस एस अहलूवालिया ने पश्चिम बंगाल में उत्तरी 24 परगना जिले के बदुरिया में हुई हिंसा को काबू में करने के लिए प्रशासनिक ढिलाई पर रोष जताते हुए आज कहा कि राज्य सरकार दार्जिलिंग हिल्स में सैन्य कार्रवाई के आदेश देने में अधिक तत्पर थी।
भारतीय जनता पार्टी के सांसद अहलूवालिया ने यहां यूनीवार्ता से कहा,“ बदुरिया में स्थिति गंभीर है। मैंने केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से बात की है और उनसे केन्द्रीय हस्तक्षेप तथा जरूरत होने पर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों को मौके पर भेजने का आग्रह किया है।
” संसदीय मामले और केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री अहलूवालिया ने कहा कि वह बदुरिया क्षेत्र में विकास की गति को बनाये रखेंगे। उन्होंने कहा कि दार्जिलिंग में सैन्य तैनाती पर बहुत तत्परता दिखायी गयी जहां लोग भाषा मुद्दे पर विरोध कर रहे थे लेकिन यहां ऐसी मुस्तैदी नहीं दिखायी गयी।
सूत्रों ने यहां बताया कि फेसबुक पर एक ‘आपत्तिजनक’ पोस्ट को लेकर बसीरहाट अनुमंडल के बदुरिया में कल दो समुदायों के सदस्यों के बीच हिंसा भड़क गई थी। स्थिति पर काबू पाने के लिए अर्धसैनिक बलाें के लगभग 300 जवानों को वहां भेजा गया।
अहलूवालिया ने कहा,“ मैं कल देर रात तक कुछ स्थानीय पुलिस अधिकारियों के संपर्क में था। स्थिति खतरनाक हो सकती थी लेकिन लोगों ने शांति बनाये रखी।” उन्होंने बीएसएफ के अधिकारियों से सतर्कता बढ़ाने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि बनर्जी ने राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी के खिलाफ जो आरोप लगाये है वे दुर्भाग्यपूर्ण है। बनर्जी ने कल राज्यपाल की निंदा करते हुए कहा आरोप लगाया था कि राज्यपाल ने उन्हें धमकी दी हैं।
उन्होंने कहा था,“राज्यपाल ने मुझे फोन पर धमकी दी है। राज्यपाल संवैधानिक पद पर होने के बावजूद भाजपा के पक्ष में बाेल रहे है। मैंने उनसे कह दिया है कि वह इस तरह से बात नहीं कर सकते है।”


