खनिज और दिवाला विधेयकों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष में ठनी, कार्यवाही स्थगित
खनिज विधि (संशोधन) विधेयक और दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता (संशोधन ) विधेयकों को लेकर राज्यसभा में सत्ता पक्ष-विपक्ष के बीच सहमति न बन पाने के कारण भोजनावकाश के बाद दो बार कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।

नयी दिल्ली। खनिज विधि (संशोधन) विधेयक और दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता (संशोधन ) विधेयकों को लेकर राज्यसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सहमति नहीं बन पाने के कारण भोजनावकाश के बाद दो बार कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
भोजनावकाश के बाद उप सभापति हरिवंश ने जब इन विधेयकों पर चर्चा शुरू करानी चाही तो विपक्षी सदस्यों ने यह कहते हुए इसका कड़ा विरोध किया कि ये दोनों विधेयक सदन के सुबह जारी किये गये विधायी कामकाज के एजेंडे में सूचीबद्ध नहीं थे और इन्हें पूरक सूची में शामिल किया गया है। सदस्यों ने विधेयक पर कोई तैयारी नहीं की है।
सत्ता पक्ष की ओर से संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि ये दोनों विधेयक अध्यादेशों का स्थान लेंगे और इनकी अवधि गुरूवार को समाप्त हो रही है। उन्होंने कहा कि यदि इन्हें पारित नहीं किया गया तो अध्यादेश निष्प्रभावी हो जायेंगे। उन्होंने सदस्यों से इन्हें पारित करने की अपील की। सरकार की ओर से यह माना गया कि इन विधेयकों को पूरक विषय सूची के बजाय सुबह के एजेंडे में शामिल किया जाना चाहिए था।
श्री हरिवंश ने भी कहा कि यदि ये विधेयक पारित नहीं होते हैं तो प्रशासनिक संकट पैदा हो जायेगा इसलिए सदस्य इन्हें पारित कराने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि ये विधेयक लोकसभा में शुक्रवार को ही पारित किये गये थे और राज्यसभा के स्थगित होने के कारण सदस्यों को इसकी जानकारी नहीं दी जा सकी।
विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि विपक्ष दोनों विधेयकों को पारित कराने के लिए तैयार हैं लेकिन गुरूवार सुबह इन पर चर्चा करायी जानी चाहिए और इस तरह ये दोनों भोजनावकाश से पहले पारित हो जायेंगे।
दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बनने पर कार्यवाही पहले 20 मिनट के लिए 3 बजकर 10 मिनट और फिर 3 बजकर 25 मिनट तक स्थगित करनी पड़ी।


