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वाईएसआरसीपी सांसद ने आंध्र प्रदेश में ईंधन संकट पर केंद्र से हस्तक्षेप की मांग की

वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के सांसद वाई.एस. अविनाश रेड्डी ने आंध्र प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की जारी कमी को लेकर केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है

वाईएसआरसीपी सांसद ने आंध्र प्रदेश में ईंधन संकट पर केंद्र से हस्तक्षेप की मांग की
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अमरावती। वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के सांसद वाई.एस. अविनाश रेड्डी ने आंध्र प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की जारी कमी को लेकर केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

कडप्पा से सांसद अविनाश रेड्डी ने पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव नीरज मित्तल को पत्र लिखकर राज्य में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति में कमी तथा पिछले कुछ दिनों से एलपीजी की कथित अनैतिक कीमतों के कारण जनता को हो रही भारी परेशानियों की ओर ध्यान आकर्षित किया।

सांसद ने सवाल किया कि पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से देशभर में पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त उपलब्धता का दावा किए जाने के बावजूद आंध्र प्रदेश में मांग और आपूर्ति के बीच इतना बड़ा अंतर क्यों है।

उन्होंने मंत्रालय के उस बयान का भी उल्लेख किया, जिसमें कहा गया था कि सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों के आउटलेट्स पर खुदरा कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। घरेलू एलपीजी, पीएनजी और सीएनजी की आपूर्ति 100 प्रतिशत क्षमता के साथ जारी है तथा नागरिक घबराहट में खरीदारी न करें, क्योंकि सरकार ईंधन उपलब्धता बनाए रखने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है।

अविनाश रेड्डी ने पत्र में लिखा कि राज्य में बड़ी संख्या में पेट्रोल पंप बंद पड़े हैं और वहां ‘नो स्टॉक’ के बोर्ड लगे हुए हैं। राज्य के 4,510 पेट्रोल पंपों में से करीब 70 प्रतिशत या तो बंद हैं या गंभीर कमी का सामना कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, “कई इलाकों में ईंधन राशनिंग की जा रही है। कारों को केवल 10 से 15 लीटर डीजल दिया जा रहा है, जबकि दोपहिया वाहनों को 200 रुपये तक का पेट्रोल ही दिया जा रहा है। यह भी महत्वपूर्ण है कि पड़ोसी राज्यों तमिलनाडु, कर्नाटक और महाराष्ट्र में ऐसी कोई कमी की खबर नहीं है।”

सांसद ने आरोप लगाया कि इस “कृत्रिम रूप से पैदा की गई कमी” से राज्य का कृषि क्षेत्र, मत्स्य पालन क्षेत्र, सड़क परिवहन और अंतिम छोर तक कारोबार करने वाले छोटे व्यवसाय गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं।

उन्होंने कहा कि इस संकट ने न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाया है, बल्कि समाज के हर वर्ग के लोगों, खासकर गरीब और वंचित तबकों के दैनिक जीवन को भी प्रभावित किया है।

अविनाश रेड्डी ने आरोप लगाया, “इस स्थिति से यही निष्कर्ष निकलता है कि यह कृत्रिम रूप से पैदा किया गया संकट है, जिसमें राज्य सरकार लोगों को राहत देने के बजाय जमाखोरों के साथ मिलीभगत कर रही है और राज्य को नुकसान पहुंचा रही है।”

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ तेल विपणन कंपनियां वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों की कीमतें बढ़ाने के बावजूद आपूर्ति घटा रही हैं। साथ ही ईंधन और एलपीजी सिलेंडरों की बड़े पैमाने पर जमाखोरी और कालाबाजारी हो रही है।

इस बीच, वाईएसआरसीपी ने राज्यभर में पेट्रोल और डीजल की कमी के खिलाफ प्रदर्शन किया। पार्टी नेता देविनेनी अविनाश ने विजयवाड़ा में रस्सी से ऑटो-रिक्शा खींचकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने नेहरू रोड स्थित एक पेट्रोल पंप पर प्रदर्शन का नेतृत्व किया।

देविनेनी अविनाश ने चंद्रबाबू सरकार को अक्षम बताते हुए कहा कि सरकार जनता को पेट्रोल और डीजल जैसी बुनियादी सुविधा तक उपलब्ध कराने में विफल रही है।


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