वाईएसआर कांग्रेस काल की नियुक्ति पर उठे सवाल
आंध्र प्रदेश जर्नलिस्ट्स यूनियन फॉर प्रिंट एंड इलेक्ट्रॉनिक मीडिया (एपीजेयू) ने वाईएसआरसीपी सरकार के दौरान राज्य के राष्ट्रीय मीडिया सलाहकार के रूप में एक गैर-राज्य व्यक्ति की नियुक्ति और तेलंगाना आधारित कुछ समाचार पत्रों को सरकारी विज्ञापन जारी करने में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की है

एपीजेयू ने मीडिया सलाहकार की जांच की मांग की
- तेलंगाना के अखबारों को सरकारी विज्ञापन पर विवाद
विजयवाड़ा। आंध्र प्रदेश जर्नलिस्ट्स यूनियन फॉर प्रिंट एंड इलेक्ट्रॉनिक मीडिया (एपीजेयू) ने वाईएसआरसीपी सरकार के दौरान राज्य के राष्ट्रीय मीडिया सलाहकार के रूप में एक गैर-राज्य व्यक्ति की नियुक्ति और तेलंगाना आधारित कुछ समाचार पत्रों को सरकारी विज्ञापन जारी करने में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की है।
एपीजेयू के महासचिव सीएच पूर्णचंद्र राव और अमरावती कैपिटल रीजन अध्यक्ष पोक्कुलुरी सुब्बा राव ने सोमवार को जारी संयुक्त बयान में सलाहकार के खर्च, नियुक्त स्टाफ और राज्य को हुए लाभ का पूरा विवरण सार्वजनिक करने की मांग की।
उन्होंने आरोप लगाया कि उक्त व्यक्ति, जो कथित रूप से तेलंगाना से था, राज्य विभाजन आंदोलन के दौरान हैदराबाद में आंध्र के पत्रकारों के मान्यता में बाधा डाल चुका था।
एपीजेयू ने कहा कि ऐसे इतिहास के बावजूद तत्कालीन वाईएसआरसीपी सरकार ने उसे नियुक्त किया, जिससे विजयवाड़ा के वरिष्ठ पत्रकारों का अपमान हुआ।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दो कम प्रसार वाले तेलंगाना के समाचार पत्रों को नियमित रूप से तथा विशेष अवसरों पर भारी मात्रा में सरकारी विज्ञापन दिए गए। उन्होंने इस पर हुए कुल खर्च का खुलासा करने और अनियमितता साबित होने पर सार्वजनिक धन की वसूली की मांग की।
पूर्णचंद्र राव और सुब्बा राव ने मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, उपमुख्यमंत्री के. पवन कल्याण और मंत्री एन. लोकेश से मामले की जांच कराने, जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने और विज्ञापनों के संबंध में चल रही जांच की स्थिति सार्वजनिक करने की अपील की।


