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पवन कल्याण ने पॉक्सो एक्ट को प्रभावी बनाने के लिए आंध्र प्रदेश सरकार को दिए कई सुझाव, बच्चों की सुरक्षा पर जोर

आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा देने वाले पॉक्सो एक्ट 2012 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर राज्य सरकार के मुख्य सचिव को पत्र लिखा है

पवन कल्याण ने पॉक्सो एक्ट को प्रभावी बनाने के लिए आंध्र प्रदेश सरकार को दिए कई सुझाव, बच्चों की सुरक्षा पर जोर
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अमरावती। आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा देने वाले पॉक्सो एक्ट 2012 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर राज्य सरकार के मुख्य सचिव को पत्र लिखा है। उन्होंने बच्चों की सुरक्षा, समय पर न्याय और पीड़ितों के संरक्षण के लिए जांच प्रक्रिया को मजबूत करने समेत कई अहम सुझाव दिए हैं।

पवन कल्याण ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर लिखा कि हर बच्चे को सुरक्षा, सम्मान और न्याय पाने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि बच्चों को यौन अपराधों से बचाना संवैधानिक जिम्मेदारी है और इसके लिए पॉक्सो कानून को और अधिक प्रभावी तरीके से लागू करने की जरूरत है।

उपमुख्यमंत्री ने अपने पत्र में जांच की समय-सीमा तय करने, पीड़ित बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, सबूतों को सुरक्षित रखने और मामलों की निगरानी के लिए मजबूत व्यवस्था बनाने का सुझाव दिया है। उन्होंने कहा कि पॉक्सो मामलों में देरी से पीड़ित बच्चों को लंबे समय तक मानसिक और सामाजिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

पत्र में पवन कल्याण ने नेल्लोर जिले की रहमताबाद दरगाह से जुड़े एक मामले का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, "दरगाह के सज्जादा नशीन पर पॉक्सो कानून के तहत कार्रवाई चल रही है, फिर भी वह अपने धार्मिक पद से जुड़े कर्तव्यों का पालन कर रहा है। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने तक ऐसे संस्थानों में उच्च स्तर की पारदर्शिता और जिम्मेदारी बनाए रखना जरूरी है।"

उन्होंने पुलिस से आंध्र प्रदेश वक्फ बोर्ड और जिला प्रशासन को मामले की जानकारी देने का अनुरोध किया, ताकि कानून के अनुसार उचित कदम उठाए जा सकें।

पवन कल्याण ने पॉक्सो मामलों में पीड़ितों और उनके परिवारों को धमकाने की घटनाओं पर चिंता जताई। उन्होंने तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले में 10 जुलाई को हुई एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि आरोपी द्वारा कथित तौर पर पीड़ित परिवार पर हमला किए जाने जैसी घटनाएं सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर चुनौतियों को दिखाती हैं।

उन्होंने जांच अधिकारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण, बच्चों के प्रति संवेदनशील तरीके से बयान दर्ज करने, फोरेंसिक और डिजिटल सबूत जुटाने की प्रक्रिया मजबूत करने की आवश्यकता बताई। इसके अलावा उन्होंने मेडिकल जांच को समय पर कराने, सबूतों की सुरक्षा के लिए सख्त प्रक्रिया अपनाने और घटनास्थल का तुरंत डॉक्यूमेंटेशन करने का सुझाव दिया।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पॉक्सो मामलों की जांच और चार्जशीट दाखिल करने की प्रक्रिया तय समय में पूरी होनी चाहिए। उन्होंने जिला पुलिस अधीक्षकों और रेंज आईजी से लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करने तथा देरी के लिए जिम्मेदारी तय करने की बात कही।

इसके साथ ही उन्होंने जमानत प्रक्रिया में सतर्कता बरतने, पीड़ित सुरक्षा योजना तैयार करने और धमकी या दबाव की स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। पवन कल्याण ने कहा कि बच्चों को सुरक्षित वातावरण देना सरकार और समाज की साझा जिम्मेदारी है।


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