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तेलंगाना में एकीकृत आवासीय विद्यालय बनेगे रोल मॉडल: भट्टी विक्रमार्क

तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्क मल्लू ने कहा कि राज्य में विकसित किए जा रहे एकीकृत आवासीय विद्यालय राज्य सरकार की ड्रीम परियोजना हैं तथा अंतरराष्ट्रीय मानकों पर तैयार किये जा रहे ये विद्यालय आगे चलकर राष्ट्रीय स्तर पर रोल मॉडल और गेम-चेंजर साबित होंगे

तेलंगाना में एकीकृत आवासीय विद्यालय बनेगे रोल मॉडल: भट्टी विक्रमार्क
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राज्य की ड्रीम परियोजना, अंतरराष्ट्रीय मानकों पर तैयार होंगे विद्यालय

  • एससी-एसटी-बीसी और अल्पसंख्यक विद्यालय अब एक छत के नीचे
  • समय पर निर्माण पूरा करने की जिम्मेदारी कलेक्टरों पर

हैदराबाद। तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्क मल्लू ने सोमवार को कहा कि राज्य में विकसित किए जा रहे एकीकृत आवासीय विद्यालय राज्य सरकार की ड्रीम परियोजना हैं तथा अंतरराष्ट्रीय मानकों पर तैयार किये जा रहे ये विद्यालय आगे चलकर राष्ट्रीय स्तर पर रोल मॉडल और गेम-चेंजर साबित होंगे।

प्रजा भवन से जिला कलेक्टरों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस की अध्यक्षता करते हुए उपमुख्यमंत्री ने एकीकृत आवासीय विद्यालयों के निर्माण की जिला-वार प्रगति की समीक्षा की और स्पष्ट किया कि समय पर निर्माण पूरा कराने की पूरी जिम्मेदारी कलेक्टरों की होगी।

उन्होंने निर्देश दिया कि जहां टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, वहां संबंधित मंत्री या स्थानीय विधायक की मौजूदगी में भूमि पूजन कराया जाए और कार्यों के लिए एक विस्तृत कार्य कैलेंडर तैयार किया जाए।

श्री भट्टी विक्रमार्क ने कहा कि परियोजना के लिए धन की कोई कमी नहीं है और आश्वासन दिया कि बिलों का भुगतान हर 15 दिन में किया जाएगा। उन्होंने कलेक्टरों को साप्ताहिक समीक्षा बैठकें करने, महीने में कम से कम एक बार निर्माण स्थलों का निरीक्षण करने और समझौते के 15 दिनों के भीतर काम शुरू न करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पहले अलग-अलग संचालित होने वाले एससी, एसटी, बीसी और अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालयों को अब एक ही छत के नीचे लाया जा रहा है, ताकि समावेशिता को बढ़ावा मिले और छात्र वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें। उन्होंने कहा कि लक्ष्य अगले शैक्षणिक वर्ष तक अधिकतम संख्या में विद्यालयों को चालू करने का है।

श्री भट्टी विक्रमार्क ने निर्माण के दौरान तृतीय-पक्ष गुणवत्ता ऑडिट और सतत निरीक्षण पर भी जोर दिया तथा मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि वे कलेक्टरों से साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट प्राप्त करें। भूमि या स्थानीय समस्याओं से जुड़े मुद्दों को स्थानीय विधायकों और वरिष्ठ अधिकारियों के समन्वय से सुलझाने को भी कहा गया।

वीडियो कॉन्फ्रेंस में मंत्री अट्लूरी लक्ष्मण, सांसद बालाराम नायक, मुख्य सचिव रामकृष्ण राव, वित्त विभाग के प्रमुख सचिव संदीप कुमार सुल्तानिया, टीजीडब्ल्यूडीसी के प्रबंध निदेशक गणपति राव सहित अन्य अधिकारी शामिल हुए।


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