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आंध्र प्रदेश में नए ईएसआई अस्पतालों की घोषणा

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने प्रदेश भर के श्रमिकों को चिकित्सा सुविधा प्रदान करने के लिए अच्युतापुरम, गुंटूर, कुरनूल, श्री सिटी, अमरावती और अन्य स्थानों पर नए ईएसआई अस्पताल स्थापित किये जाने की शुक्रवार को घोषणा की

आंध्र प्रदेश में नए ईएसआई अस्पतालों की घोषणा
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चंद्रबाबू नायडू बोले– श्रमिकों के लिए बनेगा स्किल हब

  • ‘श्रम शक्ति’ पुरस्कार वितरण में सीएम का बड़ा ऐलान
  • पोलावरम परियोजना 2027 तक पूरी होगी: नायडू
  • मछलीपट्टनम बंदरगाह दिसंबर तक तैयार करने का लक्ष्य

विजयवाड़ा। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने प्रदेश भर के श्रमिकों को चिकित्सा सुविधा प्रदान करने के लिए अच्युतापुरम, गुंटूर, कुरनूल, श्री सिटी, अमरावती और अन्य स्थानों पर नए ईएसआई अस्पताल स्थापित किये जाने की शुक्रवार को घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कृष्णा जिले के पमिदिमुक्काला गांव में उत्कृष्ट श्रमिकों और नियोक्ताओं को 'श्रम शक्ति' पुरस्कार वितरित किये। उन्होंने कहा कि इन 'लेबर अड्डों' को कौशल विकास केंद्रों के रूप में विकसित किया जायेगा, जहां श्रमिक अपने कौशल को और बेहतर बना सकेंगे। उन्होंने श्रमिकों की सहायता के लिए पहले चरण में, प्रमुख शहरों और कस्बों में ऐसे 15 केंद्र स्थापित किये जाने कीोषणा की। उन्होंने जोर दिया कि जिस तरह श्रमिक अथक परिश्रम करते हैं, सरकार भी राज्य के विकास के लिए उतनी ही प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) का प्रतीक चिह्न श्रमिकों और किसानों को दर्शाता है। उन्होंने गरीब परिवारों के उत्थान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहरायी। इसमें उनके बच्चों को उद्यमी बनने में सक्षम बनाना भी शामिल है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के लिए कल्याणकारी उपायों में निर्माण श्रमिकों की शादी के लिए 25,000 रुपये की वित्तीय सहायता, प्रसव के लिए 20,000 रुपये की सहायता, प्राकृतिक मृत्यु के मामले में 60,000 रुपये की सहायता और अंतिम संस्कार के खर्च के लिए 20,000 रुपये शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने दोहराया कि सरकार को लोगों की खुशी से संतोष मिलता है और वह जनकल्याण पर होने वाले खर्च को बोझ नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी मानती है। उन्होंने बताया कि पोलावरम डायफ्राम वॉल को हुई क्षति को 1,000 करोड़ रुपये की लागत से ठीक किया गया है। उन्होंने पुष्टि की कि पोलावरम परियोजना 2027 तक पूरी कर ली जायेगी और राष्ट्र को समर्पित कर दी जायेगी। उन्होंने आगे कहा कि कृष्णा डेल्टा में पानी की कमी न हो, इसके लिए प्रयास जारी हैं। उन्होंने इस क्षेत्र में कृषि को सहायता देने के लिए पट्टीसीमा लिफ्ट सिंचाई परियोजना को श्रेय दिया।

मछलीपट्टनम बंदरगाह के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि भूमि अधिग्रहण 2014 में किया गया था, लेकिन पिछली सरकार ने 2019 में निविदाएं रद्द कर दीं, जिससे देरी हुई। वर्तमान में ब्रेकवाटर, तलछट सफाई और अपतटीय कार्य तेजी से चल रहे हैं और लक्ष्य इस साल दिसंबर तक बंदरगाह को पूरा करने का है।

मुख्यमंत्री ने विपक्ष की आलोचना करते हुए पिछली सरकार पर विनाशकारी शासन का आरोप लगाया और कहा कि वर्तमान सरकार पिछले 22 महीनों से व्यवस्थाओं का पुनर्निर्माण कर रही है। बिजली दरों में बढ़ोतरी न करने का आश्वासन देते हुए उन्होंने याद दिलाया कि पूर्ववर्ती जगन रेड्डी सरकार ने कई बार बिजली दरों में वृद्धि की थी। उन्होंने पंचायती राज मंत्री पवन कल्याण के नेतृत्व में पंचायती राज में हुए सुधारों की प्रशंसा की। उन्होंने कक्षा परीक्षाओं में अच्छे परिणाम प्राप्त करने के लिए शिक्षा मंत्री नारा लोकेश की भी सराहना की।

इस अवसर पर मंत्री कोल्लू रवींद्र, वासमतशेट्टी सुभाष और सांसद बालशौरी भी उपस्थित रहे।


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