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आंध्र प्रदेश की गृह मंत्री अनीता बोलीं, सरकार इसे सबसे सुरक्षित राज्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध

आंध्र प्रदेश की गृह और आपदा प्रबंधन मंत्री वांगलापुड़ी अनीता ने मंगलवार को कहा कि राज्य सरकार सार्वजनिक भागीदारी, पुलिस–जन सहयोग, तकनीक के उपयोग, पारदर्शी प्रशासन, तेज प्रतिक्रिया और सख्त कानून व्यवस्था के माध्यम से आंध्र प्रदेश को देश का सबसे सुरक्षित राज्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

आंध्र प्रदेश की गृह मंत्री अनीता बोलीं, सरकार इसे सबसे सुरक्षित राज्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध
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अमरावती। आंध्र प्रदेश की गृह और आपदा प्रबंधन मंत्री वांगलापुड़ी अनीता ने मंगलवार को कहा कि राज्य सरकार सार्वजनिक भागीदारी, पुलिस–जन सहयोग, तकनीक के उपयोग, पारदर्शी प्रशासन, तेज प्रतिक्रिया और सख्त कानून व्यवस्था के माध्यम से आंध्र प्रदेश को देश का सबसे सुरक्षित राज्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई करना नहीं है, बल्कि अपराध होने से पहले ही उन्हें रोकना है। मंत्री ने कहा कि सरकार जनता की सुरक्षा, महिलाओं की गरिमा, युवाओं के भविष्य और सामाजिक सद्भाव के लिए बिना किसी समझौते के काम कर रही है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व में गठबंधन सरकार ने पिछले दो वर्षों में कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा, नशा नियंत्रण, साइबर अपराध रोकथाम, आपदा प्रबंधन, जेल सुधार और पुलिस कल्याण जैसे क्षेत्रों में व्यापक सुधार किए हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार ने उन व्यवस्थाओं को, जो पहले राजनीतिक हितों तक सीमित थीं, अब जनसेवा और जवाबदेही पर आधारित प्रशासन में बदला है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना केवल शक्ति का प्रदर्शन नहीं, बल्कि जनता का विश्वास जीतने की जिम्मेदारी है।

मंत्री ने बताया कि सरकार के कार्यकाल में अब तक राज्य में कुल अपराध दर में लगभग 14.1 प्रतिशत की कमी आई है। यह कमी तकनीक, बेहतर निगरानी व्यवस्था, वैज्ञानिक जांच पद्धति और विभागों के बीच बेहतर समन्वय के कारण संभव हुई है।

उन्होंने कहा कि सरकार 'इनविजिबल पुलिसिंग' के तहत सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन, एआई आधारित विश्लेषण और डिजिटल निगरानी प्रणाली का उपयोग कर अपराध रोकथाम और पहचान पर काम कर रही है। अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखने, सबूत तेजी से जुटाने और जांच को तेज करने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं।

महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए मंत्री ने कहा कि सरकार का मानना है कि असली आजादी तभी है जब महिलाएं रात में भी बिना डर के सड़क पर चल सकें। इसके लिए विशेष महिला सुरक्षा विंग, जिला स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था और तकनीक आधारित त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली विकसित की गई है।

उन्होंने बताया कि 'शक्ति' ऐप के माध्यम से अब तक 11.15 लाख आपातकालीन एसओएस कॉल प्राप्त हुए हैं, जिन पर तुरंत कार्रवाई की गई है।

मंत्री ने 'ऑपरेशन मुस्कान' का भी उल्लेख किया, जिसके तहत लापता बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को खोजकर उनके परिवारों से मिलाया गया। इस अभियान के तहत 8,396 लोगों को सुरक्षित उनके परिजनों तक पहुंचाया गया।

उन्होंने कहा कि सरकार पॉक्सो मामलों को अत्यंत संवेदनशीलता से देखती है और बच्चों के खिलाफ यौन अपराध करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाती है। इसके लिए विशेष जांच दल, तेज फॉरेंसिक जांच, समर्पित अभियोजन प्रणाली और पीड़ितों के लिए मनोवैज्ञानिक व सामाजिक सहायता की व्यवस्था की गई है। अब तक 2,293 बच्चों को काउंसलिंग और पुनर्वास सेवाएं दी गई हैं।


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