Top
Begin typing your search above and press return to search.

ओमान तट पर अमेरिकी हमले में मारे गए मरीन इंजीनियर के परिवार को हरसंभव मदद देगी आंध्र सरकार: मुख्यमंत्री

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने ओमान तट के पास जहाज पर हुए मिसाइल हमले में विशाखापट्टनम निवासी मुख्य मरीन इंजीनियर पटनाला सुरेश की मौत पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए उनके परिवार को हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया है।

ओमान तट पर अमेरिकी हमले में मारे गए मरीन इंजीनियर के परिवार को हरसंभव मदद देगी आंध्र सरकार: मुख्यमंत्री
X

अमरावती। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने ओमान तट के पास जहाज पर हुए मिसाइल हमले में विशाखापट्टनम निवासी मुख्य मरीन इंजीनियर पटनाला सुरेश की मौत पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए उनके परिवार को हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने अधिकारियों को भारतीय दूतावास और ओमान के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर सुरेश के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द स्वदेश लाने के निर्देश दिए हैं।

चंद्रबाबू नायडू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "ओमान तट के पास जहाज पर हुए मिसाइल हमले में विशाखापट्टनम के मुख्य इंजीनियर पटनाला सुरेश की मौत से मैं बेहद दुखी हूं। ड्यूटी के दौरान इस अप्रत्याशित हमले में उनका निधन अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। मैं उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं और भरोसा दिलाता हूं कि राज्य सरकार हरसंभव सहायता प्रदान करेगी।"

उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने भी इस घटना को बेहद दुखद और चौंकाने वाला बताया। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में तनावपूर्ण हालात के बीच भारतीय जहाज पर हुए हमले में एक भारतीय मरीन इंजीनियर की मौत अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना करते हुए परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और कहा कि सरकार उनके साथ खड़ी है।

इससे पहले राज्य के मानव संसाधन विकास एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री नारा लोकेश ने भी घटना पर गहरा दुख जताया। उन्होंने केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय से अपील की कि सभी औपचारिकताएं जल्द पूरी कर सुरेश के पार्थिव शरीर को भारत लाया जाए और शोकाकुल परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाए।

पटनाला सुरेश उन तीन भारतीय नाविकों में शामिल थे, जिनकी बुधवार को ओमान तट के पास रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य के निकट पलाऊ ध्वज वाले तेल टैंकर एमटी सेटेबेलो पर हुए अमेरिकी हमले में मौत हो गई। इस घटना में डेक कैडेट आदित्य शर्मा और इंजन फिटर शिवानंद चौरसिया की भी जान चली गई।

बताया गया कि अमेरिकी सेना ने उस जहाज पर कार्रवाई की, जिस पर अमेरिकी नाकाबंदी का उल्लंघन करने का आरोप था। घटना के बाद लापता बताए गए तीनों भारतीय नाविकों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।

पटनाला सुरेश अपने पीछे पत्नी और 13 व 10 वर्ष के दो बेटों को छोड़ गए हैं। परिवार ने सरकार से उनके पार्थिव शरीर को जल्द भारत लाने की मांग की है।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it