सपा में राष्ट्रीय अध्यक्ष को लेकर फंसा पेच
लखनऊ ! उत्तर प्रदेश की सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी के भीतर मची अंदरूनी कलह सुलझने का नाम नहीं ले रही है।

पिता-पुत्र के बीच डेढ़ घंटे तक चली बैठक भी रही बेनतीजा
लखनऊ ! उत्तर प्रदेश की सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी के भीतर मची अंदरूनी कलह सुलझने का नाम नहीं ले रही है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव व मुलायम सिंह यादव के बीच लंबी बातचीत के बाद भी कोई ठोस रास्ता नहीं निकल पाया। सपा सूत्रों के मुताबिक, हालांकि इस बैठक में मुलायम अपने पहले के रुख में बदलाव लाते हुए मुख्यमंत्री को टिकट बांटने का पूरा अधिकार भी देने को तैयार हो गए हैं, लेकिन सपा के अध्यक्ष पद पर मुलायम सिंह यादव व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी पीछे हटने को राजी नहीं हैं।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने पिता मुलायम सिंह यादव से मंगलवार को उनके आवास पर बंद कमरे में बातचीत की। यह मुलाकात करीब डेढ़ घंटे चली। मुख्यमंत्री अपने बंगले 4, विक्रमादित्य मार्ग के अंदर से ही अपने पिता के बंगले पांच विक्रमादित्य मार्ग चले गए और मुलाकात के बीच उसी रास्ते वापस लौट गए।
पिता और पुत्र की इस मुलाकात के दौरान अमर सिंह और रामगोपाल यादव अनुपस्थित रहे। हालांकि, इस दौरान कुछ समय तक गायत्री व संजय सेठ बैठक में मौजूद रहे।
सूत्र के मुताबिक, मुलायम ने अखिलेश से कहा, च्च्तुम चुनाव आयोग से अपनी दावेदारी वापस ले लो। तुम मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार होगे और अगले मुख्यमंत्री बनोगे। टिकट बांटने में भी तुम्हारा ही रोल रहेगा। पर अध्यक्ष मुझे ही रहने दो। इस पर अखिलेश राजी नहीं हुए।ज्ज्
अखिलेश ने कहा, अगर मैं अध्यक्ष नहीं रहा तो अमर सिंह आप से कोई फैसला करा सकते हैं। यही नहीं, अब पीछे जाने पर सत्ता भी नहीं मिल पाएगी। आप मुझे सारे अधिकार दे रहे हैं तो तीन महीने के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद भी दे दीजिए। आप आशीर्वाद दीजिए, मैं यूपी चुनाव जीतकर दिखाऊंगा।
सूत्रों का दावा है कि मुलायम अध्यक्ष पद छोडऩे को राजी नहीं हुए। मुलायम ने यह भी कहा, च्च्चुनाव अपने हिसाब से लडऩा। जिन पर ऐतराज है, उनकी भूमिका सीमित होगी। रामगोपाल यादव के पास जो पावर थी, वह सारे अधिकार अखिलेश के पास रहेंगे। मैं खुद प्रचार करूंगा और प्रत्याशी सब तुम ही तय करना।ज्ज् लेकिन अध्यक्ष पद को लेकर सहमति नहीं बन पाई।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने पिता मुलायम सिंह यादव से मंगलवार को उनके आवास पर बंद कमरे में बातचीत की। यह मुलाकात करीब डेढ़ घंटे चली। मुख्यमंत्री अपने बंगले 4, विक्रमादित्य मार्ग के अंदर से ही अपने पिता के बंगले पांच विक्रमादित्य मार्ग चले गए और मुलाकात के बीच उसी रास्ते वापस लौट गए। पिता और पुत्र की इस मुलाकात के दौरान अमर सिंह और रामगोपाल यादव अनुपस्थित रहे। हालांकि, इस दौरान कुछ समय तक गायत्री व संजय सेठ बैठक में मौजूद रहे। सूत्र के मुताबिक, मुलायम ने अखिलेश से कहा कि तुम चुनाव आयोग से अपनी दावेदारी वापस ले लो। तुम मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार होगे और अगले मुख्यमंत्री बनोगे। टिकट बांटने में भी तुम्हारा ही रोल रहेगा। पर अध्यक्ष मुझे ही रहने दो। इस पर अखिलेश राजी नहीं हुए। अखिलेश ने कहा कि अगर मैं अध्यक्ष नहीं रहा तो अमर सिंह आप से कोई फैसला करा सकते हैं। यही नहीं, अब पीछे जाने पर सत्ता भी नहीं मिल पाएगी। आप मुझे सारे अधिकार दे रहे हैं तो तीन महीने के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद भी दे दीजिए। आप आशीर्वाद दीजिए, मैं यूपी चुनाव जीतकर दिखाऊंगा। सूत्रों का दावा है कि मुलायम अध्यक्ष पद छोडऩे को राजी नहीं हुए। मुलायम ने यह भी कहा कि चुनाव अपने हिसाब से लडऩा। जिन पर ऐतराज है, उनकी भूमिका सीमित होगी। रामगोपाल यादव के पास जो पावर थी, वह सारे अधिकार अखिलेश के पास रहेंगे। मैं खुद प्रचार करूंगा और प्रत्याशी सब तुम ही तय करना। लेकिन अध्यक्ष पद को लेकर सहमति नहीं बन पाई।
चुनाव आयोग ने दोनों गुटों को 13 को बुलाया
चुनाव आयोग ने समाजवादी पार्टी के दोनों गुटों को चुनाव चिन्ह ‘साइकिल’ और पार्टी का नाम आबंटित करने के संबंध में अपना-अपना पक्ष रखने के लिए 13 जनवरी को बुलाया है। आयोग ने आज सपा के मुलायम गुट तथा अखिलेश गुट को नोटिस भेजकर कहा है कि वे अपने-अपने दावों के संबंध में 13 जनवरी को उसके समक्ष पक्ष रखें।


