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पासपोर्ट विवाद: असम पुलिस ने पवन खेड़ा पर जालसाजी और मानहानि के आरोप में केस दर्ज किया

असम पुलिस ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के खिलाफ एक मामला दर्ज किया है, जिसमें मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के परिवार को निशाना बनाने वाली टिप्पणियों से जुड़े जालसाजी, मानहानि और आपराधिक साजिश के कई आरोप शामिल हैं

पासपोर्ट विवाद: असम पुलिस ने पवन खेड़ा पर जालसाजी और मानहानि के आरोप में केस दर्ज किया
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गुवाहाटी। असम पुलिस ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के खिलाफ एक मामला दर्ज किया है, जिसमें मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के परिवार को निशाना बनाने वाली टिप्पणियों से जुड़े जालसाजी, मानहानि और आपराधिक साजिश के कई आरोप शामिल हैं। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

गुवाहाटी में क्राइम ब्रांच पुलिस स्टेशन में 6 अप्रैल को दर्ज की गई पहली सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) मुख्यमंत्री की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा की शिकायत के आधार पर फाइल की गई थी। शिकायत में खेड़ा पर 5 अप्रैल को हुई दो प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान झूठे और मनगढ़ंत दावे करने का आरोप लगाया गया है।

एफआईआर के अनुसार, यह मामला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 के कई प्रावधानों के तहत दर्ज किया गया है। इनमें दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की जालसाजी, जाली दस्तावेजों को असली के तौर पर इस्तेमाल करना, मानहानि, आपराधिक साजिश और सार्वजनिक शांति भंग करने वाले कृत्यों से संबंधित धाराएं शामिल हैं।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि खेड़ा ने अपनी मीडिया ब्रीफिंग के दौरान ऐसे दृश्य सामग्री पेश की और सोशल मीडिया पर ऐसी सामग्री प्रसारित की, जिससे यह संकेत मिलता था कि रिंकी भुइयां सरमा के पास मिस्र, एंटीगुआ और बारबुडा सहित कई देशों की नागरिकता या पासपोर्ट हैं। साथ ही, उनके पास संयुक्त अरब अमीरात द्वारा जारी किया गया एक गोल्डन कार्ड है।

खेड़ा की ओर से यह दावा भी किया गया था कि उनके पास अघोषित विदेशी संपत्तियां हैं और संयुक्त राज्य अमेरिका के व्योमिंग में स्थित एक कंपनी से उनके संबंध हैं।

रिंकी भुइयां सरमा ने सभी आरोपों को पूरी तरह से नकारते हुए उन्हें बेबुनियाद और दुर्भावनापूर्ण बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिखाए गए दस्तावेज जाली थे, जिन पर नकली मुहरें और क्यूआर कोड लगाए गए थे, ताकि वे सरकारी रिकॉर्ड जैसे दिखें।

एफआईआर में इस बात का भी जिक्र है कि ये दावे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बड़े पैमाने पर फैलाए गए, जिसके कारण कथित तौर पर लोगों में गुस्सा भड़का, ऑनलाइन उत्पीड़न हुआ और रिंकी भुइयां सरमा और उनके परिवार की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा। इसमें आरोपों के समय को लेकर भी चिंता जताई गई है। यह बताया गया है कि ये आरोप असम में 9 अप्रैल को होने वाले मतदान से ठीक कुछ दिन पहले सामने आए, जिससे चुनावी माहौल पर असर पड़ने की आशंका है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जांच का काम वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपा गया है, जो जांच के हिस्से के तौर पर डिजिटल और भौतिक, दोनों तरह के सबूतों की जांच करेंगे।

मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने मंगलवार को कहा कि असम पुलिस इस मामले की जांच के सिलसिले में खेड़ा के घर गई थी, लेकिन कांग्रेस नेता वहां नहीं मिले। सरमा ने दावा किया कि असम पुलिस पवन खेड़ा के घर गई थी, लेकिन वह वहां से फरार हो गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि खेड़ा शायद पूछताछ से बचने के लिए हैदराबाद भाग गए हैं।


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