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जो भी सवाल पूछा जा रहा है, मैं उसका जवाब दे रहा हूं : पवन खेड़ा

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने असम पुलिस की ओर से की जा रही पूछताछ को लेकर पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि इस मामले में कोई भी चर्चा बाहर नहीं करूंगा

जो भी सवाल पूछा जा रहा है, मैं उसका जवाब दे रहा हूं : पवन खेड़ा
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गुवाहाटी में 11 घंटे की पूछताछ, फिर बुलावा 25 तारीख को

  • रिंकी भुइयां सरमा की FIR से जुड़ा मामला गरमाया
  • सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत, खेड़ा ने जताया न्यायपालिका पर भरोसा
  • विदेशी पासपोर्ट और आर्थिक हितों के आरोपों पर जांच जारी

गुवाहाटी। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने असम पुलिस की ओर से की जा रही पूछताछ को लेकर पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि इस मामले में कोई भी चर्चा बाहर नहीं करूंगा। जो सवाल पूछा जा रहा है, मैं लगातार उसका जवाब दे रहा हूं। जितने सवाल पूछेंगे, उसका जवाब मैं दूंगा।

पवन खेड़ा ने कहा कि एक जांच में जो भी सवाल पूछे जाते हैं, वो मुझसे पूछे गए। मुझे जो भी जवाब देना था, मैंने दिया। उन्होंने कहा कि मुझे 25 तारीख को फिर बुलाया गया है। मैं फिर आऊंगा, क्योंकि हर जिम्मेदार नागरिक को जांच में सहयोग देना चाहिए।

इससे पहले असम पुलिस ने बुधवार को भी गुवाहाटी क्राइम ब्रांच कार्यालय में पवन खेड़ा से 11 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की थी। यह पूछताछ मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर से जुड़े मामले में की गई।

पुलिस अधिकारियों की ओर से लंबी पूछताछ के बाद पवन खेड़ा देर शाम क्राइम ब्रांच कार्यालय से बाहर निकले थे। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा था कि मैं पुलिस के साथ सहयोग कर रहा हूं। मैं कानून का पालन करने वाला नागरिक हूं और आगे भी जांच में सहयोग करता रहूंगा।

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में पवन खेड़ा को अग्रिम जमानत दी थी। कोर्ट ने उन्हें गिरफ्तारी से राहत देते हुए जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया था। क्राइम ब्रांच कार्यालय के बाहर मीडिया से बातचीत में खेड़ा ने कहा था कि उन्हें न्यायपालिका पर भरोसा है और वह कानून का पालन करेंगे।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पवन खेड़ा ने सार्वजनिक रूप से दावा किया था कि रिंकी भुइयां सरमा के पास कई विदेशी पासपोर्ट हैं और विदेशों में उनके आर्थिक हित जुड़े हुए हैं।

एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की कई धाराएं लगाई गई हैं। इनमें चुनाव से जुड़े मामलों में झूठे बयान, धोखाधड़ी, मूल्यवान दस्तावेजों की जालसाजी, सार्वजनिक रिकॉर्ड में फर्जीवाड़ा, फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल, जानबूझकर अपमान और मानहानि जैसी धाराएं शामिल हैं।


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