Top
Begin typing your search above and press return to search.

असम बजट में बाढ़ की समस्या और कल्याणकारी योजनाओं को नजरअंदाज किया गया : कांग्रेस विधायक

असम कांग्रेस के विधायक जॉय प्रकाश दास ने सोमवार को 2026-27 के बजट को लेकर भाजपा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार पर तीखा हमला किया

असम बजट में बाढ़ की समस्या और कल्याणकारी योजनाओं को नजरअंदाज किया गया : कांग्रेस विधायक
X

गुवाहाटी। असम कांग्रेस के विधायक जॉय प्रकाश दास ने सोमवार को 2026-27 के बजट को लेकर भाजपा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने असम के जरूरी मुद्दों, खासकर बार-बार आने वाली बाढ़ की समस्या को नजरअंदाज किया है और ऐसे प्रोजेक्ट्स पर ध्यान दिया है, जो लोगों की तत्काल चिंताओं को दूर नहीं करते।

पत्रकारों से बात करते हुए दास ने कहा कि असम का एक बड़ा हिस्सा हर साल आने वाली बाढ़ से तबाह हो जाता है और कई जिले पानी में डूबे रहते हैं, लेकिन बजट में बार-बार आने वाली आपदा से निपटने के लिए कोई ठोस योजना नहीं दी गई।

उन्होंने कहा, "भाजपा की 'डबल इंजन' सरकार पिछले एक दशक से सत्ता में है, फिर भी हर साल बाढ़ का पानी राज्य के बड़े इलाकों को डुबो देता है। लोग परेशान होते रहते हैं, लेकिन इन चुनौतियों का समाधान करने के बजाय सरकार मेट्रो रेल लाने की बात कर रही है। बजट में मेट्रो प्रोजेक्ट्स की बात तो है, लेकिन लोगों की असली समस्याओं को नजरअंदाज किया गया है।"

कांग्रेस विधायक ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ऐसी घोषणाओं के जरिए 'लोगों को गुमराह' कर रही है, जिनमें कोई दम नहीं है और जिन्हें असल में लागू नहीं किया जा सकता। सरकार ने पहले जिन कई अहम योजनाओं और विकास कार्यों को प्रमुखता से दिखाया था, उनका ताजा बजट में कोई जिक्र नहीं है।

उन्होंने आरोप लगाया है कि बार-बार आश्वासन देने के बावजूद 'चार-चपोरी' के विकास के लिए कोई राशि नहीं दी गई। 'असम दर्शन' जैसी योजनाएं, जिन्हें कभी एक लोकप्रिय पहल के तौर पर पेश किया गया था, वे भी बजट प्रस्तावों में शामिल नहीं हैं।

विधायक ने यह भी दावा किया कि राज्य के सबसे महत्वपूर्ण सांस्कृतिक और नदी-द्वीप क्षेत्रों में से एक, माजुली के विकास के लिए भी कोई खास प्रावधान नहीं किया गया है।

मत्स्य पालन और जल निकायों से जुड़ी सरकार की घोषणाओं का जिक्र करते हुए दास ने कहा कि तालाबों की बात तो हुई है, लेकिन मछली पालकों की मदद करने या इस क्षेत्र पर निर्भर लोगों की आजीविका बेहतर बनाने के लिए कोई ठोस योजना नहीं है।

उन्होंने आरोप लगाया, "हमें लगता है कि यह सरकार सिर्फ बड़ी-बड़ी बातें करके चल रही है। यह लगातार बड़ी घोषणाएं करती है, लेकिन लोगों की असल समस्याओं को हल करने के लिए जमीनी स्तर पर बहुत कम काम होता है। इस बजट में बड़े-बड़े वादों के अलावा कुछ नहीं है।"

असम सरकार ने हाल ही में विधानसभा में 2026-27 का बजट पेश किया था, जिसमें बुनियादी ढांचे, शहरी परिवहन और कल्याणकारी योजनाओं में बड़े निवेश की रूपरेखा बताई गई थी।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it