असम चुनाव : अखिल गोगोई ने उठाए सवाल, चुनाव आयोग के फैसले पर जताई आपत्ति
असम विधानसभा चुनाव एक ही चरण में कराने के फैसले का रायजोर दल के अध्यक्ष और शिवसागर के विधायक अखिल गोगोई ने विरोध किया है।

गुवाहाटी। असम विधानसभा चुनाव एक ही चरण में कराने के फैसले का रायजोर दल के अध्यक्ष और शिवसागर के विधायक अखिल गोगोई ने विरोध किया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने भारतीय जनता पार्टी के दबाव में यह फैसला किया है। उन्होंने चुनाव कार्यक्रम में बदलाव की मांग भी की।
मीडिया से बात करते हुए गोगोई ने कहा कि चुनाव एक चरण में कराने का फैसला सीएम हिमंता बिस्वा सरमा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दबाव में लिया गया है।
उन्होंने कहा, “चुनाव आयोग ने मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दबाव में असम में एक चरण में चुनाव कराने का फैसला किया है। हम इस फैसले को स्वीकार नहीं करेंगे।”
गोगोई ने यह भी कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर किसी भी राजनीतिक दल का प्रभाव नहीं होना चाहिए। चुनाव आयोग भाजपा के नियंत्रण में काम कर रहा है।
उन्होंने मांग की कि असम में चुनाव एक की बजाय तीन चरणों में कराए जाएं और आयोग तुरंत अपने फैसले पर पुनर्विचार करे।
गोगोई ने इस दौरान कांग्रेस पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले कांग्रेस के साथ गठबंधन करने की उनकी कोशिश सफल नहीं रही।
उन्होंने कहा, “कांग्रेस के साथ गठबंधन की कोशिश में मेरी ऊर्जा बेकार गई।” गोगोई ने दावा किया कि उनकी पार्टी आगामी चुनाव में अपने दम पर अच्छा प्रदर्शन करने में सक्षम है।
इससे पहले, रविवार को चुनाव आयोग ने असम विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा की थी। आयोग के मुताबिक, राज्य में एक ही चरण में मतदान होगा। 126 सदस्यीय असम विधानसभा के लिए मतदान 9 अप्रैल को होगा और वोटों की गिनती 4 मई को की जाएगी।
मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने असम चुनाव के लिए तारीखों की घोषणा करते हुए बताया कि गजट अधिसूचना जारी करने की तारीख 16 मार्च होगी।
नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 23 मार्च है। नामांकनों की जांच 24 मार्च को होगी। उम्मीदवारों द्वारा नाम वापस लेने की अंतिम तिथि 26 मार्च है। मतदान 9 अप्रैल को निर्धारित है। मतगणना 4 मई को होगी। चुनाव प्रक्रिया 6 मई से पहले पूरी करनी है।


