Top
Begin typing your search above and press return to search.

अजमल ने कांग्रेस पर 'एक और मुस्लिम लीग' की तरह व्यवहार करने का आरोप लगाया

ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) के प्रमुख बदरुद्दीन अजमल ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला

अजमल ने कांग्रेस पर एक और मुस्लिम लीग की तरह व्यवहार करने का आरोप लगाया
X

गुवाहाटी। ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) के प्रमुख बदरुद्दीन अजमल ने गुरुवार को कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी 'एक और मुस्लिम लीग' बन गई है और असम में एक प्रभावी विपक्ष की भूमिका निभाने में पूरी तरह विफल रही है।

बिनाकंडी विधानसभा क्षेत्र से अपनी जीत के बाद पत्रकारों से बात करते हुए अजमल ने दावा किया कि कांग्रेस ने अल्पसंख्यक समुदायों को छोड़ दिया है और अप्रत्यक्ष रूप से राज्य में भाजपा को राजनीतिक रूप से मदद की है।

अजमल ने कहा कि कांग्रेस अब एक वास्तविक विपक्षी ताकत के रूप में काम नहीं कर सकती। यह एक और मुस्लिम लीग की तरह हो गई है और लोगों के वास्तविक मुद्दों को उठाने में विफल रही है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि अब एआईयूडीएफ असम विधानसभा में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार को चुनौती देने की जिम्मेदारी संभालेगी।

एआईयूडीएफ नेता ने कहा कि भले ही पार्टी को मुट्ठी भर सीटें ही मिली हों, लेकिन उसके विधायक अल्पसंख्यकों, बेदखली अभियानों, नजरबंदी केंद्रों और डी-वोटर प्रणाली से जुड़े मुद्दों को उठाते रहेंगे।

उन्होंने कहा कि विधानसभा में एक एआईयूडीएफ विधायक भी सौ आवाजों के बराबर होगा।

अजमल ने आरोप लगाया कि असम में मुसलमानों को पिछले कई वर्षों से भय, असुरक्षा और अपमान का सामना करना पड़ा है, लेकिन कांग्रेस मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व वाली सरकार का कड़ा विरोध करने के बजाय चुप रही।

मिया समुदाय के इर्द-गिर्द चल रही राजनीतिक बयानबाजी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक मतदाताओं को कांग्रेस से मजबूत रुख की उम्मीद थी, लेकिन पार्टी की निष्क्रियता से वे निराश हुए।

अजमल के अनुसार, कांग्रेस नेतृत्व विपक्ष में पैदा हुए राजनीतिक शून्य को भरने में विफल रहा, जिसके कारण एआईयूडीएफ सत्ताधारी दल के खिलाफ प्रमुख आवाज बनकर उभरा।

उन्होंने गौरव गोगोई और लुरिनज्योति गोगोई समेत वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं की भी आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि वे भाजपा का राजनीतिक रूप से मुकाबला करने में विफल रहे हैं।

एआईयूडीएफ अध्यक्ष ने आगे दावा किया कि चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस और भाजपा दोनों ने मिलकर उनकी पार्टी को राजनीतिक रूप से कमजोर करने के लिए समन्वय किया।

पार्टी के आंतरिक मामलों पर अजमल ने एआईयूडीएफ से नेताओं के अलग होने की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि पार्टी छोड़ने वाले नेताओं को संगठनात्मक मतभेदों और अनुशासनहीनता के मुद्दों के कारण हटाया गया है।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it