ऊर्जा संंरक्षण के लिए जागरूक करेंगे 90 हजार बच्चे
बिजली कटौती पर भुगतान की योजना को जहां उपराज्यपाल अनिल बैजल ने मंजूरी दे दी है वहीं दिल्ली की निजी वितरण कंपनी बीएसईएस ने पीक आवर के दौरान बिजली बचाने के एवज में उपभोक्ताओं को पैसों का भुगतान का ऐलान

नई दिल्ली। बिजली कटौती पर भुगतान की योजना को जहां उपराज्यपाल अनिल बैजल ने मंजूरी दे दी है वहीं दिल्ली की निजी वितरण कंपनी बीएसईएस ने पीक आवर के दौरान बिजली बचाने के एवज में उपभोक्ताओं को पैसों का भुगतान का ऐलान किया है।
यानी, पीक आवर के दौरान एक उपभोक्ता जितनी यूनिट बिजली की बचत करेगा, बीवाईपीएल उस उपभोक्ता को उतनी यूनिट के लिए पैसों का भुगतान करेगी। फिलहाल, इस प्रोजेक्ट में हाईटेंशन यानी एचटी कनेक्शन वाले बड़े उपभोक्ताओं को शामिल किया जाएगा, लेकिन जल्द ही इसके दायरे में सामान्य उपभोक्ताओं को भी लाया जाएगा।
पीक आवर के दौरान बिजली की बेतहाशा खपत में कमी लाने के उद्देश्य से यह योजना शुरू की जा रही है। उपभोक्ताओं को बिजली बचाने के ऐवज में प्रति यूनिट किस दर से भुगतान किया जाएगा, इसका निर्णय कुछ दिनों में ले लिया जाएगा।
यह डिमांड रेस्पॉन्स प्रोग्राम दो तरीकों से संचालित किया जाएगा इसमें एक तो मैनुअल और एक ऑटोमैटिक। मैनुअल प्रोग्राम के तहत, बीवाईपीएल उपभोक्ताओं को बताएगी कि वे इस वक्त पर अपनी बिजली की खपत को कम कर दें। बीवाईपवीएल से मैसेज मिलने पर, तय समय पर उपभोक्ता उन उपकरणों को ऑफ कर देगा जो अधिक बिजली की खपत करते हैं, और बदले में बीवाईपीएल उसे भुगतान करेगी।
ऑटोमैटिक प्रोग्राम अपनी तरह का एक अनोखा प्रोग्राम है, जिसमें उपभोक्ता की बिजली की खपत का कंट्रोल बीवाईपीएल अपने हाथों में ले लेगी और पीक आवर में जरूरत के हिसाब से उपभोक्ता की बिजली को ऑफ करेगी। पहले चरण में, ऑटोमैटिक प्रोग्राम को कुछ चुनिंदा उपभोक्ताओं पर लागू किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि सफल रहने पर, इसके दायरे में अन्य लोगों को भी लाया जाएगा। दरअसल, बीवाईपीएल ने टेरी के साथ एक समझौता किया है, जिसके तहत दोनों संस्थान मिलकर डिमांड रेस्पॉन्स प्रोग्राम व डिमांड साइड मैनेजमेंट के अलावा, स्मार्ट ग्रिड टेक्नोलॉजी, रूफटॉप सोलर प्रोजेक्ट, इलैक्ट्रिक वाहन और एनर्जी एफिशिएंसी आदि विषयों पर काम करेंगे। साथ ही, एक ग्रीन डिविजन के मॉॅडल को भी विकसित किया जाएगा। एनर्जी एफिशिएंसी, ऊर्जा संरक्षण, डिमांड साइड मैनेजमेंट और डिजिटल पहल के आधार पर बीवाईपीएल के 14 डिविजनों में से एक को ग्रीन डिविजन बनाया जाएगा।
बीवाईपीएल और टेरी मिलकर बिजली फीडर की लोडिंग, वोल्टेज नियंत्रण, बिजली की गुणवत्ता व पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर भी काम करेंगे। इस सिलसिले में दोनों संस्थानों के बीच एक एमओयू साइन किया गया है। इससे 50 से 60 मेगावॉट बिजली की बचत होने की उम्मीद है वहीं सरकारी स्कूलों के करीब 90 हजार बच्चों को ऊर्जा संरक्षण के लिए जागरूक किया जाएगा। बताया जाता है कि बीवाईपवीएल से मैसेज मिलने पर, तय समय पर उपभोक्ता उन उपकरणों को ऑफ कर देगा जो अधिक बिजली की खपत करते हैं, और बदले में बीवाईपीएल उसे भुगतान करेगी। ऑटोमैटिक प्रोग्राम अपनी तरह का एक अनोखा प्रोग्राम है, जिसमें उपभोक्ता की बिजली की खपत का कंट्रोल बीवाईपीएल अपने हाथों में ले लेगी और पीक आवर में जरूरत के हिसाब से उपभोक्ता की बिजली को ऑफ करेगी।


