बेजा-कब्जा हटाने का अभियान ठण्डे बस्ते में
जांजगीर ! जिला मुख्यालय के मुख्य मार्गो में बढ़ते अतिक्रमण के दबाव एवं यातायात में हो रही परेशानी को संज्ञान में लेते हुए नगर पालिका एवं जिला प्रशासन द्वारा मुख्य मार्गो के दोनो तरफ

नगर के मुख्य मार्ग के दोनों तरफ 40-40 फीट खाली कराने छेड़ा जाना था अभियान
जांजगीर ! जिला मुख्यालय के मुख्य मार्गो में बढ़ते अतिक्रमण के दबाव एवं यातायात में हो रही परेशानी को संज्ञान में लेते हुए नगर पालिका एवं जिला प्रशासन द्वारा मुख्य मार्गो के दोनो तरफ 40-40 फीट पर हुए कब्जा हटाने की बात डेढ़ माह पूर्व अभियान छेड़े जाने का मामला फिलहाल ठण्डे बस्ते में जाता नजर आ रहा है। जिससे यातायात में हो रही परेशानी से निजात मिलता नहीं दिख रहा। बताया जाता है कि इसके लिए राष्ट्रीय राजमार्ग से विभागीय अनुमति नहीं मिल पायी है।
गौरतलब है कि व्यावसायियों द्वारा अपनी सुविधा के लिए दुकानों का समान सडक़ों तक फैलाने की परम्परा वर्षो से चली आ रही है। इसके आलावा सडक़ों पर वाहन खड़े किये जाने के चलते सडक़े संकरी हो चली है, जिससे आये दिन दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। जिला मुख्यालय में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के आसपास पार्किग सुविधा का ध्यान नहीं रखे जाने के चलते यह समस्या आबादी बढऩे के साथ ही गंभीर रूप लेता जा रहा है। 2 माह पूर्व कलेक्टर ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी को इस संबंध में आवश्यक कार्रवाही का निर्देश दिया था। जिसके लिए एक संयुक्त टीम बनाये जाने की सलाह भी दी गयी थी। जिसमें पुलिस अधीक्षक, यातायात पुलिस, मुख्य नगर पालिका अधिकारी, राष्ट्रीय राज मार्ग के अधिकारी शामिल है। जो नगर के प्रमुख मार्गो में अतिक्रमण को खाली कराने में सहयोग देगें। इसके लिये सडक़ के दोनो तरफ 40-40 फीट की जगह पर किसी भी प्रकार का स्थायी अथवा अस्थायी कब्जा पाये जाने पर संबंधित व्यक्ति के विरूद्ध कार्रवाही का प्रावधान किया जाना था। हांलाकि ऐसी कार्रवाहियां पहले भी की जा चुकी है मगर कुछ ही दिनों बाद स्थिति जस की तस बनती रही है। विदित हो कि 3 माह पूर्व कचहरी चौक के आसपास को पालिका ने संरक्षित करते हुए सडक़ किनारे लगने वाले फुटकर दुकानों को खाली कराते हुए इसे बीडी महंत बालोद्यान के पास शिफ्ट कराया था जिसमें कई ठेले-खोमचे वापस कचहरी चौक के आसपास अपना ठिकाना ढुंढ लिये है। ऐसे में इस कार्रवाही को लेकर भी संदेह जताना नयी बात नहीं है।
सडक़ों तक लगती है दुकानें
नगर में अतिक्रमण का आलम यह है कि ज्यादातर मुख्य मार्गो में ठेले खोमचों के आलावा बड़े व्यावसायी भी अपनी दुकान सडक़ो तक फैलाने में कसर नहीं छोड़ते जिसके चलते पहुंचे ग्राहक अपनी वाहन सडक़ो पर खड़ी कर खरीददारी करते है, फलस्वरूप संकरी सडक़ों पर दुर्घटना की आशंका हमेशा बनी रहती है। स्थानीय प्रशासन को जिला प्रशासन से इस संबंध में कई बार निर्देश भी दिया जा चुका है। मगर कई कारणो से अभियान या तो शुरू ही नहीं हो पाता अथवा शुरू कर बीच में ही रोक दिया जाता है।
अनुमति मिलने के बाद शुरू होगा अभियान - सीएमओ
इस संबंध में नगर पालिका परिषद जांजगीर-नैला के मुख्य नगर पालिका अधिकारी दिनेश कोसरिया का कहना है कि सडक़ के दोनो ओर बेजा कब्जा हटाने के लिए अभियान शुरू किया जाना था। जिसके लिये राष्ट्रीयराज मार्ग विभाग को पत्राचार किया गया है। लेकिन अब तक विभागीय अनुमति नहीं मिली है। जिसके चलते अभियान शुरू नहीं हो पाया अनुमति मिलने उपरांत अभियान छेड़ा जावेगा।


