सफल व्यक्तित्व निर्माण के 10 तरीके

बचपन से ही हमें यह कहा जाता रहा है कि सफलता हासिल करने में आपका व्यक्तित्व बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है

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देशबन्धु
Updated on : 2019-06-19 02:43:31

बचपन से ही हमें यह कहा जाता रहा है कि सफलता हासिल करने में आपका व्यक्तित्व बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वास्तव में स्कूल से ही हमें व्यक्तित्व विकास पर इस प्रकार ध्यान केंद्रित करने को कहा जाता है जिससे हम अपने शैक्षणिक सफलता के साथ- साथ व्यावसायिक सफलता दोनों के लिए अचूक उपकरण बन सकें। हालांकि यह बहुत साधरण सी बात है कि व्यक्तित्व और सफलता साथ- साथ चलती है, फिर भी कई लोग वास्तव में इसके अर्थ से अनजान हैं। वर्तमान समय में सफलता एवं जीत दिलाने वाले व्यक्तित्व को विकसित करने के उन अलग- अलग तरीकों के बारे में हम आपको बताने का प्रयास कर रहें हैं।

व्यक्तित्व क्या है?

हम जब जीत दिलाने वाले व्यक्तित्व को विकसित करने के बारे में बात करते हैं तो उसका सर्व-विदित जीरो-माइल निशान वास्तव में व्यक्तित्व क्या है और एक सफल व्यक्तित्व को बनाने वाले लक्षण क्या हैं, को समझने से शुरु होता है। परिभाषा के अनुसार- आपकी भावनाओं, व्यवहार, लक्षणों और जन्मजात गुणों का मोजाइक चित्रकारी है व्यक्तित्व। सरल शब्दों में कहें तो व्यक्तित्व लक्षणों, गुणों, विचार पैटर्नों, भावनाओँ और समग्र व्यवहार का संयोजन है जिसका पालन एक व्यक्ति अपने दैनिक जीवन में प्राकृतिक तौर पर करता है। इस प्रकार विचार करने पर लगता है कि व्यक्तित्व एक अवधारणा है जो स्थिर और अपरिवर्तनीय होता है या कुछ ऐसी चीज है जिसके साथ आपका जन्म होता है। वास्तव में हाल तक कई शिक्षाविद् का विश्वास रहा है और उन्होंने इस बात का प्रचार- प्रसार भी किया है कि आप अपने व्यक्तित्व में कड़ी मेहनत और प्रतिबद्धता को मिला दें तो उसे आप इस प्रकार बना सकते हैं जो आपके शैक्षणिक आवश्यकताओं के साथ- साथ व्यावसायिक आवश्यकतओं के भी अनुरूप हो सकता है ।

विजेता व्यक्तित्व का विकास

आज के समय में किसी व्यक्ति का व्यक्तित्व सफलता का महत्वपूर्ण घटक बन गया है। इसलिए अभी से ही अपने व्यक्तित्व के विकास पर काम करना बहुत महत्वपूर्ण हो गया है। नीचे दिए जा रहे टिप्स निश्चित रूप से आपको विजेता बनाने और सफल व्यक्तित्व के विकास में मदद करेगें।

1. आत्मविश्वास: जैसा कि पहले परिभाषित किया गया है, व्यक्तित्व आपका अभिन्न हिस्सा है और इसलिए जब तक आप अपने सोचने, विश्वास और काम करने के तरीके में आत्मविश्वास नहीं दिखाएंगे, यह दूसरों के लिए मायने नहीं रखेगा। इसलिए आपके सामने रखी गई चुनौती को पूरा करने के लिए आपका खुद की योग्यताओं और क्षमताओं में विश्वास होना बहुत महत्वपूर्ण है। अगर आप काम को पूरा करने के बारे में निश्चित नहीं हैं तो एक ड्राइंग बोर्ड के पास जाएं, अपनी योजना की रूपरेखा तैयार करें, सभी संभावित नतीजों पर विचार करें (सकारात्मक और नकारात्म) और काम शुरु करें। 90त्न मामलों में अगर आप अपने प्रयासों के बारे में आश्वस्त हैं तो भाग्य या किस्मत के लिए बहुत कम काम बचता है।

2. वास्तविक बने रहें/ जो हैं वही रहें: हमें अक्सर यह कहा गया है कि हम अनोखी रचना है और दुनिया में हमारी जैसी कोई दूसरी चीज नहीं है। हालांकि यह घिसा- पिटा वाक्य जैसा लगता है लेकिन वास्तव में यह सच है। यह हमारी अनूठी प्रकृति, विचार और व्यवहार है जो हमें दूसरों, जो आपके व्यक्तित्व का अनिवार्य हिस्सा है, के लिए दिलचस्प बनाते हैं। इसलिए किसी समूह में फिट बैठने या दूसरों की सहमति हासिल करने के लिए कभी भी ऐसा बनने की कोशिश जो आप नहीं हैं, नहीं करना चाहिए । ज्यादातर मामलों में लोग दूसरों के गुणों और व्यवहारों की नकल कर विजेता व्यक्तित्व विकसित करने की कोशिश करते हैं।

3. पहनावा/पोशाक: कई विशेषज्ञों का मानना है कि व्यक्तित्व किसी व्यक्ति की कौशलों एवं योग्यताओं के बारे में है लेकिन पहनावा या आप जो कपड़े पहनते हैं, इस नियम का अपवाद हैं। हालांकि लोग अक्सर बाहरी रूप-रंग को नजरअंदाज कर देते हैं लेकिन दूसरों के सामने जिस प्रकार आप खुद को प्रस्तुत करते हैं, उन पर आपका पहनावा निश्चित रूप से प्रभाव डालता है। इसलिए आपको अपने कपड़ों पर भी ध्यान देना चाहिए और इस बात पर विचार करना चाहिए कि क्या वह आपकी काया, संरचना और जिस प्रकार के कार्यक्रम या अवसर पर आप जा रहे हैं, उसके अनुरूप है या नहीं। पुरानी कहावत है कि आपका पहला प्रभाव ही आपका आखिरी प्रभाव होता है जो आज के समय में भी बहुत सही है और स्थायी एवं खुशनुमा प्रभाव डालने के लिए आपके कपड़ों से बेहतर चीज क्या हो सकता है ।

4. शारारिक हाव-भाव/ भाषा: आज के समय में आपके मौखिक संचार या वास्तविक ज्ञान या कौशलों की तुलना में आपके शरीरिक हाव-भाव दूसरे व्यक्ति को आपके बारे में बहुत कुछ बता देते हैं। इसलिए हर पल के हाव- भाव और नियमित व्यवहार व्यक्तित्व के मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आपके बैठने, बातचीत करने, हाथ मिलाने, अपने अतिथियों का अभिवादन करने या बातचीत के दौरान आंखों से संपर्क बनाए रखने का तरीका आपके व्यक्तित्व का हिस्सा होता है और इसलिए इन गुणों को बहुत सावधानी से विकसित करने की जरूरत होती है। एक और बात जिसे दिमाग में रखना चाहिए वह है आपके शारीरिक हाव- भाव को बनाने वाली आदतें और सामान्य इशारे। एक बार ये आपके व्यवहार में अपनी पैठ बना लें तो इन्हें बदलना बेहद मुश्किल होता है इसलिए इन्हें बदलने और सही आकार देने में वाकई कड़ी मेहनत और प्रयास की जररूत होती है।

5. संवादपटुता की प्रवृति: शारीरिक हाव- भाव के अलावा लिखित और मौखिक दोनों ही प्रकार की बातचीत कौशल आपके व्यक्तित्व का बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। आम धारणा के विपरीत बातचीत एक कला है और इसलिए इसमें लालित्य, सूक्ष्म प्रकृति के प्रदर्शन और इसे प्रभावशाली बनाने के लिए रचनात्मक अभिव्यक्ति की आवश्यकता होती है। हालांकि ज्यादातर मामलों में औपचारिक लिखित संचार में लोग उत्कृष्टता का प्रदर्शन करते हैं लेकिन जब बात मौखिक संचार की हो तो वहाँ इस पर काम करने की जरूरत है। आप अपने विचारों को किस तरह व्यक्त करते हैं, शब्दों का चयन करते हैं, आपके बातचीत करने का लहजा, सुखद शारीरिक हाव- भाव और चर्चा वाले विषय में आपके योगदान, ये सभी अच्छे संचार का बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। इसके अलावा, बातचीत एकतरफा नहीं होती इसलिए संवादपटु बनने के लिए सुनना भी बहुत महत्वपूर्ण है। आप किसी की बात से सहमत हैं या नहीं इस बात को नजरअंदाज करते हुए आप उनकी द्वारा कही गई बातों को सुनें, इससे आप खुद को एक खुशनुमा और अनुशासित व्यक्ति के तौर पर सबके सामने रख पायेंगें । असहमत होने पर अपनी उपस्थिति बनाने के लिए तार्किक रूप से अपनी बात कहना महत्वपूर्ण है।

6. शिष्ट और विनम्र व्यवहार: व्यक्तित्व में आपके दैनिक जीवन के प्राकृतिक अंग, आदतें और व्यवहार पैटर्न्स भी शामिल होते हैं। इसलिए आप विजेता व्यक्तित्व को कैसे विकसित करते हैं और उसे दूसरों के सामने किस प्रकार प्रस्तुत करते हैं, पर आपकी प्रवृत्ति का गहरा प्रभाव पड़ता है। शिष्ट और विनम्र व्यहार कभी भी पुराना नहीं होता। इसलिए ये कुछ ऐसी बातें हैं जिन्हें आपको अपने व्यक्तित्व में विकसित करने का प्रयास करना चाहिए।

7. नई रुचियां विकसित करना: दिलचस्प बनने और दूसरों के लिए वास्तव में कुछ योगदान करने हेतु आपको खुद के ज्ञान के आधार में विस्तार करना होगा और अपने जीवन को अनुभवों से समृद्ध बनाना होगा। जितना ही अधिक आप पढ़ेंगे, सीखेंगे और अनुभव प्राप्त करेंगे उतना ही अधिक आप खुद के और दूसरों के बारे में जानेंगे, इससे आपको सबसे अच्छे प्रतिद्वंद्वी को टक्कर देने वाला व्यक्तित्व बनाने में मदद मिलेगी। दिलचस्प अनौपचारिक बातचीत या औपचारिक व्यापारिक चर्चा कुछ भी हो आपकी जानकारी और अनुभव आपको दूसरों से आगे बनाए रखने में मदद करेगी।

8. नए लोगों से मिले: अक्सर कहा जाता है कि लोगों के व्यक्तित्व को जानना सर्वश्रेष्ठ व्यक्तित्व होता है । इसलिए आत्म-विश्वासी होना और अपनी योग्यताओं पर विश्वास करना बहुत महत्वपूर्ण है लेकिन यह आपको दूसरे लोगों से मिलने और उनसे सीखने को रोकने वाला नहीं होना चाहिए। नए लोगों से मिलने से न सिर्फ आपको खुद की खूबियों और सीमाओं के बारे में पता चलेगा बल्कि इससे आप कुछ नई चीजें भी सीखेंगे। याद रखें आपके ही जैसे इस ग्रह पर रहने वाला हर व्यक्ति अनूठा है और उसके पास आपको देने के लिए एक या उससे अधिक नई और दिलचस्प चीजें हैं। इसलिए, नए लोगों से मिलें, उनसे जुड़ें और उनकी जीवनशैली, संस्कृति और विचारों को जानें। ऐसा करने से आप अपने व्यक्तित्व को कल्पन से परे निखार पाएंगे। सोशल नेटवर्किंग के इस जमाने में समान रूचियों वाले लोगों को तलाशना मुश्किल नहीं है, इसलिए अभी से काम पर लग जाइए।

9. सकारात्मक रवैया अपनाए: क्या आप कभी किसी व्यक्ति से मिले हैं और आपको महसूस हुआ है कि वह बहुत नकारात्मक है। क्या आप ऐसे व्यक्ति से फिर से मिलना पसंद करेंगे? उत्तर बेहद स्पष्ट है। लोग हमेशा जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण वाले लोगों से घिरे रहना चाहते हैं। वे ऐसे लोगों के बीच रहना चाहते हैं जो उनका उत्साह बनाए रखें और जो उनके आस-पास के माहौल में सकारात्मक ऊर्जा का संचार कर सकें । ज्यादातर मामलों में ये ऐसे लोग होते है जिनका व्यक्तित्व विजेता व्यक्तित्व होता है। इसलिए अन्य तथ्यों की भांति सकारात्मकता और व्यक्तित्व भी एक दूसरे से संबद्ध हैं।

हम सभी जानते हैं कि सकारात्मक रहना हमें सफल बनाने में मदद करता है लेकिन ज्यादातर लोग अपने जीवन में सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने में असमर्थ रहते हैं। ऐसा करने के क्रम में आपको चीजों को अलग तरीके से देखना शुरु करना होगा और यह आपके काम में भी दिखाई देना चाहिए। परिस्थितियों और चुनौतियों के बावजूद उनका उज्जवल पक्ष ढूंढ़ने की कोशिश करें। अच्छी बातों को देखने की कोशिश करें और उन्हें हल करने का सबसे अच्छा तरीका ढूंढ़ें। यह आपके जीवन में सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने में मदद करेगा।

10. मस्ती करें-अपने हास्य पक्ष को जाने: कौशल और योग्यताएं आपके व्यक्तित्व का मूल होते हैं, ये पहली मुलाकात में सामने वाले व्यक्ति पर आपका प्रभाव जमाने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। लेकिन जिन लोगों से आप रोज मिलते हैं, जिनसे रोजाना बातचीत करते हैं उन पर इन चीजों का कोई प्रभाव नहीं पड़ता। समय के साथ चीजों को दिलचस्प बनाए रखने के क्रम में अपने व्यक्तित्व के सभी रंग बाहर लाने की कोशिश करें। हर कोई ऐसे व्यक्ति को पसंद करता है जो अपने आस- पास के लोगों को हंसा सके, मुस्कुराने पर मजबूर कर सके।

कई बार जब चीजें बहुत गंभीर हो जाती हैं, तो किसी के एकरसता को दूर करने के लिए हास्य की राहत वाली खुराक या मस्ती भरी गतिविधि के साथ सामने आना होता है। इसलिए अपनी हास्य भावना को विकसित करने की कोशिश करें और साथ ही अपने हास्य पक्ष की खोज भी करें । अपने व्यक्तित्व में थोड़ी सी मस्ती शामिल करना और हास्य का रचनात्मक प्रयोग करना आपको निश्चित रूप से दूसरों से आगे बनाए रखने में मदद करेगा।