Today's History

1919 में प्रसिद्ध मराठी भाषी उपन्यासकार, नाटककार और कवि हरि नारायण आपटे का निधन हुआ था। हरि नारायण आपटे मराठी साहित्य के जनक माने जाते है। विद्यार्थी जीवन में आपटे ने संस्कृत के नाटकों और स्कॉट, डिकसन, थैकरे, रेनाल्ड्स जैसे उपन्यासों का गहरा अध्ययन किया और लोकमंगल के आधीन उपन्यास रचने की अपनी आकांक्षा जताई। 1885 में आपटे का 'मघली स्थिति' नामक पहला सामाजिक उपन्यास एक समाचार पत्र में प्रकाशित होने लगा। स्नातक की परीक्षा के बाद उन्होंने 'करमणूक' नामक पत्रिका का संपादन करना शुरू किया और 28 वर्षों तक इस पत्रिका से जुड़े रहे। इस पत्रिका में उनके करीब 21 उपन्यास प्रकाशित हुए, जिनमें दस सामाजिक और ग्यारह ऐतिहासिक हैं। आपटे ने अपनी रचनाओं में मध्यमवर्गीय महिलाओं की समस्याओं का भावपूर्ण और कलात्मक चित्रण भी किया है। 1955 में प्रसिद्ध हास्य अभिनेता जसपाल भट्टी का जन्म हुआ था। जसपाल भट्टी को एक सामाजिक व्यंग्यकार के रूप में जाना जाता है। उन्होंने अपने टेलिविजन शो, लेखन और अभिनय के ज़रिए लाखों लोगों के मन को गुदगुदाया। आम मुद्दों को हास्य के ज़रिए जनता के बीच ले जाने में जसपाल भट्टी को महारथ हासिल थी। 80 और 90 के दशक में दूरदर्शन पर दिखाए गए सीरियल फ़्लॉप शो और उल्टा-पुल्टा से भट्टी ने सबका ध्यान अपनी तरफ खींचा। अमृतसर में जन्मे जसपाल ने पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज से इलेक्ट्रिकल इंजीनियर की डिग्री ली, लेकिन कॉलेज के दिनों में अपने नुक्कड़ नाटक नॉनसेंस क्लब से मशहूर हो गए। उन्होंने आ अब लौट चले, जानम समझा करो, कुछ ना कहो और फ़ना जैसी बॉलीवुड फिल्मों में अपने अभिनय से लोगों को खूब गुदगुदाया । जसपाल भट्टी की आखिरी फिल्म 'पॉवर कट' थी, जिसके प्रचार के लिए वह भटिंडा से जालंधर जा रहे थे, लेकिन सड़क दुर्घटना में उनकी मौत हो गई। 1973 में पेड़ पौधों और पशुओं की रक्षा के लिए एक अंतरराष्ट्रीय बहुपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे। इस समझौते को वॉशिंग्टन कंवेशन के नाम से भी जाना जाता है। प्राकृतिक संरक्षण के अंतरराष्ट्रीय संघ की मीटिंग के बाद इस समझौते का ड्राफ्ट तैयार किया गया था। इस समझौते के तहत जिम्मेदारियां निभाने का अधिकार साइट्स के हाथ में 1 जुलाई 1973 को आया। समझौते का मकसद अंतरराष्ट्रीय व्यापार के कारण होने वाले खतरों से जानवरों और पेड़ पौधों की रक्षा करना था। इस समझौते में वन्य जीव जन्तुओं की 34000 प्रजातियों की रक्षा के लिए कदम उठाने पर सहमति हुई। 2013 को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 68वें अधिवेशन में 3 मार्च को वर्ल्ड वाइल्ड लाइफ डे के रूप में मनाने का फैसला किया गया। 1974 में तुर्की एयरलाइंस का डीसी-10 विमान पेरिस के नज़दीक दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में विमान में सवार सभी 345 लोगों की मौत हो गई थी। विमान अंकारा से पेरिस होते हुए लंदन जा रहा था, लेकिन उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया। मारे गए लोगों में अधिकतर ब्रितानी नागरिक थे। अधिकारियों ने बताया कि विमान जंगल में गिरा था। पूरे इलाक़े में मलबा और कपड़ों के चिथड़े बिखरे हुए थे। रेड क्रॉस के सैकड़ों बचावकर्मी दुर्घटना के आधे घंटे के अंदर वहां पहुंच गए, लेकिन बचाने के लिए वहां कोई था ही नहीं। सैनिकों ने शवों को सेना की गाड़ियों में डाला और रातों रात पेरिस के चिकित्सा केंद्र ले गए। घटना के बाद गांववालों ने बताया कि उन्होंने एक विस्फोट सुना और विमान के जंगल में गिरने से पहले उसमें से लपटें निकलती देखीं। कुछ शव गांव के पास भी गिरे मिले और वो जगह दुर्घटनास्थल से करीब छह मील दूर थी यानी विमान में शायद हवा में ही विस्फोट हो गया था। 2009 में पाकिस्तान के लाहौर में मैच खेलने जा रही श्रीलंकाई क्रिकेट टीम की बस पर हथियारबंद आतंकियों ने हमला किया था। बस के साथ चल रहे छह पुलिसकर्मी और बस का ड्राइवर इस घटना में मारे गए, जबकि सात क्रिकेटर और सहायक कोच घायल हुए थे। हमले में करीब 12 हथियारबंद लोग शामिल थे। मुंबई हमलों के बाद जब भारत ने पाकिस्तान का दौरा करने से इनकार किया, तो पाकिस्तान ने श्रीलंका को आमंत्रित किया था। श्रीलंकाई विकेटकीपर कुमार संगकारा ने दुर्घटना के बाद ऑस्ट्रेलियाई रेडियो एबीसी से बात करते हुए कहा कि उनकी ज़िंदगी बस ड्राइवर के चलते बची। "हमारा ड्राइवर बिल्कुल सीधे बस चलाता चला गया और मैदान पहुंचा और शायद उसी वजह से हमारी जान बची। यह हमला दूसरे टेस्ट मैच के तीसरे दिन के खेल से पहले हुआ था जिसके बाद मैच रद्द कर दिया गया।