विचार  > विशेष
भारत का वर्तमान संकट और डॉ लोहिया
भारत का वर्तमान संकट और डॉ. लोहिया

डॉ.राम मनोहर लोहिया अक्सर कहा करते थे कि ‘सत्ता सदैव जड़ता की ओर बढ़ती है और निरंतर निहित स्वार्थों और भ्रष्टाचारों को पनपाती है। विदेशी सत्ता भ...

देशबन्धु
2017-03-22 22:46:38
भगत सिंह हैं आज की जरूरत
भगत सिंह हैं आज की जरूरत

मेरी जिन्दगी मकसदे आला (ऊंचे जीवन उद्देश्यों) यानि आ•ाादी-ए-हिंद के असूल के लिए वक्फ (दान) हो चुकी है इसलिये मेरी जिन्दगी में आराम और दुनियाबी ख्...

देशबन्धु
2017-03-22 22:42:45
डॉ लोहिया की दृष्टि में नारी
डॉ. लोहिया की दृष्टि में नारी

डॉ.लोहिया नर-नारी समानता के प्रबल पैरोकार थे। वे अक्सर स्त्रियों को पुरुष की पराधीनता के खिलाफ आवाज बुलंद करने की हिम्मत देते थे।

देशबन्धु
2017-03-22 22:36:31
महिला की हकदारी के सार्थक प्रयास
महिला की हकदारी के सार्थक प्रयास

भारत डोगरा प्राय: यह देखा गया है कि गांवों की समस्याओं को समझने में या गांववासियों की भलाई के बारे में सोच बनाने में केवल पुरुषों से ही राय ली ज...

भारत डोगरा
2017-03-07 22:15:44
मां की कोख से ही शरू हो जाता है महिलाओं का संघर्ष
मां की कोख से ही शरू हो जाता है महिलाओं का संघर्ष

महिलाओं ने स्वयं अपनी आत्मनिर्भरता के अर्थ को केवल कुछ भी पहनने से लेकर देर रात तक कहीं भी कभी भी कैसे भी घूमने फिरने की आजादी तक सीमित कर दिया है।

देशबन्धु
2017-03-07 22:09:05
उनकी इस हिम्मत को हमारा सलाम
उनकी इस हिम्मत को हमारा सलाम

एक दिन एक बुद्धिजीवी मित्र, एक गवेषक के साथ मेरा परिचय कराते हुए, उनके सामने ही बोले ‘ये मुसलमान हैं, लेकिन बहुत माडर्न (आधुनिक) हैं।’ इस प्रशस्त...

देशबन्धु
2017-03-07 21:59:29
होली के त्योहार पर बरते सावधानिया
होली के त्योहार पर बरते सावधानिया

रंगों का त्योहार होली देशभर में बड़े ही उत्साह के साथ मनाया जाता है,लेकिन रंगों से बाल खराब होने और त्वचा में जलन होने का खतरा भी बना रहता है,इसल...

देशबन्धु
2017-02-21 12:21:37