बैतूल के जंगलों में यूरेनियम की खोज में जुटे वैज्ञानिक

मध्यप्रदेश के बैतूल के जंगलों में इन दिनों वैज्ञानिक दुनिया के दुर्लभ परमाणु खनिज यूरेनियम की तलाश में जुटे हुए हैं...

देशबन्धु
बैतूल के जंगलों में यूरेनियम की खोज में जुटे वैज्ञानिक
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बैतूल । मध्यप्रदेश के बैतूल के जंगलों में इन दिनों वैज्ञानिक दुनिया के दुर्लभ परमाणु खनिज यूरेनियम की तलाश में जुटे हुए हैं।उत्तर वन मण्डल के वन मंडल अधिकारी संजीव झा ने बताया कि परमाणु खनिज अन्वेषण एवं अनुसंधान निदेशालय (एएमडीईआर) को इस बारे में संकेत मिले थे, जिसके बाद जिले के शाहपुर वन क्षेत्र की 989.076 हैक्टेयर क्षेत्र में यूरेनियम का पता लगाने की अनुमति दी गई है।बड़े पैमाने पर बोरिंग की जा रही है और हेलीकाॅप्टर में अत्याधुनिक कैमरे लगा कर सर्वे शुरू किया गया है।उन्होंने बताया कि यह सतपुड़ा टाइगर रिजर्व व कॉरीडोर के निकट स्थित है।साथ ही पचमढ़ी बायोस्फियर रिजर्व की सीमा से 10 किमी की परिधि में है।यदि यहाँ यूरेनियम मिल जाता है तो बैतूल जिले का नाम दुनिया के पटल पर अंकित हो जाएगा।


सूत्रों के मुताबिक परमाणु खनिज निदेशालय मध्यप्रदेश के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के सूरजपुर तथा राजनांदगांव में भी इस दुर्लभ खनिज की तलाश कर रहा है।बैतूल में अलग-अलग 10 स्थान चिन्हित करके सर्वे किया जा रहा है।वन विभाग के उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि निदेशालय से सर्वे का प्रस्ताव मिला था जिसे राज्य सरकार को भेजा गया, जहां से खोज की अनुमति मिली।यह संभवत: यूरेनियम खोज का प्रदेश में पहला प्रस्ताव है।भारत में आंध्रप्रदेश के तम्मलपल्ली और झारखंड के जादूगोडा में यूरेनियम की बड़ी खदानें हैं।
यूरेनियम का मुख्य उपयोग परमाणु बम बनाने और बिजली उत्पादन में होता है।

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