शहर छोड़ डॉक्टरों ने आदिवासी गांवों को दी नई उम्मीद
शहर छोड़ डॉक्टरों ने आदिवासी गांवों को दी नई उम्मीद

दूर-दूर के गांवों में सबसे निर्धन मरीजों की सेवा की राह को चुना

भारत डोगरा
2018-02-15 03:09:44
एक पकोड़े वाले की जुबानी
एक पकोड़े वाले की जुबानी

रोजगार उत्पन्न नहीं होने से बेरोजगारों की कतार लम्बी होती जा रही 

देशबन्धु
2018-02-15 03:05:33
रोजगार की कम होती चुनौतियों के बीच युवा
रोजगार की कम होती चुनौतियों के बीच युवा

संगठित और असंगठित क्षेत्रों में जो रोजगार थे , वे भी धीरे-धीरे खत्म हो रहे 

देशबन्धु
2018-02-15 03:01:46
गांधी मार्ग से ही संभव है किसानों का विकास
गांधी मार्ग से ही संभव है किसानों का विकास

गांधीजी ने सदैव ग्रामीण भारत का सपना देखा क्योंकि वे जानते थे कि यही सभ्य भारत है। उनके सिद्धान्तों के खिलाफ हमारी पूरी कृषि शिक्षा विद्यार्थियों...

देशबन्धु
2018-02-08 01:54:56
विकास के नाम पर जन-धन की बर्बादी
विकास के नाम पर 'जन-धन' की बर्बादी

केवल फज़र् अदायगी बन कर रह गए हैं विकास कार्यों पर होने वाले खर्च 

देशबन्धु
2018-02-08 01:57:48
ग्रामीण कर व्यवस्था में सुधार जरूरी
ग्रामीण कर व्यवस्था में सुधार जरूरी

पंचायतों को स्वयं की आय को बढ़ाने आवश्यक अधिकार दिए जाएं

देशबन्धु
2018-02-08 01:45:32
70 लाख रोजगार ऊँट के मुंह में जीरा
70 लाख रोजगार ऊँट के मुंह में जीरा

बजट देश का आर्थिक आइना भी है जिसमें सभी नागरिक अपनी सूरत-ए-हाल को निहार सकते हैं

देशबन्धु
2018-02-05 11:51:07
बजट गरीबों को स्वास्थ्य में राहत मध्यम वर्ग है थोड़ा निराश
बजट: गरीबों को स्वास्थ्य में राहत, मध्यम वर्ग है थोड़ा निराश

मोदी सरकार का अंतिम ‘पूर्ण बजट’, गांव और गरीब के लिए सर्मिर्पत बजट कहा जाये

देशबन्धु
2018-02-05 11:34:44
क्या दूर होगी बेरोजगारी
क्या दूर होगी बेरोजगारी?

यह सच है कि उद्योगों में कुशल और अद्र्ध कुशल श्रमिकों की जरूरत पड़ती है और कुछ अकुशल श्रमिकों के वहां काम करने की भी गुंजाइश रहती है

देशबन्धु
2018-02-05 11:29:28
कैसे पूरे होंगे बजट के बड़े वायदे
कैसे पूरे होंगे बजट के बड़े वायदे

बजट भाषण में ही कहा गया है कि स्वास्थ्य, शिक्षा व सामाजिक सुरक्षा के लिए वर्ष 2018-19 में 1.38 लाख करोड़ रुपए उपलब्ध करवाए जा रहे हैं जबकि पिछले ...

भारत डोगरा
2018-02-06 17:05:26
सुशासन से अछूते कृषि और किसान
सुशासन से अछूते कृषि और किसान

कृषि विकास के मामले में पिछले 70 सालों से पूरा प्रयास जारी है परन्तु किसानों की किस्मत मानो टस से मस होने का नाम नहीं ले रही

देशबन्धु
2018-02-01 02:15:52
मनोबल टूटा था पर हिम्मत नहीं हारी
मनोबल टूटा था, पर हिम्मत नहीं हारी

जब हौसला और विश्वास साथ हो तो कठिन परिस्थितियां भी आपको आगे बढ़ने से नही रोक सकती

देशबन्धु
2018-02-01 02:11:52
कुपोषण मुक्त भारत की ओर एक कदम
कुपोषण मुक्त भारत की ओर एक कदम

समडेगा, देवघर और झरिया, धनबाद में भूख की वजह से हुई मौतों पर राज्य के खाद्य एंव आपूर्ति मंत्री सरयू राय ने स्पष्ट कहा कि इन मौतों का कारण भूख नहीं है

देशबन्धु
2018-02-01 02:07:41
शिक्षा के लिए विशेष संसाधनों की जरूरत
शिक्षा के लिए विशेष संसाधनों की जरूरत

माध्यमिक व उच्च शिक्षा के अनेक जरूरी कार्यों के लिए अभी संसाधनों की बहुत जरूरत है

भारत डोगरा
2018-02-01 02:04:59
पर्वतीय क्षेत्रों में किसानों का हितैषी कौन
पर्वतीय क्षेत्रों में किसानों का हितैषी कौन

एक तरफ  सरकार 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुना करने के दावे कर रही है, वही दूसरी तरफ  पर्वतीय क्षेत्रों के किसानों की हालत पर नजर डालें तो इस लक्ष...

देशबन्धु
2018-01-25 02:36:02
जमीनी हकीकत में अन्नदाता छटपटाते रहे
जमीनी हकीकत में अन्नदाता छटपटाते रहे

साल 2018-19 का आम बजट आगामी 1 फरवरी को पेश किया जायेगा। गौरतलब है कि फरवरी के अन्तिम दिवस को बजट पेश किये जाने की प्रथा पिछले साल से समाप्त कर दी गयी

देशबन्धु
2018-01-25 02:32:46
लोकतंत्र को किसान आंदोलन की जरूरत नहीं 
लोकतंत्र को किसान आंदोलन की जरूरत नहीं 

देश में आज किसान दुखी है क्योंकि हर तरह से, हर तरफ से उसे दुखी करने की कोशिशें जारी हैं। हर किसी के पास किसानों के नाम पर बहाने के लिए सेकड़ों आंसू हैं

देशबन्धु
2018-01-25 02:27:58
शिक्षा अच्छी तो जीवन अच्छा 
शिक्षा अच्छी तो जीवन अच्छा 

'कभी सोचा नही था कि सरकारी नौकरी कर पाऊंगी वह भी शादी के बाद।' ये वाक्य है 38 वर्षीय सुमित्रा जायसवाल का जो छत्तीसगढ़ के जिला जांजगीर-चांपा विकास ...

देशबन्धु
2018-01-18 01:09:42
सतत विकास लक्ष्य और मानक शिक्षा
सतत विकास लक्ष्य और मानक शिक्षा

दुनिया के विकासशील देशों में प्राथमिक शिक्षा की स्थिति यह है कि 91प्रतिशत बच्चे स्कूलों तक पहुंच गए हैं, मगर 57 मिलियन (पांच करोड़ सत्तर लाख) बच्च...

देशबन्धु
2018-01-18 01:06:28
अगले जनम मोहे बिटिया न कीजो
अगले जनम मोहे बिटिया न कीजो

'पढ़ लिख कर क्या करोगी? तुम पराया धन हो' भारतीय समाज के लगभग हर दूसरे घर में कहने वाला ये प्रचलित वाक्य है, विशेषकर ग्रामीण भारत में। इसका प्रयोग ...

देशबन्धु
2018-01-18 01:00:33
राहत के इंतजार में हुनरमंद
राहत के इंतजार में हुनरमंद

दुनिया भर में शिल्प कला के क्षेत्र में भारत को विशिष्ट तथा गौरवपूर्ण पहचान दिलाने वाली परंपरागत विरासत हस्तशिल्प कला और दस्तकारी से जुड़े कुटीर उद...

भारत डोगरा
2018-01-18 00:55:48