गरीबी से कब मुक्त होगा देश
गरीबी से कब मुक्त होगा देश

आर्थिक विकास की प्रक्रिया में अर्थव्यवस्था को लेकर अनेक संरचनात्मक परिवर्तन आये दिन होते रहते हैं। वास्तविकता तो यह है कि इन परिवर्तनों के आधार प...

देशबन्धु
2017-04-26 23:14:14
बेहाल हो गया है बेचारा किसान
बेहाल हो गया है बेचारा किसान

यह तो जाहिर है कि अनाज पैदा कर बहुत पैसा पैदा नहीं कर सकते। यह बात किसान भी जानते हैं। फिर भी वे मांग करते हैं कि अनाज की कुछ ज्यादा कीमत होनी चाहिए।

देशबन्धु
2017-04-26 23:09:27
तमिलनाडु में बदहाल हैं किसान पुत्र
तमिलनाडु में बदहाल हैं किसान पुत्र

देश की अर्थव्यस्था में कृषि का व्यापक योगदान है, लेकिन कृषि और किसान कभी भी राजनीति की चिंता नहीं बना, हालांकि उसकी बदहाली पर राजनीति खूब की जाती...

देशबन्धु
2017-04-26 23:05:16
ध्वनि प्रदूषण  हिंदू न मुस्लिम केवल हानिकारक
ध्वनि प्रदूषण : हिंदू, न मुस्लिम, केवल हानिकारक

अनेकता में एकता जैसी विशेषता के लिए जो भारतवर्ष पूरी दुनिया में अपनी अलग पहचान रखता था वही भारतवर्ष इन दिनों सांप्रदायिकतावादी, जातिवादी तथा क्षे...

देशबन्धु
2017-04-24 00:30:22
गौरक्षा के नाम पर एक और हत्या
गौरक्षा के नाम पर एक और हत्या

राम पुनियानी :हरियाणा के पहलू खान, जयपुर के एक पशु मेले में भैंस खरीदने पहुंचे। उनकी डेयरी है। वे आए तो भैंस खरीदने थे परंतु उन्हें वहां ज्यादा द...

देशबन्धु
2017-04-24 00:21:33
राष्ट्रीय प्रतीकों का अनादर क्यों
राष्ट्रीय प्रतीकों का अनादर क्यों

भारत एक विशाल लोकतांत्रिक विभिन्न धर्म, संप्रदाय, संस्कृति, और भाषा वाला देश है। फिर भी अगर देशवासियों में भावनात्मक एकता जीवंत है और राष्ट्रीय ज...

देशबन्धु
2017-04-24 00:18:05
वैश्विक प्रसन्नता सूचकांक 2017   किसकी नजर लग गई हमारी खुशमिजाजी को
वैश्विक प्रसन्नता सूचकांक 2017 : किसकी नजर लग गई हमारी खुशमिजाजी को?

देश की स्थिति में पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बदलाव आया है। अब लोगों की खुशी और आत्म-संतोष के स्तर में लगातार गिरावट आती जा रही है। इस बदलाव की ...

देशबन्धु
2017-04-19 23:19:10
विकलांग को हमदर्दी नहीं हौसला दीजिए
विकलांग को हमदर्दी नहीं, हौसला दीजिए

यह अजब इत्तेफाक है कि छत्तीसगढ़ के एक छोटे से गांव नरसिंहपुर की रहने वाली सुकिया का जन्म जिस अस्पताल में हुआ उसके प्रांगण में उस दिन विश्व विकलां...

देशबन्धु
2017-04-19 23:15:31
ग्राम उदय से भारत उदय
ग्राम उदय से भारत उदय

भोपाल जिले से करीब 15 किलोमीटर का एक गांव केकडिय़ा-भानपुरा। गांव की कुल आबादी 1200 है और ‘ग्राम उदय से भारत उदय अभियान’ के तहत उस ग्राम में डॉ. भी...

देशबन्धु
2017-04-19 23:10:00
सरकारी स्कूलों में शिक्षा की खस्ताहालत
सरकारी स्कूलों में शिक्षा की खस्ताहालत

सर्व शिक्षा अभियान पर 1.16 लाख करोड़ रुपये खर्च करने के बावजूद 2009 से 2014 के बीच बच्चों में समझ के स्तर में गिरावट दर्ज की गई है।

देशबन्धु
2017-04-19 23:03:36
गौवंश का कत्ल कैसे रुके
गौवंश का कत्ल कैसे रुके ?

उत्तर प्रदेश में बूचडख़ानों को इस आधार पर बंद किया गया कि वे कानूनन अवैध थे। गौरक्षा के नाम पर हिंसात्मक कार्रवाई करने वालों को भी इसी आधार पर चुन...

देशबन्धु
2017-04-17 05:30:13
विकसित देश पर नस्लवाद का क्या
विकसित देश पर नस्लवाद का क्या!

संयुक्त राज्य अमेरिका के संविधान की उद्देशिका में कहा गया है कि यह संविधान संयुक्त राज्य की जनता ने तैयार किया है।

देशबन्धु
2017-04-17 05:26:50
खुलकर सामने आएं गौरक्षकों के अत्याचारों के खिलाफ
खुलकर सामने आएं गौरक्षकों के अत्याचारों के खिलाफ

जिस तरह उदार मुस्लिमों से कहा जा रहा है कि वे आईएसआईएस को मुस्लिमों का प्रतिनिधित्व से ख़ारिज कर दें उसी तरह उदार हिन्दुओं से भी यह अपील की जानी चाहिए

देशबन्धु
2017-04-17 05:24:16
आम आदमी की पहुंच से दूर स्वास्थ्य सेवाएं
आम आदमी की पहुंच से दूर स्वास्थ्य सेवाएं

भारतीय संविधान अपने नागरिकों को जीवन की रक्षा का अधिकार देता है, राज्य के नीति निर्देशक तत्वों में भी पोषाहार स्तर, जीवन स्तर को ऊंचा करने तथा लो...

देशबन्धु
2017-04-12 23:23:43
महाबलीपुरम के संगतराशों की आर्थिक स्थिति दयनीय
महाबलीपुरम के संगतराशों की आर्थिक स्थिति दयनीय

तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई से लगभग साठ किलोमीटर दक्षिण में समुद्रतट पर स्थित पत्थरों का शहर ‘महाबलीपुरम’ नक्काशी के लिए प्रसिद्ध है।

देशबन्धु
2017-04-12 23:20:39
सुरंग तो खुल गई पर किस्मत नहीं
सुरंग तो खुल गई पर किस्मत नहीं

एशिया की सबसे लंबी सुरंग राष्ट्र के नाम समर्पित करते हुए प्रधानमंत्री कहते हैं कि एक तरफ कुछ भटके हुए नौजवान पत्थर मारने में लगे हुए हैं

देशबन्धु
2017-04-12 23:16:50
शराबबंदी या ‘कबाब’ बंदी
शराबबंदी या ‘कबाब’ बंदी?

पिछले कुछ दिनों से भारतीय मीडिया द्वारा पूरे देश का ध्यान देश में निरंतर बढ़ती जा रही मंहगाई,बेरोज़गारी आदि से हटाकर शराब और ‘कबाब’ की ओर खींचा ज...

देशबन्धु
2017-04-09 23:14:09
महिलाओं के प्रति प्रगतिशील सोच की दरकार
महिलाओं के प्रति प्रगतिशील सोच की दरकार

मुस्लिम धर्मगुरुओं को खासतौर पर वर्तमान वातावरण में इस बात का ज़रूर ध्यान रखना चाहिए कि वे धार्मिक शिक्षाओं, शरीयत अथवा कुरान शरीफ का हवाला देकर ...

देशबन्धु
2017-04-09 23:07:46
क्या महिलाओं को शांति से जीने का अधिकार नहीं है