हिटलर बनाम चार्ली चैप्लिन

चैप्लिन की हत्या किए जाने के षडय़ंत्र के संबंध में प्रकाशित एक रिपोर्ट के तथ्यों पर विचार करें तो ऐसा लगता है चैप्लिन ने ग्रेट डिक्टेटर का निर्माण इसी आशंका के तहत किया था जिसमें उसने हिटलर को एक बेहद ...

हिटलर बनाम चार्ली चैप्लिन
ललित सुरजन

राधेष्याम तिवारी
चैप्लिन की हत्या किए जाने के षडय़ंत्र के संबंध में प्रकाशित एक रिपोर्ट के तथ्यों पर विचार करें तो ऐसा लगता है चैप्लिन ने ग्रेट डिक्टेटर का निर्माण इसी आशंका के तहत किया था जिसमें उसने हिटलर को एक बेहद मूर्ख और हास्यास्पद भूमिका में प्रस्तुत किया था। उसने स्वयं ही हिटलर की भूमिका भी निभाई्र थी।

युद्ध किस प्रकार मनुष्य के विवेक और दिमागी संतुलन को नष्ट कर देता है उसके दो उदाहरण सामने हैं। एक तो हिटलर को बर्बाद करने के लिए ब्रिटिष सेना द्वारा ज्योतिषियों का इस्तेमाल करना और दूसरा हिटलर द्वारा चार्ली चैप्लिन की हत्या करने का फरमान जारी करना। एक अघ्ययन के अनुसार दोनों सूचनाएं ऐसी हैं जो चौंकानेवाली है। 1940 में ब्रितानी सेना इस हद तक हिटलर से भयभीत हो चुकी थी कि उसकी गतिविधियों की जानकारी के लिए ज्येातिषियों की सेवा लेने लगी गई थी । यहां तक कि हिटलर और उसके सहयोगियों की जन्मकुडलियों में संभावित कमजोर समय को देखते हुए हमला करने की येाजना षुरु हो गई्र थी।  लेकिन हिटलर भी कम चालाक नहीं था। उसने भी तत्कालीन प्रभावषाली यहूदियों के नाम की एक एक पीली फाइल तैयार करवा कर उन लोगों के नाम हिट लिस्ट में षामिल किया था  जिन को किसी न किसी तरह से खत्म कर देना चाहता थ। इसको लेकर एक दिलचस्प तथ्य  सामने आया है वह एक पुस्तक के रुप में है। इस  पुस्तक में उन लोगों के नाम हैं जिनको हिटलर ने मरवाने का आदेष दिया था। इनमें से कुछ लोग मारे गए औेर कुछ भाग्यवष जीवित रह गए। इन में एक नाम चार्ली चैप्लिन का भी था जबकि चार्ली चैप्लिन उन यहूदियों की तरह नहीं था जिसकी जाति से हिटलर को चिढ़ थी।  आज भी कई लोगों को विष्वास नहीं होता है कि हिटलर चैप्लिन की हत्या करवाना चाहता था।  क्या खुद केे मारे जाने के भय ने चार्ली चैप्लिन को ‘द ग्रेट डिक्टेटर’ फिल्म के निर्माण के लिए प्रेरित किया था ? अब कइ्र फिलम जानकारें के मन में सवाल उठने लगा है कि क्या अपने मारे जाने के खौफ ने चैप्लिन को ‘ग्रेट डिक्टेटर’ जैसी फिल्म कें निर्माण के प्ररेणा मिली ?’  आष्चर्य यह हेै कि पूरे विष्व के दर्षको को हंसानेवाला चार्ली चैप्लिन  हिटलर नाम के एक व्यक्ति को नहीं हंसा पाया। उस आदमी ने हंसनें के बजाए चैप्लिन की हत्या का फरमान तक जारी कर दिया।
यदि भय को मनुष्य की रचनात्मकता को संचालित करने का एक महत्वपूर्ण तत्व मानें तो यह तथ्य सही लगता है। ‘द ग्रेट डिक्टेटर’ सिनेमा के व्याकरण की दृष्टि से एक असाधारण फिल्म है जो चैप्लिन की सिनेमा षैली से बिल्कुल अलग और एक बेहद संवेदनषील फिल्म है। हालांकि उस फिल्म के अंत में हिटलर को एक संवेदनषील व्यक्ति के रुप में प्रस्तुत किया है जिसे देख कर लगता है कि उसने अपनी हत्या के साजिष रचने के अपराध को माफ कर दिया हो। इस फिल्म को बनाने में उसे दस वर्ष लग गए थे।
चैप्लिन की हत्या किए जाने के षडय़ंत्र के संबंध में प्रकाषित एक रिपोर्ट के तथ्यों पर विचार करें तो ऐसा लगता है चैप्लिन ने ग्रेट डिक्टेटर का निर्माण इसी आशंका के तहत किया था जिसमें उसने हिटलर को एक बेहद मूर्ख और हास्यास्पद भूमिका में प्रस्तुत किया था। उसने स्वयं ही हिटलर की भूमिका भी निभाई्र थी। असल में हिटलर ने यहूदी कलाकारों, वकीलों, अर्थषास्त्रियों, पत्रकारों और सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों की एक सूची तेैयार कराई्र थी। यह सूची एक तरह से 95 पृष्ठों की एक पुस्तक थी जिसमें षामिल सभी लोगों की हत्या करने का आदेष था। इस को संपादित करने में यहूदी विरोधी प्रचारक जेाहान लीयर की प्रमुख भूमिका थी। उस पुस्तक में एक नाम चार्ली चैप्लिन का भी था। उस मे प्रकाषित कई ऐसे नाम थे जिनकी हत्या की जा चुकी थी। और चैप्लिन को मारने की तैयारी चल रही थी। लेकिन 1930 में बर्लिन के एक फिल्मकार इ्रवान मांटेग ने इस सूची को किसी तरह से हासिल करके उसकी प्रति उसने गुप्त रुप से चैप्लिन को भिजवा दी थी। चैप्लिन को इस बात की पूरी जानकारी हो गई थी कि हिटलर उसकी जान के पीछे पड़़ा हुआ था।
हालांकि विषेषज्ञों को यह समझ में नहीं आ रहा हेै हिटलर चैप्लिन की हत्या क्यों करवाना चाह रहा था जब कि वह असल में यहूदी नहीं था। क्या हिटलर चैपिलन की लेाकप्रियता से जलता था? यदि नहीं तो वे क्या कारण रहे होंगे, जिसकी वजह से दोनो के बीच के संबंध खराब हो गए थे? हालांकि 1930 में प्रकाषित इस पुस्तक ने  यह बहुत बड़ा रहस्य खड़ा हो गया है कि हिटलर चार्ली चैपलिन की हत्या क्यों करना चाहता था?  कई चीजें मानव संसार में रहस्यमय रह जाती हैं जिनका रहस्य अंतं अंत तक नहीं खुलता। हिटलर और  चैप्लिन के प्रेम औेर घृणा के रिष्ते इसी रहस्यात्मकता का उदाहरण हैं।
12/156 मालवीयनगर ,जयपुर -3020217.


 

 

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