हिटलर बनाम चार्ली चैप्लिन
हिटलर बनाम चार्ली चैप्लिन

चैप्लिन की हत्या किए जाने के षडय़ंत्र के संबंध में प्रकाशित एक रिपोर्ट के तथ्यों पर विचार करें तो ऐसा लगता है चैप्लिन ने ग्रेट डिक्टेटर का निर्माण...

ललित सुरजन
2017-05-13 23:09:39
लगभग अलक्षित चली गई किताब के बारे में कुछ जरूरी बातें
लगभग अलक्षित चली गई किताब के बारे में कुछ जरूरी बातें

2016 में विकासशील समाज अध्ययन पीठ और वाणी प्रकाशन की ओर से प्रकाशित रविकान्त की किताब ‘मीडिया की भाषा-लीला’ अनेक कारणों से महत्वपूर्ण किताब है ।

ललित सुरजन
2017-05-13 23:06:14
फेसबुक व्हाट्सअप और सोशल मीडिया की दलदल
फेसबुक व्हाट्सअप और सोशल मीडिया की दलदल

डॉ लोक सेतिया सोशल साइट्स की इधर धूम मची हुई है , हर कोई ट्विटर फेसबुक मेस्सेंजर व्हाट्सएप्प पर मग्न है। मुझे कभी कभी हैरानी होती है देख कर कि त...

देशबन्धु
2017-05-13 23:02:36
एक दिन मन्ना डे
एक दिन मन्ना डे

रात नौ बजे कार्यक्रम समाप्त हुआ, भीड़ के साथ सीढिय़ाँ उतरते हुए मुझे ‘प्रसाधन’ लिखा देखकर ख्याल आया कि इस बीच फारिग हो लूँ।

देशबन्धु
2017-05-06 23:17:22
ख़ामोशी से भरा घर
ख़ामोशी से भरा घर

हवा ने कितनी ही थपकियाँ दी होंगी. आज सुबह मैं उस दरवाज़े के सामने खड़ा था। दरवाज़ा चुप था। ऐसे चुप जैसे कोई किसी अपने के लौट आने पर हतप्रभ चुप खड...

देशबन्धु
2017-05-06 23:13:46
सीता होना इतना आसान भी नहीं होता
सीता होना इतना आसान भी नहीं होता

यह संयोग ही था। सालों पहले एक कॉलेज में था। महिला दिवस था और सीता सावित्री की धुनाई हो रही थी। एक वक्ता तो सीधे सीता पर ही निशाना साध रही थीं।

देशबन्धु
2017-05-06 23:10:52
मंजिल से जरूरी सफऱ का सन्देश देने वाले लेखक का जाना
मंजिल से जरूरी सफऱ का सन्देश देने वाले लेखक का जाना

मशहूर लेखक रॉबर्ट एम पिर्सिग का निधन 24 अप्रैल को अमेरिका के यॉर्क काउंटी में हो गया. गिरती सेहत उनका साथ और न दे पाई. रॉबर्ट हमेशा जानेे जायेंगे...

देशबन्धु
2017-04-29 22:57:42
ओशो के सानिध्य में विनोद खन्ना के वो दिन
ओशो के सानिध्य में विनोद खन्ना के वो दिन

मेरा आध्यात्मिक जीवन तब शुरू हुआ जब मैं उस मुकाम पर पहुंच गया था, जहां पर बहार की कोई चीज में मायना नहीं रखती थी। सब कुछ था मेरे पास: पैसा था, अच...

देशबन्धु
2017-04-29 22:53:37
हिंदी कविता के दो अतिवाद
हिंदी कविता के दो अतिवाद

पिछले दिनों समकालीन कविता के लगभग सबसे वरिष्ठ और चर्चित कवि केदारनाथ सिंह के साथ पन्नागढ़ जाना हुआ। पन्नागढ़ पश्चिम बंगाल का एक शहर तो क्या कस्बा है।

देशबन्धु
2017-04-29 22:47:44