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आलोचना अज्ञान और अवसर
आलोचना, अज्ञान और अवसर

हिंदी साहित्य में हर दौर में आलोचना को लेकर लंबी बहस होती रहती है । बहुधा आलोचकों पर आरोप लगते हैं कि अपना काम ठीक से नहीं कर रहे हैं ।

देशबन्धु
2017-03-18 23:14:16
सामाजिक प्रतिबद्धताओं से सजा व्यंग्य संग्रह शोरूम में जननायक
सामाजिक प्रतिबद्धताओं से सजा व्यंग्य संग्रह: शोरूम में जननायक

अनूप मणि त्रिपाठी का पहला व्यंग्य संग्रह ‘शोरूम में जननायक’ में लगभग तीन दर्जन व्यंग्य है। व्यंग्य संग्रह में भूमिका नहीं है,

देशबन्धु
2017-03-18 23:10:42
स्मृति शेष  डॉ बालेन्दु शेखर तिवारी
स्मृति शेष : डॉ. बालेन्दु शेखर तिवारी

‘बदउं गुरूपद कंज....!’ के विचार जब भी मेरे जेहन में आते हैं, गुरूदेव डॉ. बालेन्दु शेखर तिवारी जी का व्यक्तित्व मेरे मानस पटल पर उभर आता है। कुछ भ...

देशबन्धु
2017-03-18 23:05:03
मीठा ज़हर शब्दों का उलटफेर
मीठा ज़हर, शब्दों का उलटफेर

आप कितना कमीशन लोगे , आपको इतनी छूट देंगे , साथ में अमुक उपहार मिलेगा , इस में आपको मुफ्त में और बहुत फायदा भी मिलेगा। ये सब बातें एक जैसी ही ह...

देशबन्धु
2017-03-18 22:59:45
एक सिपाही की आंखों से मानव मुक्ति की दास्तान
एक सिपाही की आंखों से मानव मुक्ति की दास्तान

भारत और नेपाल दो अलग-अलग देश होते हुए सांस्कृतिक, सामाजिक, भौगोलिक रूप से एक ही दायरे में आते हैं। इसीलिए इन दोनों देशों की नियति, स्थिति, भाग्य ...

देशबन्धु
2017-03-11 23:04:50
गांवों में बहार है
गांवों में बहार है

हाल ही में दिल्ली के एक प्रोफेसर ने फेसबुक पर लिखा कि बाईस साल बाद वे अपने गांव जा रहे हैं। गांव पश्चिमी उत्तर प्रदेश का, दिल्ली से मात्र साठ-सत्...

देशबन्धु
2017-03-11 22:58:25
जब हम मुल्तान में होली मनाते थे
जब हम मुल्तान में होली मनाते थे

सिरायकी अथवा मुल्तानी - भाषी जिलों (वर्तमान पाकिस्तान में ) की अविभाजित पंजाब की धरती ब्रजभूमि सरीखी थी। वहाँ के गाँवों कस्बों में प्रभात समय घर ...

देशबन्धु
2017-03-11 22:49:14
क्यों है एग्जाम का हौव्वा
क्यों है एग्जाम का हौव्वा?

इम्तिहान...एग्जाम...परीक्षाएं...सर पर सवार हैं...किसके? विद्यार्थियों के तो नहीं. फिर किसके सर पर सवार हैं? माँ बाप के, टीचर्स के, स्कूलों के, नौ...

देशबन्धु
2017-03-11 22:41:53
क्या आपके पास है प्रमाणपत्र
क्या आपके पास है प्रमाणपत्र

क्याआपके पास है प्रमाणपत्र , मुझे भी ज़रूरत है , बता दो कहां से मिलेगा। बहुत जल्दी में घबराये हुए आये और सवाल दाग दिया। समझ नहीं आया कैसा प्रमाणप...

देशबन्धु
2017-03-04 22:57:45
देशभक्ति के मुखौटों में गुंडे हत्यारे घूम रहे हैं गुरमेहर
देशभक्ति के मुखौटों में गुंडे हत्यारे घूम रहे हैं: गुरमेहर

मुधमकियों और घटियातम गाली-गलौज़ के बाद लेडी श्रीराम कॉलेज की छात्रा गुरमेहर कौर अपने घर जालंधर लौट गई है। उसने खुद को दिल्ली यूनिवर्सिटी में गुंड...

देशबन्धु
2017-03-04 22:51:31
नई भौतिकी  नई दृष्टि
नई भौतिकी : नई दृष्टि

करीब 400 वर्षों से वैज्ञानिकों ने प्रकृृति को समझने के लिए जिस तकनीक को अपनाया, वह विभिन्न अवयवों के स्वतंत्र अस्तित्व पर जोर देने वाली थी।

देशबन्धु
2017-03-04 22:47:36
बेवकूफी का सौन्दर्य
बेवकूफी का सौन्दर्य

शोशल मीडिया पर फुर्सत से ‘फुरसतिया ब्लाग’ लिखने वाले अनूप शुक्ल से कौन परिचित नहीं है। हाल ही में उनका हास्य व्यंग्य संग्रह ‘बेवकूफी का सौन्दर्य’...

देशबन्धु
2017-03-04 22:44:20
‘मुअनजोदड़ो’ में शाहबाज कलंदर का जिक्र
‘मुअनजोदड़ो’ में शाहबाज कलंदर का जिक्र

जब टीवी पर यह समाचार देखा कि सूफी फक़ीर शाहबाज़ कलंदर की मजार पर धमाका हुआ है तो मुझे ओम थानवी की किताब ‘मुअनजोदड़ो’ की याद आई. उस किताब में उन्हो...

देशबन्धु
2017-02-18 23:02:07
भारी बस्ते पर बच्चा पंचायत
भारी बस्ते पर बच्चा पंचायत

नमन ने बस्ता जैसे ही कंधे से उतारा, उसकी चीख निकल गई। क्या हुआ ?’ - मम्मी दौड़ पड़ी।

देशबन्धु
2017-02-18 22:55:06
मुझे तो लगता है कि यूपी हाथ से निकल गया  अमित शाह
मुझे तो लगता है कि यूपी हाथ से निकल गया : अमित शाह

मुझे अंदाज़ा था कि अमित शाह मुझे घास नहीं डालेंगे । पिछली बार भी वे बिदक गए थे। मैंने गुजरात के पत्रकार मित्रों से मदद की गुहार लगाई। एक मित्र ने...

देशबन्धु
2017-02-18 22:51:40
कुहू-कुहू
कुहू-कुहू

कभी कोई दिन ऐसा आ जाता है कि मुझ जैसे अश्रद्ध व्यक्ति के मन में भी फलित ज्योतिष के सम्बन्ध में श्रद्धा पैदा हो जाती है। आप ही देखिए, सबेरे उठने क...

देशबन्धु
2017-02-18 22:46:00
क्या आपको अपने मोबाइल फोन से किसी बच्चे की आहों की आवाज आ रही है
क्या आपको अपने मोबाइल फोन से किसी बच्चे की आहों की आवाज आ रही है

इस समय विश्व की मध्यवर्गीय आबादी में एप्पल कम्पनी का नया आई फ़ोन 7 चर्चा का विषय बना हुआ है।

देशबन्धु
2017-02-12 04:01:29
विरह में जलने और यूं जलने में जमीन आसमान का फर्क है
विरह में जलने और यूं जलने में जमीन आसमान का फर्क है

पूर्व से पश्चिम तक हवाएं कुछ गर्म हैं। सर्द मौसम में ये गर्म हवाएं क्योंकर चल रही हैं? क्यों सब निषेध या ना कहकर ही अपनी मुश्किलों को आसान करना च...

देशबन्धु
2017-02-12 03:58:14