खाली हाथ मत जाइए हुजूर
खाली हाथ मत जाइए हुजूर

जजरा-सा खटका हुआ और मैं पहले ही झटके में समझ गया कि घर में चोर महाशय पधारे हुए है। मैं चोर को महाशय कह रहा हूं तो आपको बुरा लग रहा होगा

देशबन्धु
2017-10-22 01:27:34
अपरिचय
अपरिचय

पड़ोस के एक खाते-पीते मध्यवित्त परिवार के मकान के सामने एक जीप आकर रुकी। समय शाम का था, यही पांच बजे होंगे। धुंधलका छाने लगा था

देशबन्धु
2017-10-22 01:22:35
क्या ऐसे प्राप्त होगा न्यू इंडिया का लक्ष्य
क्या ऐसे प्राप्त होगा न्यू इंडिया का लक्ष्य?

ग्लोबल हंगर इंडेक्स पर भारत पिछले पाँच वर्षों में सबसे खराब स्थिति में आ गया है

देशबन्धु
2017-10-22 01:17:14
डॉ रामविलास शर्मा  आलोचना के कुछ बिंदु
डॉ रामविलास शर्मा : आलोचना के कुछ बिंदु

डॉ.रामविलास शर्मा हिंदी के श्रेष्ठ आलोचकों में से एक हैं. आचार्य शुक्ल और द्विवेदी जी के समकक्ष. विषय की विविधता, व्यापकता, परिमाण में उनसे आगे भ...

देशबन्धु
2017-10-22 01:13:25
यह विकट घेरा बंदी का काल है
यह विकट घेरा बंदी का काल है

आज कहीं अखबार की कटिंग पढ़ी कि अब सोशल मीडिया पर शेखी बघारना महंगा पड़ेगा

देशबन्धु
2017-10-22 01:02:15
एक दीप धरम का
एक दीप धरम का

दीवाली की साँझ। अपने ही शहर की छटा देखते विमुग्ध होते जा रहे थे हम। देवताओं के राजा इंद्र की नगरी क्या इससे भी ज्यादा ऐश्वर्यमयी होती होगी

देशबन्धु
2017-10-15 01:29:38
प्रकृति धरती का आभार प्रकट करते उत्सव 
प्रकृति, धरती का आभार प्रकट करते उत्सव 

भारतवर्ष को एक देश नहीं, बल्कि महादेश कहकर सम्बोधित किया जाए तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी। रहन-सहन, खान-पान, बोली-भाषा, जाति-धर्म की जितनी विविधत...

देशबन्धु
2017-10-15 01:24:18
मुस्कुराना भी एक प्रतिरोध है
मुस्कुराना भी एक प्रतिरोध है

वैसे सुनने में यह अटपटा लग सकता है पर विपरीत और उग्र परिस्थितियों में घटनास्थल पर पहुंच कर खड़े हो जाना और तने हुए चेहरों के बीच मुस्कान बिखेरना भ...

देशबन्धु
2017-10-15 01:20:07
गोवर्धन पूजा गोबर और गौसंस्कृति
गोवर्धन पूजा, गोबर और गौसंस्कृति

गोबर सबके लिए उपयोगी, अनिवार्य और अनुपम होने से आजीविका का संबल और जीवन-पोषण का मुख्य स्रोत है। अत: गोबर भारत राष्ट्र का उत्कृष्ट धन है

देशबन्धु
2017-10-15 01:09:57
कुछ  लोकतांत्रिक सुझाव
कुछ  'लोकतांत्रिक' सुझाव

अपने एक वरिष्ठ मित्र अच्छी नौकरी यानी सरकारी अफसरी से रिटायर होने के बाद, पूरे अठारह महीने तक काम न करूं सरकारी कमीशन की चेयरमैनी लूटकर वापिस आखि...

देशबन्धु
2017-09-24 00:28:48
प्रायश्चित
प्रायश्चित

क्या कोई अपनी ही सुहागरात में इतना निर्विकार हो सकता है? पर निखिल आज बिल्कुल निर्विकार था। शादी के बाद जब वह अलका को अपने घर ले आया तब उसे लगा था...

देशबन्धु
2017-09-23 22:43:19
रेंकने वाले प्राणी की चहचहाहट
रेंकने वाले प्राणी की चहचहाहट

गधे की तस्वीर के साथ आए एक ट्वीट के बाद गधों की दुनिया में हलचल मच गई है इन दिनों गधों की हजार सालों  की  सहनशीलता दाव पर है

देशबन्धु
2017-09-23 22:11:54
बुलेट ट्रेन और है की नहीं पर हां में हां
बुलेट ट्रेन और 'है की नहीं' पर हां में हां

जित्ते पैसे में नया ट्रैक और रेलगाड़ी बना रहे हो।।उत्ते में तो कित्ते सारे हवाई जहाज आ जायेंगे और आकाश में तो वैसे ही कोई ट्रेफिक जाम नहीं लगता है

देशबन्धु
2017-09-23 21:59:03
प्यारी सी है सिमरन
प्यारी सी है सिमरन

अगर बात सिर्फ बंधनों को तोड़ने की है तो यह बात जरूरी है लेकिन बात जब बंधनों को पहचानने की हो तो और भी जरूरी हो जाती है

देशबन्धु
2017-09-23 21:47:38
अनुचित की आजादी
अनुचित की आजादी

सरकार क्या अखबार क्या टीवी के खबरी चैनल क्या, सब इंतजार किया करते हैं किसी अनहोनी को घटने की। फिर कुछ दिन तक उसी बात का शोर मगर बेहद असंवेदनशील ढ...

देशबन्धु
2017-09-23 21:30:44
आधी रात की मिले आजादी
आधी रात की मिले आजादी

मुझे रात कुछ ज्यादा ही प्यारी है। रात सड़कें और सफर दोनों रोमांचित करते हैं। नाइट शिफ्ट के दौरान रात में कई बार दोस्तों के साथ चाय पी है। उनका जाय...

देशबन्धु
2017-09-17 01:15:26
अनुरागी मन
अनुरागी मन

पितृपक्ष चल रहे हैं। सालभर के कामधंधे और उलझनों के कारण बिसर गये पितरों से वापस जुड़ने का समय है

देशबन्धु
2017-09-17 01:22:27
बेखबर को क्या खबर
बेखबर को क्या खबर

इक और समाजिक कार्य करने वाले भी कल आमंत्रित किये गए थे। वो कई राज्यों में गूंज नाम की संस्था द्वारा बहुत अच्छे काम कर रहे हैं

देशबन्धु
2017-09-17 01:22:05
वह चुपके से सिसक उठी
वह चुपके से सिसक उठी

पांच भाइयों के बीच एक बहिन अपनी मां को मुखाग्नि देते चुपके-चुपके सिसक रही थी। जायदाद बंटवारे को लेकर पिता की मृत्यु के बाद बेटों ने मां से रिश्ता...

देशबन्धु
2017-09-17 00:57:55
अन्नाजी की दहाड़
अन्नाजी की दहाड़

अन्ना हजारे उस बालक की तरह हैं जो घरवाले काफी देर तक उसकी ओर ध्यान न दें तो रोने लगता है। देखो भाई, बच्चा क्यों रो रहा है। बहू देख तो बच्चा क्यों...

प्रभाकर चौबे
2017-09-17 00:53:08
वृद्ध
वृद्ध

बिस्तर पर लेटकर मैं सोने की कोशिश कर रहा था। लेकिन नींद तो जैसे कोसों दूर हो चुकी थी। आंखों के सामने उसका चेहरा और वह हादसा बार-बार आ रहा था

देशबन्धु
2017-09-16 22:08:03