शासकीय भूमि पर कब्जा सरपंच पर होगी कार्रवाई,मुंगेली कलेक्टर को जांच कराने निर्देश

बिलासपुर ! शासकीय भूमि पर अतिक्रमण व अन्य गड़बड़ी के मामले में आज हाईकोर्ट ने मुंगेली जिला कलेक्टर को जांच कर दोषी पाएजाने पर सरपंच के विरुद्ध कार्रवाई करने निर्देश दिए। ...

शासकीय भूमि पर कब्जा सरपंच पर होगी कार्रवाई,मुंगेली कलेक्टर को जांच कराने निर्देश

बिलासपुर !  शासकीय भूमि पर अतिक्रमण व अन्य गड़बड़ी के मामले में आज हाईकोर्ट ने मुंगेली जिला कलेक्टर को जांच कर दोषी पाएजाने पर सरपंच के विरुद्ध कार्रवाई करने निर्देश दिए। साथ ही मामले पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला व जनपद पंचायत को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मामले की अलगी सुनवाई 27 मार्च को नियत की गई है।
ग्राम चंदखुरी निवासी शंकरलाल अग्रवाल ने अधिवक्ता सलीम काजी के माध्यम हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर यह आरोप लगाया है कि सरपंच आत्माराम बानी द्वारा गांव की शासकीय भूमि का अतिक्रमण किया गया है और गैर कानूनी ढंग से आबंटन भी किया है जो भूमि आयुर्वेदिक दवाओं की रोपनी हेतु आबंटित की गई है। उस पर बिल्डिंग मटेरियत रखा जा रहा है और फैक्ट्री चलाई जा रही है। याचिकाकर्ता के अनुसार उक्त आरोप पटवारी प्रतिवेदन के अनुसार सही पाए गई है। याचिका में यह भी बताया गया है कि सरपंच ने स्वच्छ भारत मिशन के अन्तर्गत बनाए जा रहे टॉयलेट हेतु घटिया स्तर का मटेरियल लगाया है। हाईकोर्ट ने मुंगेली जिला कलेक्टर को जांच कर कार्रवाई करने का निर्देश जारी किया व जनपद व जिला पंचायत सीईओ से जवाब तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई 27 मार्च को होगा।
शिक्षाकर्मी की बर्खास्तगी मामले का 3 माह में करें निराकरण
शिक्षाकर्मी को बिना विभागीय जांच किए सेवा मुक्त किए जाने के खिलाफ याचिका पर आज हाईकोर्ट ने जिला कलेक्टर बेमेतरा को निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता की बर्खास्तगी मामले का तीन माह के भीतर निराकरण करें।
साजा जिला बेमेतरा निवासी वेदप्रकाश सिंह को वर्ष 2007 में मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत साजा द्वारा शिक्षाकर्मी वर्ग-3 के पद पर नियुक्त किया गया था। वर्ष 2007 से वर्ष 2016 तक लगभग नौ वर्षों तक सेवा देने के पश्चात मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत साजा द्वारा वेदप्रकाश सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी कर सेवा से पृथक कर दिया गया। इस पर वेदप्रकाश सिंह द्वारा अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर की। अधिवक्ता द्वारा हाईकोर्ट के समक्ष यह तर्क प्रस्तुत किया गया कि सीईओ जनपद पंचायत साजा द्वारा छ.ग.पंचायत सेवा (अनुशासन एवं अपील)  नियम 1999 के नियम 7 के तहत आरोप पत्र जारी किये बिना, विभागीय जांचकर्ता अधिकारी नियुक्त किये बिना एवं बिना विभागीय जांच के याचिकाकर्ता अधिकारी नियुक्त किये बिना एवं बिना विभागीय जांच के याचिकाकर्ता की सेवा समाप्त कर दिया गया जो कि अनुचित है। याचिककर्ता के अधिवक्ता द्वारा उक्त मामले में हाईकोर्ट द्वारा प्रकाश चंद सोनी विरूद्ध छ.ग.शासन एवं अन्य के वाद में पारित निर्णय का भी हवाला दिया गया।  हाईकोर्ट द्वारा उक्त मामले की सुनवाई के पश्चात कलेक्टर बेमेतरा को यह निर्देशित किया गया कि वे हाईकोर्ट द्वारा पूर्व में प्रकाश चंद सोनी के वाद में पारित निर्णय के परिपालन में 03 (तीन) माह के भीतर याचिकाकर्ता के बर्खास्तगी मामले का निराकरण करें।
मृत्यु क्षतिपूर्ति दावा अधिकरण करे मामले की सुनवाई
दुर्घटना में मृत्यु पर क्षतिपूर्ति के दावे के एक मामले में हाईकोर्ट ने दुर्घटना मृत्यु दावा अधिकारण को ही मामले को निराकृत करने का निर्देश दिया।
जानकारी के अनुसार थाना सरसीवा बलौदा बाजार निवासी नरेश बेहरा की थाना सराईपाली जिला महासमुुंद में  30 अगस्त 2013 को दुर्घटना में मृत्यु के मामले में दुर्घटना मृत्यु दावा अधिकरण के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट अधिवक्ता अमियकांत तिवारी व राघवेन्द्र प्रधान के माध्यम से हाईकोर्ट में अपील की। हाईकोर्ट ने मालती सरदार के मामले में सुप्रीम कोर्ट के गाइडलाइन का हवाला देते हुए  क्षतिपूर्ति अधिकरण सराईपाली को निर्देश जारी किया कि मामले की सुनवाई कर निराकृत करे क्योंकि यह मामला उनके ही कार्यक्षेत्र के अंतर्गत अधिकरण ने नरेश बेहरा के परिजनों के दावे को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि मृतक अन्य जिले का निवासी है।


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