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वे सुन नहीं सकते
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शहंशाह आलम की कविताएं
कोशिश करें तो
वे भी सुन सकते हैं
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इसलिए वे शहर बहरे नहीं हैं
हमीं ने उन्हें
बहरा किया हुआ है अनंतकाल से।
शहंशाह आलम
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