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पहाड़ों की गोद में बसा डलहौजी
पहाड़ों की गोद में बसा डलहौजी

डलहौजी एक बहुत ही खूबसूरत और मनमोहक पर्वतीय स्थल है। पर्वतों से घिरी इस जगह पर देखने को बहुत कुछ है।

देशबन्धु
2017-03-26 04:44:08
स्त्री  दान ही नहीं आदान भी
स्त्री : दान ही नहीं, आदान भी

आज की बदली हुई परिस्थितियों में स्त्री केवल उन्हीं आदर्शों से संतोष न कर लेगी, जिनके सारे रंग उसके आँसुओं से धुल चुके हैं, जिनकी सारी शीतलता उसके...

देशबन्धु
2017-03-26 04:41:15
लावारिस बच्चों के लिए बदलाव की बयार
लावारिस बच्चों के लिए बदलाव की बयार

सडक़ों पर रहने वाले लावारिस नन्हे बच्चों के लिए अब प्रसन्न होने का समय है। आमतौर पर ‘स्ट्रीट चिल्ड्रन (लावारिस बच्चे)’ कहे जाने वाले 20 लाख से अधि...

देशबन्धु
2017-03-26 04:35:27
शैक्षणिक संस्थानों की दरकती साख
शैक्षणिक संस्थानों की दरकती साख

उच्च शिक्षा में दाखिले के मामले में भारत अभी भी चीन, थाईलैंड और मलेशिया से पीछे है। मौजूदा समय में भारत में यह आंकड़ा 20 फीसद के आसपास है जबकि ची...

देशबन्धु
2017-03-25 04:55:22
बाजार की दीवार पर टंगी उच्च शिक्षा
बाजार की दीवार पर टंगी उच्च शिक्षा

इस बाजार ने युवाओं को एक स्वप्न दिया जिसमें वे खुद को शूट-बूट पहने कम्प्यूटर और लैपटॉप के सामने बैठे प्रोफेशनल की भूमिका में देखने लगे।

देशबन्धु
2017-03-24 05:26:31
नगर-वधू
नगर-वधू

देशबन्धु
2017-03-21 05:34:36
मोबाइल तुझे सलाम
मोबाइल तुझे सलाम

वेपिछले पांच सालों से रोज की तरह आज भी ऑफिस के सारे काम बंद कर कुर्सी पर पसरे हुए मोबाइल पर पूरे मनोयोग से जुटे थे। फेसबुक पर, व्हाट्सएप पर या फि...

देशबन्धु
2017-03-21 05:30:05
बुंदेलखंड का गौरव चन्देरी
बुंदेलखंड का गौरव चन्देरी

वर्तमान चन्देरी की साहट 10वीं-11वीं शताब्दी में हुई थी। इससे पूर्व यहां से उत्तर-पश्चिम में 14 किमी. दूरी पर पुरानी चन्देरी बसी थी, जिसके खंडहर म...

देशबन्धु
2017-03-18 22:44:53
लोकगीत संस्कृति साहित्य और समाज की सौगात
लोकगीत: संस्कृति, साहित्य और समाज की सौगात

आदिकाल से अपनी विविधता और संवेदनात्मक ऊर्जा के सहारे लोकगीत आज भी जीवित है, साथ ही बेहद लोकप्रिय है।

देशबन्धु
2017-03-18 22:39:17
गांव की वह ऐतिहासिक होली
गांव की वह ऐतिहासिक होली

पूंजीवादी विकास में होली लोगों की पेट और जेब में समा चुकी है। अब होली मेरे जीवन के गुजरे अतीत के शोकगीत की तरह मेरे भीतर धिक्कारती रहती है। खो चु...

देशबन्धु
2017-03-12 21:57:10
प्रेम की होली
प्रेम की होली

गंगी का सत्रहवाँ साल था, पर वह तीन साल से विधवा थी, और जानती थी कि मैं विधवा हूँ, मेरे लिए संसार के सुखों के द्वार बन्द हैं।

देशबन्धु
2017-03-12 21:30:57
होली खेलना है- आधार कार्ड है
होली खेलना है- आधार कार्ड है

‘मैं तो रंग डालूंगा...।’ इतना सुनते ही उस व्यक्ति ने आवाज लगाई- ‘पुलिस...।’ और चौक पर खड़ा पुलिसमैन बोल पड़ा-‘क्या है? क्यों चिल्ला रहे हो?’

प्रभाकर चौबे
2017-03-12 21:27:51
आइए चलें मथुरा की लठमार होली देखने
आइए चलें मथुरा की लठमार होली देखने

मथुरा एक ऐतिहासिक एवं धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में प्रसिद्ध है। लंबे समय से मथुरा प्राचीन भारतीय संस्कृति एवं सभ्यता का केंद्र रहा है।

देशबन्धु
2017-03-12 05:23:34
वागड़ के भीलूड़ा की पत्थरमार होली
वागड़ के भीलूड़ा की पत्थरमार होली

जनजाति बहुल वागड़ अंचल में होली एक या दो दिन की नहीं अपितु पखवाड़े भर तक चलती है। कई रोचक परम्पराओं और निराली रीतियों का दिग्दर्शन कराती वागड़ क...

देशबन्धु
2017-03-12 05:20:25
एग्जिमा या अस्थमा है तो सावधानी से खेलें रंग
एग्जिमा या अस्थमा है तो सावधानी से खेलें रंग

फाल्गुन के महीने में हर तरफ रंग और उमंग नजर आना शुरू हो जाता है। फाग के इस महीने को रंगों का ही महीना माना जाता है, क्योंकि इस महीने होली मनायी ...

देशबन्धु
2017-03-12 05:17:47
औरतों को खुद लडऩी होगी अपनी मुक्ति की लड़ाई
औरतों को खुद लडऩी होगी अपनी मुक्ति की लड़ाई

औरतों को अपनी मुक्ति की लड़ाई खुद लडऩी होगी। कोई बाहर से उनका मददगार नहीं हो सकता। आज जब वे मुखिया या सरपंच भी बनने लगी हैं तो उन्हें खुद भी यह ...

देशबन्धु
2017-03-08 05:39:11
पुरुषों को भी स्त्री मुक्ति का गीत गाना होगा
पुरुषों को भी स्त्री मुक्ति का गीत गाना होगा

महान व्यंग्यकार हरिशंकर परसाई ने कहीं लिखा है कि- भगवान पांच लड़कियों के बाद लडक़ा देकर अपने होने का सबूत देता रहता है। यही हमारे समाज का सच है

देशबन्धु
2017-03-08 05:35:37
कहानी   चूड़ीवाली
कहानी : चूड़ीवाली

अभी तो पहना गई हो। बहूजी, बड़ी अच्छी चूडिय़ाँ हैं। सीधे बम्बई से पारसल मँगाया है। सरकार का हुक्म है; इसलिए नयी चूडिय़ाँ आते ही चली आती हूँ। तो जा...

देशबन्धु
2017-03-07 21:47:48