पद चिह्नों पर
पद चिह्नों पर

मेरे ससुराल के लोग बहुत ही कंजूस प्रवृत्ति के थे। पहले-पहले जब मैं ससुराल आई तो मुझे उनका यह स्वभाव देखकर बहुत कोफ्त हुई

देशबन्धु
2017-06-11 00:10:34
कुत्ता लाओ हुकुम बचाओ 
कुत्ता लाओ, हुकुम बचाओ 

हे मेरे देशवासियों आपको यह जानकर अति दुख होगा कि हमारे जिला हुकुम का वफादार कुत्ता पिछले चार दिन से कहीं लापता हो गया है

देशबन्धु
2017-06-10 23:52:38
नया ब्राह्मण
नया ब्राह्मण

विधवा अतरो गांव के मोहल्ले बुहार-बुहारकर मंगलू को पढ़ा-लिखा रही थी

देशबन्धु
2017-06-10 23:42:15
मेरे पास माँ है
मेरे पास माँ है!

खिडक़ी के पर्दों की चमक मेरे महंगे प्रेस किये शर्ट को शर्मिंदा कर रहे थे। सोफे पर भी झिझक के साथ ही बैठा था कहीं गन्दा न हो जाये।

अन्य
2017-06-11 19:03:59
मदर्स डे पर विशेष  माँ सिर्फ एक शब्द नहीं
मदर्स डे पर विशेष : माँ सिर्फ एक शब्द नहीं...

कौन कहता है कि अकेला शब्द रचना का निर्माण नहीं कर सकता। बिना वाक्य के शब्द अधूरा रह जाता है। हम भी इसे सहज ही स्वीकार कर बैठते हैं, किन्तु एक शब...

अन्य
2017-06-11 19:05:51
मुझे लौटा दो मेरा वो गांव
मुझे लौटा दो मेरा वो गांव

राजनीति की हवा ने घर-घर में दीवार खड़ी कर दी है। सभी के अपने झंडे, बैनर दल और पार्टी हैं। अब लोग गांव के नहीं पार्टी के आदमी बन गये हैं। सब दलदल ...

डॉ. गंगाप्रसाद बरसैंया
2017-06-11 19:08:51
ऐतिहासिक नगर देवगढ़
ऐतिहासिक नगर देवगढ़

बेतवा नदी के दाएं तट पर बसा देवगढ़ उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले का एक लोकप्रिय और ऐतिहासिक नगर है। दक्षिण का मुख्य मार्ग यहां से होने के कारण इसक...

देशबन्धु
2017-05-13 05:06:55
विलुप्त होने की कगार पर आदिवासियों की भाषाएं
विलुप्त होने की कगार पर आदिवासियों की भाषाएं

भारत बहुभाषा-भाषी राष्ट्र है, किंतु इसका अर्थ यह नहीं लगाना चाहिए कि यहां के सभी निवासी मातृ भाषाओं के अतिरिक्त अन्य भाषा भी जानते हैं। देश में स...

देशबन्धु
2017-05-13 05:02:11
‘वाइसराय हाउस’
‘वाइसराय हाउस’

बचपन से ही पढ़ाया जाता है कि हिन्दू, सिख, मुसलमान आपस में लड़ते थे , लेकिन ब्रिटिश लायब्रेरी में रखे केवल चीफ आफ स्टाफ के लिए चिन्हित एक ‘अत्यंत ...

देशबन्धु
2017-05-07 05:39:14
गुलमर्ग  धरती का स्वर्ग
गुलमर्ग : धरती का स्वर्ग

गुलमर्ग जम्मू और कश्मीर का एक खूबसूरत हिल स्टेशन है। इसकी सुंदरता के कारण इसे धरती का स्वर्ग भी कहा जाता है।

देशबन्धु
2017-05-06 05:24:01
तुलसीदास के मानस में नारी चिंतन
तुलसीदास के मानस में नारी चिंतन

लोकनायक महाकवि तुलसीदास एक ऐसे सचेष्ट समाजदृष्टा हैं जो समाज के विभिन्न पहलुओं की पड़ताल का रेखांकन अत्यंत गंभीरता के साथ करते हैं। इस गंभीर पड़त...

देशबन्धु
2017-05-06 05:20:02
बच्चे पढ़ क्यों नहीं पाते
बच्चे पढ़ क्यों नहीं पाते?

हाल ही में शिक्षकों के साथ चर्चा का प्रमुख विषय था कि क्या कारण है कि बच्चे स्कूलों में पांच वर्ष तक की औपचारिक शिक्षा प्राप्त करने के बावजूद पढऩ...

देशबन्धु
2017-05-06 05:16:19
रमाकांत श्रीवास्तव  सचमुच बहुमुखी प्रतिभा
रमाकांत श्रीवास्तव : सचमुच बहुमुखी प्रतिभा

खैरागढ़। 1984। ऋतुसंहार। मध्यप्रदेश हिंदी साहित्य सम्मेलन का ऐसा आयोजन जिसे ‘न भूतो न भविष्यति’ की कोटि में रखा जाए तो अतिशयोक्ति न होगी।

ललित सुरजन
2017-04-30 04:26:25
बिना सूंड का हाथी
बिना सूंड का हाथी

खूंटीराम अपने हाथ में पकड़े प्रमाण-पत्र से अधिक जर्जर था। केवल धोती पहने हुए 2 जनवरी की सुबह 9 बजे घने कोहरे में लिपटे नगरनार में पेड़ों की छांव ...

देशबन्धु
2017-04-30 04:06:09
चंपारण सत्याग्रह शताब्दी पर विशेष  दीपाली रस्तोगी का सत्याग्रह शासन और गांधी
चंपारण सत्याग्रह शताब्दी पर विशेष : दीपाली रस्तोगी का सत्याग्रह, शासन और गांधी

किसानों का शोषण बंद हो। चंपारण सत्याग्रह, इसी सच का आग्रह था। चंपारण सत्याग्रह के सौ साल पूरे होने पर भी क्या किसानों का शोषण रुका है?

देशबन्धु
2017-04-25 05:37:03
गांधीजी का पर्यावरण मंत्र संयम स्वावलंबन और सोनखाद
गांधीजी का पर्यावरण मंत्र :संयम, स्वावलंबन और सोनखाद

कचरा, पर्यावरण का दुश्मन है और स्वच्छता, पर्यावरण की दोस्त। कचरे से बीमारी और बदहाली आती है और स्वच्छता से सेहत और समृद्धि। ये बातें महात्मा गांध...

देशबन्धु
2017-04-25 05:31:08
क्या मौजूदा किसान आंदोलन राजनीति से प्रेरित है ?