नन्हें हाथों से चाँद को छूने के काबिल बनाएँ
नन्हें हाथों से चाँद को छूने के काबिल बनाएँ

शांति का नोबेल पुरस्कार हासिल करने वाले कैलाश सत्यार्थी मध्यप्रदेश के विदिशा में बचपन के दिनों में लाइब्रेरी से किताबें लाते थे

देशबन्धु
2017-07-23 17:36:04
हर जोर जुल्म की चक्कर में
हर जोर जुल्म की चक्कर में

कमाल के प्रयोगधर्मी हैं। रोज ऑफिस में कोई न कोई नया प्रयोग कर सबको चकित करते रहते हैं

देशबन्धु
2017-07-23 17:22:18
कितने इम्तिहान
कितने इम्तिहान

अहाते में जुटी भीड़ अब एकटक बनवारी का इंतजार कर रही है। अहाते के कोने में रखी मास्साब की लाश किसी को सोचने का मौका नहीं दे रही है

देशबन्धु
2017-07-23 17:15:58
अजित कुमार की तीन कविताएं
अजित कुमार की तीन कविताएं

सुबह चिड़ियों के मधुर स्वर गूँजते हैं

देशबन्धु
2017-07-23 16:46:16