नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती को कल लखनऊ में बसपा की रैली में नोटों की माला पहनाये जाने को लेकर समाजवादी पार्टी, भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के सदस्यों ने आज लोकसभा में भारी हंगामा किया जिसके कारण सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पडी। और इसके बाद लोकसभा की कार्यवाही 12 अप्रैल तक स्थगित करनी पडी। प्रश्नकाल समाप्त होते ही सपा और कांग्रेस के सदस्य अपने स्थानों पर खडे होकर जोर जोर से बोलने लगे। सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव तथा कांग्रेस के जगदंबिका पाल और पी एल पूनिया सहित अनेक सदस्यों के एक साथ बोलने के कारण सदन में कुछ सुनायी नहीं दिया। वे सुश्री मायावती को पहनाई गई नोटों की माला के बारे में कुछ कहना चाहते थे। अध्यक्ष मीरा कुमार ने शून्यकाल के दौरान जनहित के महत्वपूर्ण मामलों को उठाने के लिये सदस्यों के नाम पुकारे लेकिन भारी शोरगुल के कारण कुछ भी सुनायी नहीं दिया। उन्होंने सदस्यों को शांत करने की बार बार कोशिश की लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ। इस दौरान बहुजन समाज पार्टी के सदस्य भी अपने स्थान पर खडे होकर बोलने लगे। दूसरी तरफ भाजपा के सदस्यों ने बोलना शुरु कर दिया जिससे शोरगुल और बढ गया। इस पर श्रीमती मीरा कुमार ने कार्यवाही एक बजे तक के लिये स्थगित कर दी। कार्यवाही पुन शुरु होने पर सपा. भाजपा तथा कांग्रेस के सदस्य अपनी सीटों पर फिर खडे हो गये और कुछ कहने लगे। उपाध्यक्ष करिया मुंडा ने उनसे शांत रहने और कार्यवाही चलने देने की अपील करते हुये कहा कि किसी ने भी कोई नोटिस नहीं दिया है अत उन्हें ऐसे ही कोई मुद्दा उठाने की इजाजत नहीं दी जा सकती। उन्होंने राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण विधेयक पर चर्चा आगे शुरु करने के लिए कांग्रेस के संदीप दीक्षित का नाम पुकारा। इस बीच कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कल बहुत बडी घटना हुई है। वहां के सारे सांसद सदन में अपनी बात रखना चाहते हैं। उन्होंने उपाध्यक्ष से अनुरोध किया कि श्री मुलायम सिंह यादव वरिष्ठ सांसद है अत उनकी बात सुन ली जाये। इस बीच जनता दल .यू. के शरद यादव ने भी उन्हें तथा अन्य सदस्यों को अपनी बात रखने की अनुमति देने का अनुरोध किया। उपाध्यक्ष ने कहा कि वह विभिन्न दलों के एक..एक सदस्य को मौका दे सकते हैं लेकिन इस पर बहुजन समाज पार्टी के सदस्य आपत्ति जताने लगे और फिर भारी शोरशराबा होने लगा। इस पर उपाध्यक्ष ने कार्यवाही दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी। श्रीजगदम्बिका पाल ने बाद में पत्रकारों से कहा कि सुश्री मायावती को रैली में करोडों रुपये की माला पहनायी गयी। उन्होंने इसे स्वीकार कर संबंधित आचार संहिता का उल्लंघन किया है। उन्होंने कहा कि एक..एक हजार के नोटों को नत्थी कर माला बनाकर पहनाया जाना भी एक अपराध है।