नई दिल्ली ! उच्चतम न्यायालय ने आज राष्ट्रीय जनता दल अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव एवं उनकी पत्नी राबडी देवी से संबंधित विभिन्न मामलों की सुनवाई कल तक के लिए स्थगित कर दी ! मुख्य न्यायाधीश के जी बालाकृष्णन और न्यायमूर्ति बी एस चौहान की खंडपीठ ने भ्रष्टाचार के मामले में यादव दम्पती को बरी किये जाने की सिफारिश तथा इस फै सले को चुनौती देने वाली याचिका सहित विभिन्न मामलों की संयुक्त सुनवाई यह कहते हुए कल तक के लिए टाल दी कि समय के अभाव में इस मामले की सुनवाई अधूरी रह जाएगी ! चारा घोटाले और आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक धन अर्जित करने के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो ने श्री यादव के खिलाफ मुकदमा शुरू किया था लेकिन बाद में आय से अधिक सम्पत्ति के मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने 18 दिसम्बर 2006 को आरोप मुक्त कर दिया था ! बिहार सरकार ने इस फैसले को पटना उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी ! जिसके जवाब में यादव दम्पती और अभियोजना एजेंसी सीबीआई ने उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है ! यादव दम्पती और सीबीआई का कहना है कि उन्हें बरी किये जाने के फैसले को चुनौती देने का अधिकार राज्य सरकार को नहीं है ! हालांकि राज्य सरकार का कहना है कि उसे इस मामले में हस्तक्षेप का पूरा अधिकार है क्योंकि यह राज्य के राजस्व से जुडा मामला है ! बिहार सरकार की दलील है कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की सरकार में रेल मंत्री होने के कारण सीबीआई ने उनके खिलाफ मामला रफादफा कर दिया !