नई दिल्ली। चार के पूर्व विश्व चैंपियन पाकिस्तान के लिए हाकी विश्वकप टूर्नामेंट 'काला विश्वकप' साबित हो गया है। पाकिस्तान की टीम अपने पूल बी में छठे और आखिरी स्थान पर रही और वह 11 से 12 वें स्थान के लिए खेलेगी । पाकिस्तानी टीम के इस शर्मनाक प्रदर्शन के बाद उनके देश में हाहाकार मचा हुआ है और खिलाडियों प्रशासकों तथा खेल प्रेमियों ने इसे पाकिस्तान हाकी के लिए काला विश्वकप करार दे दिया है । पाकिस्तान के समृद्ध हाकी इतिहास में 24 साल बाद जाकर यह पहला मौका है जब वह 11 वें से 12 वें स्थान के लिए खेलेंगे। वर्ष 1986 के विश्वकप में पाकिस्तान 11 वें स्थान पर रहा था। इन दो विश्वकप को छोड दिया जाए तो पाकिस्तान की टीम हमेशा चोटी की छह टीमों में शामिल रही है। पाकिस्तान ने 1971, 1978, 1982 और 1994 में चार बार विश्वकप जीता है। वह 1975 और 1990 में दो बार उपविजेता रहा है। पाकिस्तान को 1972 में चौथा 1998 और 2002 में पांचवां तथा 2006 में छठा स्थान मिला था। पाकिस्तान को इसबार भी सेमीफाइनल में पहुंचने का प्रबल दावेदार माना जा रहा था लेकिन पाकिस्तानी टीम अपने पहले ही मैच में भारत से 1-4 से पिटने के बाद फिर संभल नहीं पाई। पाकिस्तान ने हालांकि अपने दूसरे मैच में स्पेन को 2-1 से हराया लेकिन इसके बाद वह इंग्लैंड से 2-5 से दक्षिण अफ्रीका जैसी कमजोर टीम से 3-4 से और आस्ट्रेलिया से 1-2 से पिट गया।