नागपुर। भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने स्वीकार किया कि पहले टेस्ट मैच में दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट टीम ने उनकी टीम को खेल के हर विभाग में फिसड्डी साबित किया। मेहमान टीम ने विदर्भ क्रिकेट संघ (वीडीए) मैदान पर खेले गए पहले टेस्ट मैच के चौथे दिन मंगलवार को भारतीय टीम को एक पारी और छह रनों से पराजित कर दिया। भारतीय टीम सर्वोच्च वरीय टेस्ट टीम है और वह टेस्ट चैम्पिनशिप खिताब हासिल करने के इरादे से मैदान में उतरी थी लेकिन मेहमान खिलाड़ियों के शानदार खेल के सामने उसके खिलाड़ी टिक नहीं पाए। धौनी ने मैच के बाद कहा, "हाशिम अमला, जैक्स कैलिस और स्डेल टेन ने हमें खेल के हर विभाग में दोयम साबित किया। स्टेन ने बेहतरीन गेंदबाजी की। उन्होंने पारंपरिक गेंदबाजी का उत्कृष्ठ नमूना पेश किया। शुरुआती विकेट गंवाने के बाद हमारे बाकी के बल्लेबाजों के लिए दो दिनों तक विकेट पर टिके रहना मुश्किल था। दक्षिण अफ्रीका अब श्रृंखला गंवा नहीं सकता लिहाजा हम दबाव में हैं। पिछली बार जब वे यहां आए थे, तब वे बिल्कुल हमारी स्थिति में थे।" मैच के आंकड़ों पर नजर डालें तो टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए दक्षिण अफ्रीका ने अमला (नाबाद 253) और कैलिस (173) के शानदार शतकों की बदौलत अपनी पहली पारी 6 विकेट पर 558 रनों पर घोषित कर दी थी। भारतीय टीम वीरेंद्र सहवाग (109) के 18वें शतक और एस. बद्रीनाथ (56) के करियर के पहले अर्धशतक के बावजूद अपनी पहली पारी में 233 रन ही बना सकी थी। मेहमान टीम के तेज गेंदबाज स्टेन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 51 रन देकर 7 बल्लेबाजों को पेवेलियन की राह दिखाई थी। दूसरी पारी में सचिन तेंदुलकर ने अपने करियर का 46वां शतक लगाकर फॉलोऑन खेलने को मजबूर भारतीय टीम को मुश्किल से उबारने का भरपूर प्रयास किया लेकिन इसके बावजूद मैच के चौथे दिन मंगलवार को भारतीय टीम के सभी बल्लेबाज 319 रनों पर पेवेलियन लौट गए। स्टेन ने दूसरी पारी में तीन विकेट लिए जबकि स्पिनर पॉल हैरिस को भी तीन सफलता मिली। वायने पार्नेल दो विकेट लेने में सफल रहे। दूसरी पारी में भारत के लिए तेंदुलकर के अलावा हरभजन सिंह (39), वृद्धिमान साहा (36) और जहीर खान (33) ने अंतिम वक्त में जोरदार संघर्ष किया लेकिन अपनी टीम की पारी की हार को टाल नहीं सके। दो मैचों की श्रृंखला में दक्षिण अफ्रीकी टीम 1-0 से आगे हो गई है। दूसरा टेस्ट मैच 14 फरवरी से कोलकाता में खेला जाना है। अपने करियर का पहला दोहरा शतक लगाने वाले अमला को 'मैन ऑफ द मैच' चुना गया।