नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कहा है कि पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा पिछड़े मुसलमानों के लिए 10 फीसदी आरक्षण देने की घोषणा का वही हश्र होगा जो आंध्र प्रदेश सरकार के आरक्षण संबंधी फैसले का हुआ। आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय ने मुस्लिम समुदाय को चार फीसदी आरक्षण देने के राज्य सरकार के फैसले को सोमवार को निरस्त कर दिया था। पश्चिम बंगाल सरकार ने आर्थिक, सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े मुसलमानों को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) में शामिल कर उन्हें नौकरियों में 10 फीसदी आरक्षण देने का फैसला किया था। इस बारे में पूछे जाने पर भाजपा प्रवक्ता राजीव प्रताप रुडी ने मंगलवार को कहा, "राज्य सरकार ने आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर यह निर्णय लिया है। कांग्रेस और वामपंथियों की राजनीति का केंद्र ही तुष्टिकरण है।" उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार के इस फैसले का भी वहीं हश्र होगा जो आंध्र प्रदेश सरकार के धर्म आधारित आरक्षण देने के फैसले का हुआ। देश में धर्म आधारित आरक्षण का पुरजोर विरोध होना चाहिए।
Posted by:
abid hussain
On:
February 09, 2010
क्यों ना आरक्षण ख़त्म कर दिया जाये या केवल आर्थिक स्तर पर इसे लागु कर दिया जाये ना जाट पात देखी और ना ही धर्म हम कब तक अपने राजनेतिक फायदों के लिए समाज में अलग अलग होने का जहर भरते रहेंगे
हमें इस देश के गरीब लोगो का हक उन तक पहुचाना हे और यकीं मानिये गरीब गरीब होता हे, बहुत परेशानिया हे गरीबी की बेरोजगारी की
सियासतदारो को उन्हें भी देखना होगा आरक्षण का पैमाना सियासती फायदा ना होकर वंचित वर्ग का स्तर होना चाहिए
कहा पहुचेंगे इस तरह से चल के