देवबंद।विख्यात इस्लामिक शिक्षण संस्था दारुल उलूम के मोहतमिम (कुलपति) मौलाना मरगुबूर्रहमान ने आज इन खबरों पर हैरत एवं दुख जताया कि उन्होंने मोहतमिम पद से त्यागपत्र दे दिया है अथवा मजलिस..ए..शुरा की बैठक में ऐसी कोई पेशकश की है। इस्लामिक विद्वान मौलाना मरगुबूर्रहमान ने बताया कि न तो उनसे किसी ने इस्तीफे की मांग की है और न ही वह इस्तीफा दे रहे है। 1982 में इस संस्था के मोहतमिम बने मौलाना मरगुबूर्रहमान निष्ठा एवं समर्पण भाव से 28 वर्षों से संस्था की लगातार सेवा कर रहे है। उन्होंने कहा कि काफी दिनों से उनका स्वास्थ्य खराब चल रहा है। इसके बावजूद वह संस्था के सभी जरुरी कार्य कर रहे है। उनके इस्तीफे की अफवाह फैलाने वालों को उन्होंने पागल करार दिया और कहा कि इसके पीछे किसी की क्या साजिश है। उन्होंने कहा कि वह संस्था की सेवा करते रहेंगे। ध्यान रहे सात और आठ फरवरी को दारुल उलूम की सर्वोच्च प्रबंध समिति की बैठक हुयी थी। बैठक के बाद समिति के एक सदस्य एवं सांसद मौलाना बदरुद्दीन अजमल ने उनके पास आकर उनसे कहा था कि उनके इस्तीफे की चर्चाएं सुनी जा रही है। इस पर पर उन्होंने ..मरगुबूर्रहमान.. ने हैरत जताई और कहा कि यह सच्च नहीं है।