इस्लामाबाद। पाकिस्तान भारत के बातचीत के प्रस्ताव पर सख्त रवैया अपनाने तथा कश्मीर सहित सभी विवादित मुद्दों के समाधान की समय सीमा तय करने की शर्त लगाने की तैयारी कर रहा है। पाकिस्तान के अखबार डेली टाइम्स की एक रिपोर्ट में राजनयिक सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि पाकिस्तान सरकार भारत के साथ बातचीत को ..परिणामोन्मुखी संवाद. बनाने के लिए पूरा प्रयास करेगी। सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान शांतिवार्ता की खुली प्रक्रिया में शामिल नहीं होना चाहता जो वर्षो वर्ष तक प्रमुख मुद्दों पर बिना किसी प्रगति के चलती रहे और फिर कई दशकों तक हमारे रिश्तों में गतिरोध बना रहे। उन्होंने कहा-हम सिर्फ बातचीत के इच्छुक नहीं है। हम चाहते है कि परिणामोन्मुखी बातचीत हो जिससे वास्तविक समस्याओं का समाधान निकले तथा शांति स्थापना में मदद मिले। सूत्रों ने कहा कि पाकिस्तान भारत से यह आश्वासन भी चाहेगा कि भारत सरकार किसी आतंकवादी हमले की दशा में शांति प्रक्रिया को एकतरफा स्थगित नहीं करेगी। सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान भारत के साथ सभी मुद्दों के समाधान के प्रति गंभीर है तथा बातचीत के प्रस्ताव पर गहन विचार मंथन करेंगा। कुछ राजनयिकों का मानना है कि भारत..शांति प्रक्रिया बहाल करने को लेकर गंभीर नहीं है और वह बढते विदेशी दबाव और अफगानिस्तान में उसके प्रभाव को कम होने के कारण बात करने को तैयार हुआ है। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने भारत में पदस्थ अपने उच्चायुक्त को स्वदेश बुलाया है और वह भारतीय राजनयिकों के साथ उनकी बैठकों को ब्यौरा देंगे।