Last Updated: 12:29:39 AM 14, Mar, 2010, Sunday
साइन इन   संपर्क करें
Find Books Fast 468x60
खबरे लगातार 12:29:55 AM 14, Mar, 2010, Sunday समाचार सेवाएँ डेस्कटॉप पर मोबाइल पर घर पर आर एस एस फीड
होम आज का अंक पिछले अंक      ब्लॉग्स
ताजा समाचार
    गंभीर पारी से जीते डेयरडेविल्स  
 आपका देशबन्धु
अन्य
कार्टून
इंटरव्यू
ई-पेपर
राशिफल
सहयोगी संस्थाएं
जनदर्शन
मायाराम सुरजन फ़ाउन्डेशन
देशबन्धु लाइब्रेरी
हाईवे चैनल
अक्षर पर्व
सेवाएँ
Jobs
Shopping
Matrimony
Web Hosting
समाचार     देश
  प्रिंट संस्‍करण     ईमेल करें   प्रतिक्रियाएं पढ़े     सर्वाधिक पढ़ी     सर्वाधिक प्रतिक्रियाएं मिली
केन्द्र और एनएससीएन-आईएम के बीच अप्रैल में वार्ता
(02:25:39 PM) 09, Feb, 2010, Tuesday

सुर्ख़ियो में
बरेली हिंसा की जांच करेगी भाजपा समिति : गडकरी
हैदराबाद दौरा बीच में छोड़ दिल्ली लौटे सिब्बल
बेकरी प्रबंधन और लोगों की लापरवाही भी जिम्मेदार : पुलिस
कानूनविदों ने सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय की आलोचना की
दो अप्रैल को प्रदर्शित होगी 'पंख'
दुर्घटना में नौसेना अधिकारी की मौत
कोरियाई छात्रा से छेड़छाड़ करने वाला कर्मचारी गिरफ्तार
लाहौर विस्फोट में हाथ से भारत का इनकार
राज्यसभा के लिए माकपा युवा चेहरों को लाएगी

गुवाहाटी। केंद्रीय गृह सचिव जी.के. पिल्लई ने मंगलवार को कहा कि एक साल के अंतराल के बाद केंद्र सरकार और अलगाववादी गुट नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालैंड के इसाक-मुइवा गुट (एनएससीएन-आईएम ) के बीच शांति वार्ता अप्रैल में फिर से शुरू होगी।
स्विट्जरलैंड के ज्युरिख में वर्ष 2009 में केंद्र सरकार और इस मुख्य अलगाववादी नागा समूह के बीच अंतिम शांति वार्ता हुई थी, जिसमें गतिरोध खत्म हो गया था।
केंद्र सरकार से इसाक चीशी स्वू और थिवंगलेंग मुइवा के नेतृत्व वाले एनएससीएन-आईएम समूह ने वर्ष 1997 में युद्धविराम की घोषणा की थी।
पिल्लई ने बताया, "मुइवा ने अगले दौर की बातचीत के लिए भारत सरकार का निमंत्रण स्वीकार कर लिया है। यह वार्ता अप्रैल में होगी।"
मुइवा अभी विदेश में डेरा डाले हुए हैं। एनएससीएन-आईएम ने उनके ठिकाने की जानकरी को गुप्त रखे हुए है।
मध्यस्त की भूमिका निभाने वाले के. पद्माभैया का देहांत होने के बाद सरकार जल्द ही नए वार्ताकार को नियुक्त करेंगी।
शांति कायम करने के लिए दोनों पक्षों के बीच वर्ष 1997 से अबतक कम से कम 50 दौर की बात-चीत हो चुकी है। भारत को आजादी मिलने के बाद सबसे लंबे चले इस उग्रवाद में अनुमानत: 25,000 लोगों की जाने जा चुकी हैं।
गृह सचिव ने बताया, "हम एक व्यापक समझौते की उम्मीद कर रहे हैं। राज्य में जारी अंतर गुटीय हिंसा और हत्याओं को रोकने के लिए नागा मंच की पहल से मैं खुश हूं।"

 
 
 
 
 
 
 
 
Home About us Sitemap /></td>
                <td width=Contact
Privacy Policy Terms & Conditions Disclaimer
Powered By: S W T G R O U P