गुवाहाटी। केंद्रीय गृह सचिव जी.के. पिल्लई ने मंगलवार को कहा कि एक साल के अंतराल के बाद केंद्र सरकार और अलगाववादी गुट नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालैंड के इसाक-मुइवा गुट (एनएससीएन-आईएम ) के बीच शांति वार्ता अप्रैल में फिर से शुरू होगी। स्विट्जरलैंड के ज्युरिख में वर्ष 2009 में केंद्र सरकार और इस मुख्य अलगाववादी नागा समूह के बीच अंतिम शांति वार्ता हुई थी, जिसमें गतिरोध खत्म हो गया था। केंद्र सरकार से इसाक चीशी स्वू और थिवंगलेंग मुइवा के नेतृत्व वाले एनएससीएन-आईएम समूह ने वर्ष 1997 में युद्धविराम की घोषणा की थी। पिल्लई ने बताया, "मुइवा ने अगले दौर की बातचीत के लिए भारत सरकार का निमंत्रण स्वीकार कर लिया है। यह वार्ता अप्रैल में होगी।" मुइवा अभी विदेश में डेरा डाले हुए हैं। एनएससीएन-आईएम ने उनके ठिकाने की जानकरी को गुप्त रखे हुए है। मध्यस्त की भूमिका निभाने वाले के. पद्माभैया का देहांत होने के बाद सरकार जल्द ही नए वार्ताकार को नियुक्त करेंगी। शांति कायम करने के लिए दोनों पक्षों के बीच वर्ष 1997 से अबतक कम से कम 50 दौर की बात-चीत हो चुकी है। भारत को आजादी मिलने के बाद सबसे लंबे चले इस उग्रवाद में अनुमानत: 25,000 लोगों की जाने जा चुकी हैं। गृह सचिव ने बताया, "हम एक व्यापक समझौते की उम्मीद कर रहे हैं। राज्य में जारी अंतर गुटीय हिंसा और हत्याओं को रोकने के लिए नागा मंच की पहल से मैं खुश हूं।"