Last Updated: 05:08:02 AM 17, Mar, 2010, Wednesday
साइन इन   संपर्क करें
Find Books Fast 468x60
खबरे लगातार 05:08:58 AM 17, Mar, 2010, Wednesday समाचार सेवाएँ डेस्कटॉप पर मोबाइल पर घर पर आर एस एस फीड
होम आज का अंक पिछले अंक      ब्लॉग्स
ताजा समाचार
    गांगुली से सुपर साबित हुए धोनी,नाइट राइडर्स का विजय रथ थमा    दो हजार की आबादी पर खुलेगा नया बैंक    इसरो में गोलीबारी के बाद 2 व्यक्तियों की तलाश     जयललिता के खिलाफ सुनवाई रुकी   
 आपका देशबन्धु
अन्य
कार्टून
इंटरव्यू
ई-पेपर
राशिफल
सहयोगी संस्थाएं
जनदर्शन
मायाराम सुरजन फ़ाउन्डेशन
देशबन्धु लाइब्रेरी
हाईवे चैनल
अक्षर पर्व
सेवाएँ
Jobs
Shopping
Matrimony
Web Hosting
समाचार     प्रमुख समाचार
  प्रिंट संस्‍करण     ईमेल करें   प्रतिक्रियाएं पढ़े     सर्वाधिक पढ़ी     सर्वाधिक प्रतिक्रियाएं मिली
'केंद्र ने उड़ीसा में खदान संबंधी खतरों को किया नजरंदाज'
(01:57:13 PM) 09, Feb, 2010, Tuesday

सुर्ख़ियो में
दो हजार की आबादी पर खुलेगा नया बैंक
इसरो में गोलीबारी के बाद 2 व्यक्तियों की तलाश
जयललिता के खिलाफ सुनवाई रुकी
गांगुली से सुपर साबित हुए धोनी
श्रीनगर और सोपोर में आतंकवादी हमला, 3 मरे, 8 घायल
जनवितरण प्रणाली में व्याप्त भ्रष्टाचार कैंसर के समान
फर्नाडीस को अमेरिका ले जाने की इजाजत नहीं
गडकरी की टीम में छत्तीसगढ़ के दो सम्पादक भी
कैलिस के पराक्रम जीते चैलेंजर्स

नई दिल्ली। अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार संस्था एमनेस्टी इंटरनेशनल की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत सरकार ने ब्रिटेन की नामी खदान कंपनी वेदांता की उड़ीसा स्थित एल्युमिनियम रिफाइनरी से स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले गंभीर खतरे की पर्याप्त जानकारी मुहैया नहीं कराई।
मंगलवार को जारी इस रिपोर्ट में रिफाइनरी की वजह से स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य संबंधी खतरों का जिक्र है।
दक्षिण एशिया में एमनेस्टी इंटरनेशनल के शोधकर्ता रमेश गोपालकृष्णन ने कहा, "लोग यहां प्रदूषित हवा में सांस ले रहे हैं और इलाके में पानी के मुख्य स्रोत नदी के जल का इस्तेमाल करने से डरने लगे हैं। "
उन्होंने कहा है कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस संयंत्र से प्रभावित लोगों को भ्रमित किया गया। स्थानीय लोगों में आदिवासी, दलित और समाज के अन्य वंचित वर्ग हैं, ये बताते हैं कि इनसे प्रशासन ने कहा कि रिफाइनरी से यह इलाका मुंबई या दुबई की तरह विकसित हो जाएगा।
गोपालकृष्णन के अनुसार, उड़ीसा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड लांजीगढ़ में वेदांता एल्युमिनियम रिफाइनरी से होने वाले वायु और जल प्रदूषण से संबंधित जानकारियों को इकट्ठा कर चुका है। यहां प्रदूषित वायु और जल से स्वास्थ्य संबंधी खतरे की बात साफ होने के बावजूद स्वास्थ्य निगरानी तंत्र नहीं है।
एक स्थानीय आदिवासी महिला के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि हम नदी में नहाते थे लेकिन अब अपने बच्चों को वहां ले जाने से डरते हैं क्योंकि मेरे दोनों बच्चों के शरीर पर चकत्ते और फफोले पड़ गए थे।
गोपालकृष्णन के मुताबिक, इस खतरे के बावजूद रिफाइनरी के छह गुने विस्तार की योजना है।
उन्होंने कहा कि उड़ीसा खनन निगम और वेदांता की खनन संबंधी दूसरी इकाई की पास के नियामगिरी पहाड़ियों में बाक्साइट के खनन की भी योजना है। इससे डोंगरिया खोंड जनजाति का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा।
यह रिपोर्ट अगस्त 2008 से सितंबर 2009 के बीच किए गए शोध पर आधारित है।

 
 
 
 
 
 
 
 
Home About us Sitemap /></td>
                <td width=Contact
Privacy Policy Terms & Conditions Disclaimer
Powered By: S W T G R O U P