| Last Updated: 02:40:34 AM 12, Mar, 2010, Friday |
|
 |
 |
|
|
|
|
|
आपका देशबन्धु |
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
 |
|
अन्य |
|
|
|
|
|
सहयोगी संस्थाएं |
|
|
|
|
सेवाएँ |
|
|
|
|
|
|
| समाचार |
प्रिंट संस्करण
ईमेल करें
प्रतिक्रियाएं पढ़े
सर्वाधिक पढ़ी
सर्वाधिक प्रतिक्रियाएं मिली |
| मलेशिया में जुटे 17 लाख हिंदू श्रद्धालु |
| (03:28:51 PM) 01, Feb, 2010, Monday |
|

कुआलालंपुर , 1 फरवरी । मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर के निकट बाटु केव्स स्थित भगवान सुब्रमण्यम के मंदिर में हर साल मनाए जाने वाले थाइपुसम त्योहार के लिए सोमवार को 17 लाख से ज्यादा श्रद्धालु उमड़ पड़े।
भक्तों और पर्यटकों की भीड़ रात से ही जुटनी शुरू हो गई थी क्योंकि भगवान सुब्रमण्यम की रथ यात्रा रविवार शाम चार बजे बाटु केव्स से निकली। यह यात्रा मरियम्मन मंदिर तक जाएगी। यहीं इस त्योहार का समापन होगा।
'न्यू स्ट्रेट्स टाइम्स' के मुताबिक, करीब 10 हजार भक्त चांदी से बने रथ के पीछे पैदल चले।
श्री महा मरियम्मन देवस्थानम कार्य समिति के प्रमुख एन. सिवाकुमार ने कहा कि पिछले साल थाइपुसम एक सप्ताह तक मनाया गया था। जरूरत पड़ने पर मंदिर प्रशासन इस साल त्योहार को सोमवार के बाद तक भी मनाने के लिए तैयार है।
उन्होंने कहा कि लोगों को उत्साह को देखकर लगता है कि इस साल यहां आने वालों की संख्या 20 लाख के आंकड़े को पार सकती है।
मलेशिया में विभिन्न धर्मो के लोग रहते हैं। यहां करीब 19 लाख भारतीय हैं। ये ब्रिटिश काल के समय यहां आकर बस गए थे। इनमें सबसे ज्यादा संख्या तमिल हिंदुओं की है। इसके अलावा काफी संख्या में सिख और ईसाई भी यहां रहते हैं।
मलेशिया के प्रधानमंत्री नजीब तुन रज्जाक अपनी पत्नी और कैबिनेट के प्रमुख सहयोगियों के साथ इस समारोह में शामिल हुए। उन्होंने ऐसे समारोहों के आयोजन पर बल देते हुए कहा कि भले ही यहां मुस्लिमों की आबादी सबसे ज्यादा है लेकिन ऐसे त्योहारों से आपसी सद्भाव बढ़ता है।
|
|
|
| Posted by:
sulekh |
On:
February 06, 2010 |
वैरी गुड
|
| Posted by:
sulekh |
On:
February 09, 2010 |
वैरी गुड थैंक्स
|
|
|
| |
|
| |
|
| |
| |
|
|
|
|
| |
|
|
|
|
| |
|