राज्यों के मुख्य सचिवों के दो दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए सिंह ने कहा, "कानून का शासन सुनिश्चित करना किसी भी सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके अलावा तीव्र आर्थिक विकास के लिए शांति और सांप्रदायिक सौहार्द का वातावरण भी पहली शर्त है।"
अपनी तरह के इस पहले सम्मेलन का उद्देश्य राज्यों और केंद्र शासित क्षेत्रों के बीच संवाद की प्रक्रिया शुरू करना और आंतरिक मामलों पर चर्चा के लिए एक मंच उपलब्ध कराना है।
प्रधानमंत्री ने कहा, "कानून और व्यवस्था तंत्र को सुरक्षा के प्रमुख खतरों और उनके प्रभावों के बारे में संवेदनशील बनना होगा। आतंकवाद, उग्रवाद और चरमपंथ से कड़ाई मगर संवेदनशीलता से निपटने की जरूरत है।"
सिंह ने कहा, "आपको केवल स्थानीय और क्षेत्रीय घटनाओं की ही नहीं वरन पूरे भारत और सीमा पार की घटनाओं की भी जानकारी होनी चाहिए।"
सम्मेलन में प्रौद्योगिकी के नए तरीकों, उभरती वैश्विक चुनौतियों और संभावनाओं, प्रमुख सुरक्षा चिंताओं और राज्य सरकारों की भूमिका तथा वैश्विक घटनाक्रमों पर चर्चा होगी।