नई दिल्ली। दिल्ली नगर निगम द्वारा अवैध मोबाइल टावरों के मामले पर सख्त रूख अख्तियार करने के बाद मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने कहा है कि यहां अवैध तरीके से लगाए गए मोबाइल टावरों पर निगम कार्रवाई जरूर करे, लेकिन उसे उपभोक्ताओं को होने वाली परेशानी को भी ध्यान में रखना होगा। उन्होंने कहा है कि निगम की कार्रवाई से उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। साथ ही स्थानीय निकायों को इस मामले पर आपसी सहमति बनाए जाने केबाद ही अंतिम निर्णय लेना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले की जांच मुख्य सचिव राकेश मेहता ने भी की थी और इसका समाधान निकालने के लिए स्थानीय निकायों को आदेश दिए थे। आज नगर निगम ने कहा है कि वह नई मोबाइल टावर नीति को अंतिम रूप मंगलवार को देगा। उन्होंने कहा कि नगर निगम 15 दिनों के भीतर उन सभी मोबाइल कंपनियों पर कार्रवाई करे, जिसने अवैध तरीके से टावरों को लगाया है। इस समय दिल्ली में करीब 2517 अवैध मोबाइल टावर लगे हैं। उन्होंने कहा है कि निगम इन टावरों पर कार्रवाई करे, लेकिन नोएडा की तरह नेटवर्क की समस्या को ध्यान में रखना भी उचित है।
|