बिलासपुर ! जिला पंचायत के 14 सदस्यों को पार्टी कार्यालय में एक साथ पेश कर भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस नेताओं के दावों की हवा निकाल दी है। मरवाही तथा कोटा से निर्वाचित दो सदस्यों जिन्हें कांग्रेस समर्थित बताया जा रहा था ने भी आज भाजपा कार्यालय में उपस्थित हो भाजपा के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष प्रत्याशी को समर्थन देने की घोषणा कर दी जिले के प्रभारी मंत्री अमर अग्रवाल ने इस मौके पर कहा कि जिला पंचायत में अध्यक्ष व उपाध्यक्ष भाजपा का ही होगा।
जिला भाजपा कार्यालय में आज दोपहर पार्टी के 9 नवनिर्वाचित जिला पंचायत सदस्यों के साथ ही पार्टी प्रत्याशी घोषित नही किए जाने पर बागी होकर चुनाव जीते तीनों सदस्य तो उपस्थित थे ही, कोटा व मरवाही से चुनाव जीत कर आए दीपक रजक और प्रताप भानु की उपस्थिति ने सबको चौका दिया क्योंकि इन दोनों को कांग्रेस अपना सदस्य मान रही थी। तरह तरह भाजपा नेताओं ने जिला पंचायत के 23 में से 14 सदस्यों को पार्टी कार्यालय में एक साथ खड़ा करके जिला पंचायत के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के चुनाव को लेकर चल रहे अटकलबाजियों पर विराम लगा दिया और यह बता दिया कि बहुमत जुटाने के लिए 12 सदस्य होने चाहिए मगर भाजपा के पास 14 सदस्य है। अब संस्पेस अगर बाकी रह गया है तो वह है अध्यक्ष उपाध्यक्ष के लिए प्रत्याशी का चयन। अंजना मुलकलवार और अंजू राजपूत में से कौन होगा प्रत्याशी इस प्रश् को भाजपा के नेता शायद 21 फरवरी तक बनाए रखेंगे। भाजपा नेताओं द्वारा 14 सदस्यों को लामबंद करने के बाद कांग्रेस नेताओं के दावे की पोल खुल गई है।
कल तक कुछ कांग्रेस नेता 13 सदस्य साथ में होने का दावा कर रहे थे मगर अब सिर्फ 9 सदस्य बच जाते हैं जिसमें दो तो बसपा के हैं शेष 7 में कांग्रेस के 3 बाकी सदस्य है। भाजपा ने 14 सदस्यों की एकजूटता दिखाकर बाजी मार ली है और इस तरह जिला पंचायत में अध्यक्ष उपाध्यक्ष बनाने के लिए भाजपा का रास्ता पूरी तरह आसान दिखाई दे रहा है। हो सकता है अध्यक्ष प्रत्याशी घोषित होने के बाद एक दो सदस्य इधर से उधर हो जाएं इसके बाद भी भाजपा को कोई फर्क नही पड़ने वाला क्योंकि प्रत्याशी नही बनाए जाने का विरोध करते हुए कांग्रेस के दो बागी सदस्यों ने अपनी मर्जी से मतदान करने की घोषणा कर दी है। ऐसे में भाजपा के अध्यक्ष प्रत्याशी को 16 सदस्यों का यदि समर्थन मिल जाता है तो आश्चर्य नही होगा।
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