बिलासपुर ! शहर में चल रहीं अण्डरग्राउण्ड सीवर प्रोजेक्ट पर आम जनता को इससे जुड़ी सभी पहलुआें पर महापौर वाणीराव के समक्ष सम्बिंधत कंपनी सिरपलेक्स और मेनहार्ट के इंजिनीयरों ने प्रस्तुति दीं। कंपनी के इंजिनीयरों से सवाल-जवाब किया गया। पाइप की क्वालिटी पर शहर के पाइप निर्माताओं ने आपत्ति दर्ज करवाई तो किसी ने खुदाई कार्य से होने वाली परेशानियों को रखा, किसी ने दोनों कंपनी के मानिटरिंग पर सवाल उठाएं।
पंडित देवकीनंदन दीक्षित सभागृह में सोमवार की शाम 5 बजे से अण्डर ग्राउण्ड सीवर से जुड़ी सभी पहलुओं पर एक कार्यशाला का आयोजन रखा गया था। इस कार्यालय का प्रमुख उद्देश्य अण्डर ग्राउण्ड सीवर और ट्रीटमेंन्ट प्लाण्ट से शहर और यहां के वासियों को क्या मिलेगा।
सीवर लाइन से जुड़ी कार्यशाला में सिम्पेलक्स इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमि.पी.शंकर और कंसल्टेंट मेनहार्ट सिंगापुर के विकास जायसवाल, मो.युनुस ने कंपनी के सम्बंध में जानकारी दीं। उन्होंने सभाकक्ष में बैठे महापौर वाणीराव ,एमआईसी सदस्यों और डाक्टर, वकील,निगम के ठेकेदारों के समक्ष अण्डर ग्राउण्ड सीवरेज लाइन और ट्रीटमेंट प्लाण्ट पर जानकारी देते हुए बताय कि घरों से निकलने वाले दूषित जल को अण्डर ग्राउण्ड पाइप से जोड़कर ग्राम दो मुहानी और चिल्हाटी से जोड़ा जाएगा। सीवर कार्य को दो जोन में बांटकरक कार्य किया जा रहा है।
कंपनी के इंजिनीयरों ने कंपनी के कार्यप्रणाली और अब तक चेन्नई, कोलकाता, जबलपुर और हैदराबाद के कार्य करना बताया इसी तरह अन्य स्माल सिटी में कार्य करने की बात बताई गई। यहीं पर से विवाद शुरू हुआ सभाकक्ष में बैठे कांग्रेसियों ने कहा कि हम कंपनी का भविष्यवाणी सुनने-जानने नही आए है। शहर में आप क्या कर रहे है, इसकी जानकारी दें। उसके बाद तो वहां सभी ने दनादन सवाल दागने शुरू कर दिए एक पाइप लाइन के ठेकेदार ने आ कालोनी के समीप पाइप डाली गई है,इसके गुणवत्ता पर प्रश् चिन्ह लगाते हुए पूछा कि,क्या जो पाइप बिछाए जा रहे है, वें आईएसआई मार्क के है या नहीं। इस पर कंपनी के इंजिनीयरों ने गतौरी पर खुद का पाइप बनाने की जानकारी दी और बताया कि समझौता में आईएसआई मार्क के पाइप को गाइड लाइन नहीं है। यहीं पर फिर माहौल गरमा गया । एक ने सवाल पूछा कि सिम्पलेक्स कंपनी और मेनहार्ट जबलपुर में अण्डरग्राउण्ड सीवर में पार्टनरशीप है इसका जवाब न होने पर कंपनी के इंजिनीयरों की जमकर खिचाई हुई। लोगों का कहना था कि जबलपुर में दोनों पार्टनर के तहत कार्य कर रहें है, ऐसे में कंसल्टेंट मेनहार्ट दबावपूर्वक सिम्पलेक्स से कैसे कार्य ले सकेगी। यहीं पर प्रस्तुति दे रहे इंजीनियर और सभा कक्ष में सवाल पूछ रहे के बीच तू-तू मैं-मैं पर उतारू हो गए। माहौल गरमाता देख कांग्रेस नेता अटल श्रीवास्तव के बीच-बचाव करना पड़ा। उसके सभाकक्ष मछली बाजार होकर रह गया जिसे बोलने का मौका नहीं मिला वे उठकर वहां से चले गए।
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