रायपुर ! कृषि सचिव बीएल अग्रवाल और उनके परिजनों के घर से मिले कागजात की आयकर टीम सूक्ष्मता से जांच कर रही है। वहीं उनके घर से मिले बैंक लॉकरों की चाबी में से यूनियन बैंक समता कॉलोनी व एक अन्य बैंक के लॉकर खोले गए। कृषि सचिव बीएल अग्रवाल के घर की गई छापे की कार्रवाई में आयकर सूत्र बताते हैं कि दस्तावेजों के आधार उनके पास करोड़ों की सम्पत्ति होने का अनुमान है। सीए सुनील अग्रवाल के घर मिले फर्जी बैंक खातों में जमा रकम के संबंध में पूछताछ जारी है। आयकर टीम ने इस बात का जवाब खोज रहे हैं कि आखिर बीएल अग्रवाल व उनके सीए के घर से उनके परिजनों के व्यवसाय संबंधी कागजात मिलने का कारण क्या है। इधर बीएल अग्रवाल ने अपने चार्टर्ड एकाउंटेंट सुनील अग्रवाल के बयान संबंधी पूछे गये सवाल पर उन्होंने कहा सुनील ने एक शपथ पत्र दिया है। शपथ पत्र में सुनील ने कहा है किआयकर विभाग ने दबाव पूर्वक मुझसे बयान लिया है। इसका मैं शपथ पूर्वक खंडन करता हूं।राज्य शासन द्वारा अनुमति दिए जाने के बाद आज मंत्रालय स्थित अपने कक्ष में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कृषि सचिव बी.एल. अग्रवाल ने कहा है कि मेरे परिवार के नाम से कोई अघोषित आय या संपत्ति बरामद नहीं हुई। मेरे माता-पिता एवं भाइयों का अलग व्यापार है। छापे की कार्रवाई को परिवार के दूसरे सदस्यों के साथ जोड़कर देखना सर्वथा गलत एवं अवैधानिक है। करोड़ों की संपत्ति मिलने की चर्चा के सवाल के जवाब में उन्होंने कहा- मेरी पारिवारिक पृष्ठभूमि को सभी जानते हैं। मेरी रूचि सर्वथा पढ़ाई में रही है। इसी वजह से व्यापार छोड़कर निष्ठापूर्वक नौकरी कर रहा हूं। ऐसा कोई कार्य नहीं किया है जिससे अवैध संपत्ति का अर्जन किया जा सके। कृषि सचिव अग्रवाल ने कहा कि मैं सारी वस्तुस्थिति से आईएएस एसोसिएशन सहित मुख्य सचिव पी. जॉय उमेन तथा मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के प्रमुख सचिव को सम्पूर्ण दस्तावेज के साथ अवगत करा चुका हूं। उन्होंने दावे के साथ कहा कि अगर मेरी संपत्ति घोषित आय से अधिक हुई तो इसका दण्ड भुगतने के लिए तैयार हूं। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा- गलत जानकारी देने वालों अथवा प्रकाशित करने वालों पर मैंने मानहानि का दावा किये जाने का मन बनाया है। इस पर कानूनी सलाह ली जा रही है। चल-अचल संपत्ति संबंधी पूछे गये सवाल के जवाब में उन्होंने कहा सामान्य प्रशासन विभाग के सरकुलर के अनुसार मैं प्रतिवर्ष अपनी चल-अचल संपत्ति का ब्यौरा शासन को देते रहा हूं। नगद रकम, सोना-चांदी के आभूषणों सहित लॉकर्स एवं बैंक खातों की संपूर्ण जानकारी आयकर विभाग को पहले से ही देने की बात उन्होंने कही हैं। ज्ञात हो कि आयकर विभाग की अन्वेषण शाखा का हवाला देकर लगातार इस तरह के समाचार आ रहे हैं कि बीएल अग्रवाल के सीए सुनील अग्रवाल ने 50 लाख की अघोषित आय स्वीकार की है। सीए के पास से 23 लाख रुपये नगद मिले हैं। आयकर विभाग के छापे के दौरान 220 पासबुक के खातेदारों संबंधी बातें भी सामने आने की चर्चा है। ये खबरें भी जोर पकड़ी हुई हैं कि स्वास्थ सचिव के मजदूरों और घरेलू काम करने वालों के नाम पर भी खाते हैं। अग्रवाल परिवार ने करोड़ों रुपये निवेश में फंसाये हैं। उपरोक्त तथ्यों के संबंध में पूछे गये सवाल पर अग्रवाल ने कहा कि इस तरह की कोई जानकारी मुझे नहीं है। न ही मैंने कोई खाता मजदूरों और काम करने के वालों के नाम पर खुलवाया है।
मैं सारी वस्तुस्थिति से आईएएस एसोसिएशन सहित मुख्य सचिव पी. जॉय उमेन तथा मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के प्रमुख सचिव को सम्पूर्ण दस्तावेज के साथ अवगत करा चुका हूं। उन्होंने दावे के साथ कहा कि अगर मेरी संपत्ति घोषित आय से अधिक हुई तो इसका दण्ड भुगतने के लिए तैयार हूं।