बड़े सिर व छोटे हाथ पैर के बालक को लेकर चिंतित है परिजन जांजगीर ! जिले के नवागढ़ विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम पंचायत गोधना निवासी शिव कुमार व उनकी पत्नि लीला बाई अपने तीन वर्षीय बच्चे को लेकर बेहद परेशान हो चले है कारण बच्चा अनुराग का पूरा शरीर बढ़ने के बजाय केवल उसका सिर बढ़ रहा है जहा हालात यह है कि बच्चे का सिर आकार में भारी और बाकी हिस्सा अपेक्षाकृत छोटी और सुस्त हो गयी है। बालक को लेकर उसके माता-पिता 6 फरवरी को जिला मुख्यालय पहुंचे जहां डाक्टरों ने प्रारंभिक जांच के बाद दंपत्ति को आश्वस्त किया है कि उच्चस्तर पर कार्यवाही पश्चात बालक का ईलाज किया जायेगा। विदित हो कि मजदूर परिवार से संबंध रखने वाले शिव कुमार व उनकी धर्मपत्नि लीला बाई का तीन साल पहले नार्मल डिलवरी से एक बच्चे का जन्म हुआ जहां बालक अपने जन्म के चार माह तक ठीक-ठाक बढ़ता रहा मगर उसके बाद उसके शरीर का विकास बेडौल ढंग से होने लगा आज तीन साल बाद बालक अनुराग की दशा यह है कि उसका सिर काफी बड़ा हो गया है जिससे ऐसा लगता है कि उसकी उम्र 8 से 10 साल की होगी किंतु दूसरे ही क्षण उसके शरीर के अन्य अंगो पर ध्यान देने से पता चलता है कि उसके अंग तीन साल के बच्चे से भी कम दिखाई दे रही है तब पता चलता है कि इस बालक को कोई गंभीर बीमारी लगी है जिसे डाक्टरों की भाषा में हाइड्रोसिफलस कहा जाता है। यह बीमारी जन्मजात होती है जिसमें सिर में बनने वाली पानी सकुर्लेट नहीं हो पाती और सिर का आकार बढ़ने लगता है। एक अनुमान के मुताबिक इस तरह से बीमारी हजारों में मुश्किल से एक को होती है। तीन वर्ष की उम्र में अनुराग जिस तरह से दिखाई देता है उसे देख अन्य बच्चे भयभीत हो जाते है जिससे उसे कही लेकर जाने में उसके माता-पिता को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है मगर कहा जाता है कि इस दुनिया में औलाद से बढ़कर माता-पिता के लिए और कोई नहीं होता अब अनुराग के माता-पिता इसी आश में है कि शासन अपने स्तर पर पहल कर उसके बच्चे का ईलाज कराये। हालांकि पामगढ़ विधानसभा क्षेत्र के विधायक दूजराम बौध्द ने इस दंपत्ति को एक पत्र लिखकर जिला मुख्यालय भेजा जहां डाक्टर पी.के.नरूला ने बालक अनुराग का जांच पड़ताल कर इसका इलाज जिला चिकित्सालय में संभव नहीं है इसका इलाज अपोलो जैसे सर्वसुविधायुक्त हास्पिटल में संभव होगा। बालक के ईलाज में आने वाले खर्च का विवरण बनाने सिविल सर्जन कार्यालय से एक पत्र सिम्स को लिखा गया। जिसके बाद मुख्यमंत्री सहायता कोष से बालक का ईलाज संभव हो सकेगा। बहरहाल माता-पिता अपने बालक के ईलाज संबंधी आश्वासन के बाद अपने ग्राम वापस लौट गये है अब देखना यह है कि शासन की संवेदना इस बालक के प्रति कब रंग दिखाती है। महंगी आपरेशन से संभव है इलाज- डा. यूसी शर्मा हाइड्रोसिफलस से ग्रसित तीन वर्षीय बालक अनुराग के गंभीर बीमारी को लेकर जब डाक्टरों से देशबन्धु ने चर्चा की तो एम.डी. डा.उमेशचन्द्र शर्मा ने बताया कि बच्चे के सिर में मस्तिष्क के भीतर पानी भर गया है जिसके चलते सिर का आकार बढ़ रहा है और मस्तिष्क के भीतर उपस्थित तंत्रिकाएं पानी के दबाव के चलते काम करना बंद कर दी है जिस वजह से बालक संवेदनाहीन हो गया है। यह एक जटिल आपरेशन के द्वारा ठीक हो सकेगी जिसमें लागत काफी अधिक आती है।