नई दिल्ली काबुल ! अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में भारतीय दूतावास पर अरत्मघाती हमले के पीछे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई का हाथ होने की आशंका जताई जा रही है। मीडिया रिपोर्टो के अनुसार पिछले साल जुलाई में भारतीय दूतावास पर जो हमला हुआ था वह आईएसआई ने ही कराया था औरा इस बार भी हमले की साजिश आईएसआई ने ही रची है। सूत्रों के अनुसार गुरूवार को भारतीय दूतावास पर जो हमला किया गया वो जुलाई 2008 में हुए हमले के जैसा ही था। इससे साफ संकेत मिलते हैं कि ताजा हमले के पीछे भी आईएसआई का ही हाथ है। बताया जा रहा है कि हालांकि, हमले की जिम्मेदारी तालिबान ने ली है, लेकिन यह आईएसआई को बचाने की कोशिश है। मीडिया में आ रही खबरों के अनुसार आईएसआई को बचाने और जांच एजेंसियों का भटकाने के लिए तालिबान ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। इस बीच भारतीय विदेश सचिव निरूपमा राव आज काबुल पहुंच गई हैं। निरूपमा राव हमले के बाद के हालात का जायजा लेंगी और इसके साथ ही अफगानिस्तान के नेताओं के साथ इस मुद्दे पर चर्चा भी करेंगी। इस दौरान भारतीय विदेश सचिव निरूपमा राव अफगानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करजई से भी मुलाकात कर सकती हैं। इसके अलावा वो भारतीय दूतावास जाकर वहां की सुरक्षा व्यवस्था और हमले से हुए नुकसान का जायजा भी लेंगी। उल्लेखनीय है कि गुरूवार को भारतीय दूतावास को निशाना बनाकर एक जबरदस्त आत्मघाती हमला किया गया था। हमले में 17 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई घायल हुए। हालांकि, धमाके में किसी भारतीय की जान नहीं गई थी, लेकिन इससे भारतीय दूतावास की इमारत को नुकसान पहुंचा था। आतंकी संगठन तालिबान ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। भारत ने राजदूत जयंत प्रसाद ने इस हमले की तुलना पिछले साल जुलाई में हुए हमले से की थी, जिसमें 44 लोग मारे गए थे।