नई दिल्ली ! पाकिस्तानी इंटेलिजेंस एजेंसी आईएसआई की शह पर भारत में पहुंचाए जा रहे जाली नोट के धंधे की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ती जा रही है, इसमें सनसनीखेज खुलासे सामने आ रहे हैं। सबसे चौंकाने वाली जो बात सामने आई है वह यह कि इस घोटाले के तार अंडरवर्ल्ड सरगना दाऊद इब्राहीम से लेकर नेपाल के पूर्व राजकुमार पारस तक पहुंच रहे हैं। न्यूज चैनल च्टाइम्स नाउ पर प्रसारित खबर मुताबिक ये अहम जानकारी उन दो नेपाली नागरिकों से हुई पूछताछ से सामने आई है जिन्हें मध्यप्रदेश एटीएस (एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड)ने जाली नोटों की तस्करी करते हुए पकड़ा है। इन दोनों ने नेपाल के एक प्रमुख मंत्री के बेटे यूनुस अंसारी का नाम लिया जो इनके मुताबिक नेपाल के पूर्व राजा ज्ञानेंद्र के बेटे पारस और अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहीम के बीच कड़ी का काम करता है और इन दोनों के सहयोग से भारत में जाली नोटों के रैकेट को आगे बढ़ाता है। खबर के मुताबिक दाऊद जाली नोटों की प्रिंटिंग का काम देखता है जबकि पारस पर इसके सही जगह पहुंचने का इंतजाम करने की जिम्मेदारी है। पारस अपने प्रभाव के सहारे यह सुनिश्चित करता था कि नोट बगैर किसी बाधा के नेपाल-भारत सीमा के पार पहुंच जाए। नेपाल के पूर्व राजकुमार पारस ने फिलहाल सिंगापुर में शरण ले रखी है।